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19 दुकानों को जरूरत से 18 गुना गेहूं दे दिया, बाकी का काटा...भुगतेंगे उपभोक्ता

रसद विभाग के अधिकारियों की अपनी चहेती दुकानों पर मेहरबानी करने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसी से ही...

Danik Bhaskar | Feb 25, 2018, 02:05 AM IST
रसद विभाग के अधिकारियों की अपनी चहेती दुकानों पर मेहरबानी करने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसी से ही गड़बड़ियों का खेल शुरू हो रहा है। मार्च के आवंटन में भी जिले की 19 दुकानों पर ऐसी ही मेहरबानी की गई है।

जिले की 19 दुकानों पर पिछले माह बचे हुए गेहूं के स्टॉक को कम करते हुए केवल 85 मैट्रिक टन गेहूं ही दिया जाना था, लेकिन उसके बावजूद रसद विभाग ने 1516 मैट्रिक टन का आवंटन कर दिया। इस अधिक आवंटन का नतीजा है कि कई दुकानों पर कम गेहूं पहुंचने से उपभोक्ता इस माह भी गेहूं से वंचित रहेंगे। दरअसल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने की ओर से सभी जिला रसद अधिकारियों को 7 फरवरी को स्पष्ट निर्देश जारी हुए थे इसमें 1 फरवरी 2018 को 50 क्विंटल,100 क्विंटल एवं 100 क्विंटल से अधिक प्रारंभिक स्टॉक वाली उचित मूल्य की दुकानों पर बचे हुए स्टॉक को कम करके गेहूं दिया जाना था, जिले में ऐसी 19 दुकानें हैं जो इस कैटेगरी में आ रही हैं। इन्हीं दुकानों पर जरूरत से 18 गुना अधिक आवंटन हो गया है। सबसे ज्यादा आवंटन पिड़ावा ग्रामीण और डग, भवानीमंडी में हुए हैं।

कई दुकानों पर घटा दी: वार्ड 10 में मंगलपुरा, गढ़, कुंजड़ा गली क्षेत्र आता है। इसमें फरवरी में 31.55 क्विंटल गेहूं की जरूरत थी, लेकिन महज 6.28 क्विंटल गेहूं ही आवंटित किया। इसका नतीजा यह हुआ की खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल 80 परिवारों को गेहूं नहीं मिल पाया है और बाजार से महंगे दर पर गेहूं खरीदना पड़ रहा है। वार्ड 23 में 51.35 क्विंटल गेहूं की जरूरत थी, लेकिन फरवरी में 34.23 क्विंटल गेहूं का ही आवंटन हो पाया। ऐसे में 30 फीसदी परिवारों को गेहूं का वितरण नहीं हो पाया है।

ऐसे समझें अधिक आवंटन के गणित को

1 आंकखेड़ी के डीलर के यहां पर 7260 किलो गेहूं की मार्च में जरूरत थी। फरवरी में यहां पर 27385 किलो गेहूं स्टॉक बचा हुआ है। इस दुकान पर मार्च में एक किलो गेहूं भी आवंटित नहीं किया जाना था, लेकिन रसद विभाग ने मेहरबानी कर 7777 किलो मार्च में आवंटित कर दिया।

2 थरोल तृतीय के राशन डीलर के यहां पर 8150 किलो गेहूं की जरूरत है। 20690 किलो फरवरी में बचा हुआ है। उसके बावजूद यहां पर मार्च में 10490 किलो गेहूं आवंटित कर दिया।

3 मिश्रौली तृतीय के राशन डीलर के यहां पर 6135 किलो गेहूं की जरूरत है। फरवरी में 12246 किलो गेहूं स्टॉक में बचा हुआ है, लेकिन इस स्टॉक को कम करने की बजाय यहां पर 6096 किलो गेहूं का आवंटन कर दिया गया।

4 हरिगढ़ के डीलर के यहां पर 8235 किलोग्राम गेहूं की जरूरत है। उसके फरवरी में 7498 किलोग्राम गेहूं बचा हुआ है, लेकिन उसके बावजूद 4 हजार किलोग्राम का आवंटन कर दिया गया।

रसद विभाग के प्रवर्तन अधिकारी केएस करोल से सीधी बात

Q|19 दुकानों पर फरवरी माह में स्टॉक बचा होने के बावजूद भी उसको कम नहीं कर अधिक आवंटन कर दिया गया यह कैसे हुआ?

A. हां यह सही है कि फरवरी के स्टाक को कम करके ही मार्च में आवंटन किया जाना था, मामला इंस्पेक्टर विनोद के क्षेत्र का है कैसे ज्यादा आवंटन हो गया आपको वही बता पाएंगे।

Q| आप भी जिला स्तर के अधिकारी हैं नियमों के विपरीत काम क्यों हो रहा है?

A. अब आगे जो भी आवंटन किया जाएगा, उसमें पिछले स्टॉक को कम किया जाएगा। इसका पूरा ध्यान रखेंगे। हो सकता है कुछ गलतियां हो गई हों।

Q| हर माह ऐसी गलतियां हो रही है यह मिलीभगत का खेल तो नहीं है?

A. नहीं मिलीभगत जैसी कोई बात नहीं है। हम आवंटन में सारे नियमों का ध्यान रख रहे हैं।

6 माह में गबन के कई मामले, वसूली कहीं नहीं

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पिछले छह माह में कई मामले ऐसे सामने आए हैं, जिनमें राशन डीलरों ने गरीबों के गेहूं का गबन कर कालाबाजारी कर दी। इन पर थानों में रिपोर्ट दर्ज होनी थी, लेकिन रसद विभाग के अधिकारी ऐसा नहीं कर पाए बल्कि इनसे न तो गेहूं की वसूली की गई और बल्कि गेहूं का आवंटन भी कर दिया।

इंस्पेक्टर मुख्यालय पर ही दे रहे हैं ड्यूटी

रसद विभाग में पहले से ही इंस्पेक्टरों की कमी बनी हुई है, लेकिन जो इंस्पेक्टर हैं वह भी अपने निर्धारित मौके पर नहीं जाकर रसद विभाग में ही ड्यूटी दे रहे हैं। यहां एक इंस्पेक्टर को पिड़ावा, भवानीमंडी और गंगधार का चार्ज दे रखा है, लेकिन वह जिला मुख्यालय पर ही ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में उन क्षेत्रों की व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं। पिछले दिनों भी डग क्षेत्र में लोगों ने गेहूं नहीं मिलने को लेकर प्रदर्शन किया था।