पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Rudawal News Rajasthan News Siddha Agriculture Produces More Nutritious Food At Less Cost Balayogi

सिद्धा कृषि करने से कम खर्च में ज्यादा उत्पादित होता है पौष्टिक अन्न : बालयोगी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

बालयोगी शक्तिपीठ आश्रम गोठरा पालीडांग में सिद्धा कृषि विचार गोष्ठी हुई। जिसमें किसानों को सिद्धा कृषि के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर श्रीपाद बालयोगी ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि सिद्धा कृषि ऋषि-मुनियों द्वारा की जाने वाली कृषि का एक तरीका है। जिसमें खर्चा कम उत्पादन ज्यादा होता है। साथ ही अन्न पोष्टिक उत्पादित होता है। जिसका उपयोग करने से मनुष्य में कोई बीमारी पैदा नहीं होती है और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। सिद्धा कृषि मनुष्य का बौद्धिक विकास कर उसके व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने क्षेत्र के कई गांवों से आए किसानों को सिद्धा कृषि के तरीकों के बारे में जानकारी दी। पूर्व उपजिला प्रमुख रामस्वरूप कांमर ने बताया कि जनकल्याण के लिए आश्रम द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय है, जो मनुष्य के सकारात्मक विकास में लाभकारी है। बालयोगी ने बताया कि लोगों को जागृत करने के लिए आश्रम में 51 पाठ्यक्रम चलाए जा रहे है। जिसमें मनुष्य के विकास के लिए आवश्यक पंच तत्वों को संतुलित करके शारीरिक शुद्धीकरण किया जाता है। इस मौके पर नीरज कटारा, अजय कुमार, तरूण शर्मा, टीटू सोनी, उमेश, राजकपूर कटारा, चेतन, मनीष, बंटू आदि मौजूद थे।

रुदावल। गांव गोठरा पालीडांग में किसानों को जानकारी देते बालयोगी।
खबरें और भी हैं...