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विदेशी जर्मन महिला को गौ सेवा करने पर भारत सरकार देगी पद्म श्री सम्मान

4 वर्ष पहले
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किराये की जमीन पर घायल गोवंश की सेवा कर रही है सुदेवी दासी

गोवर्धन | योगीराज भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली राधाकुंड धाम में विगत 40 साल से गोसेवा कर रही सुदेवी दासी को भारत सरकार ने पद्मश्री एवार्ड से विभूषित करने का फैसला लिया है। वहीं पद्मश्री एवार्ड की घोषणा पर गौ सेविका सरकार के इस फैसले से काफी खुश नजर आ रही है। पद्मश्री घोषणा के बाद स्थानीय लोग भी गौशाला पहुंचकर उन्हें पटुका पहनाकर सम्मानित कर गोसेवा करने की प्रेरणा ले रहे है।

भगवान कृष्ण की क्रीड़ा स्थली गोवर्धन के राधाकुंड में जर्मन मूल की विदेशी महिला सुदेवी दासी विगत 40 वर्षों से घायल, बीमार व असहाय गोवंश की सेवा कर रही है। सुदेवी दासी की सुरभि नामक गौशाला में लगभग 1800 सौ के करीब गाय है। जिनमें से ज्यादातर गाय किसी न किसी रोग से ग्रसित हैं, जिन्हें गाय प्रेमी सुदेवी दासी डॉक्टरों की मदद से इलाज करा कर सेवा कर रही है। सुदेवी दासी की विशाल गौशाला का मासिक खर्च लगभग 25 से 30 लाख रुपये बताया गया है। जिसे सुदेवी दासी कुछ दानदाताओं और जर्मन से आने वाले खुद के खर्चे से चलाती है। गौशाला में लगभग 70 से 80 कर्मचारी काम करते है। सुदेवी दासी का गाय प्रेम गौशाला संचालकों के लिए नजीर बना हुआ है। सुदेवी ने अपना पूरा जीवन गाय की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।

विगत माह में सुदेवी दासी अपने बीजा अवधि समाप्ति को लेकर काफी परेशान थी। बीजा प्राप्त करने के लिए सुदेवी ने मथुरा की सांसद हेमा मालिनी सहित देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से लेकर अन्य सरकारी दफ्तरों में गुहार लगाई। तब कहीं जाकर सुदेवी को भारत में रहने के लिए बीजा मिल सका लेकिन, अब भारत सरकार गाय प्रेमी सुदेवी दासी को वो एवार्ड देने जा रही है जिसे बहुत कम लोग ही पा पाते है वो एवार्ड है पद्मश्री एवार्ड। जिस एवार्ड की आधिकारिक घोषणा भारत सरकार द्वारा किए जाने की सूचना मिलने से दासी तो खुश है ही बल्कि स्थानीय लोगों में भी खुशी की लहर है। इस जानकारी पर स्थानीय गौसेवक धीरज कौशिक व हरेकृष्ण चौधरी गौ सेविका की गोशाला पहुंचे और सुदेवी दासी को पटुका पहनाकर गोसेवा की प्रेरणा ली। सुदेवी दासी ने कहा कि भारत सरकार ने मुझे पद्मश्री के लिए चुना है मुझे खुशी है। उन्होंने भारत सरकार से उम्मीद जताई है कि अब गाय सेवा में आने वाली अड़चनें दूर होंगी। आपको बता दें विदेशी महिला सुदेवी दासी किराये की जमीन लेकर 1800 गोवंश की सेवा कर रही है। पद्मश्री की घोषणा से उन्हें सरकार से उम्मीद है कि उन्हें गौशाला के लिए जमीन मिल जाएगी तो वह जमीन के किराए में खर्च होने वाले पैसा को गोवंश के संरक्षण में खर्च कर सकेंगी।

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