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हे मां मेरा क्या कसूर...कूड़े के ढेर में ही फेंकना था तो फिर पैदा ही क्यों किया

2 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | कैथवाड़ा/भरतपुर

कचरे में ढेर में पड़ी नवजात बालिका की आवाज सुनकर अचानक एक राहगीर के पैर िठठक गए। उसे पहले विश्वास ही नहीं हुआ कि कचरे के ढेर में कोई बच्चा हो सकता है, लेकिन जब आवाज लगातार आई तो उसने उत्सुकुतावश झाड़ियों में देखा। एक नन्हीं सी बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। व्यक्ति को वहां रुका देखकर दूसरे लोग भी वहां रुक गए और कैथवाडा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। नवजात बच्चे को मरने को छोड़ देने वाली यह पहली घटना नहीं है। कुदरत के रहम पर पड़ी इस बच्ची को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

जिले के कैथवाड़ा कस्बे में मंगलवार सुबह कोई अज्ञात बेरहम दिल व्यक्ति एक मासूम नवजात बच्ची लावारिस हालत कचरे के ढेर पर पटक गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने जब नवजात के रोने की आवाज सुनी तो कचरे के ढेर में एक नवजात बच्ची पड़ा पाया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना कैथवाड़ा पुलिस थाना को दी। पुलिस बच्ची को कब्जे में लेकर तत्काल सीकरी अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन हालात ज्यादा गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने बच्ची को भरतपुर के जनाना अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। साथ ही घटना के बारे में चाइल्ड लाइन को सूचित किया। चाइल्ड लाइन से बच्ची के बारे में बाल कल्याण समिति को सूचना दी। इस पर समिति की सदस्य प्रज्ञा मिश्रा के आदेश पर चाइल्ड लाइन ने बच्ची को जिला जनाना अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया है जहां डॉक्टर हिमांशु बच्ची का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची को सांस लेने में दिक्कत है इसलिए उसे ऑक्सीजन लगाई गई है। साथ ही उसे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची करीब 8 माह की है। उसकी हालत नाजुक है। इधर चाइल्ड लाइन ने बच्ची को कूड़े में फेंकने को लेकर कैथवाड़ा थाने में मामला दर्ज करवा दिया है।

जनाना अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात बालिका।

भास्कर संवाददाता | कैथवाड़ा/भरतपुर

कचरे में ढेर में पड़ी नवजात बालिका की आवाज सुनकर अचानक एक राहगीर के पैर िठठक गए। उसे पहले विश्वास ही नहीं हुआ कि कचरे के ढेर में कोई बच्चा हो सकता है, लेकिन जब आवाज लगातार आई तो उसने उत्सुकुतावश झाड़ियों में देखा। एक नन्हीं सी बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। व्यक्ति को वहां रुका देखकर दूसरे लोग भी वहां रुक गए और कैथवाडा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। नवजात बच्चे को मरने को छोड़ देने वाली यह पहली घटना नहीं है। कुदरत के रहम पर पड़ी इस बच्ची को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

जिले के कैथवाड़ा कस्बे में मंगलवार सुबह कोई अज्ञात बेरहम दिल व्यक्ति एक मासूम नवजात बच्ची लावारिस हालत कचरे के ढेर पर पटक गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने जब नवजात के रोने की आवाज सुनी तो कचरे के ढेर में एक नवजात बच्ची पड़ा पाया। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना कैथवाड़ा पुलिस थाना को दी। पुलिस बच्ची को कब्जे में लेकर तत्काल सीकरी अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन हालात ज्यादा गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने बच्ची को भरतपुर के जनाना अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। साथ ही घटना के बारे में चाइल्ड लाइन को सूचित किया। चाइल्ड लाइन से बच्ची के बारे में बाल कल्याण समिति को सूचना दी। इस पर समिति की सदस्य प्रज्ञा मिश्रा के आदेश पर चाइल्ड लाइन ने बच्ची को जिला जनाना अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया है जहां डॉक्टर हिमांशु बच्ची का उपचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची को सांस लेने में दिक्कत है इसलिए उसे ऑक्सीजन लगाई गई है। साथ ही उसे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि बच्ची करीब 8 माह की है। उसकी हालत नाजुक है। इधर चाइल्ड लाइन ने बच्ची को कूड़े में फेंकने को लेकर कैथवाड़ा थाने में मामला दर्ज करवा दिया है।

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