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नदी में जलस्तर घटा, बढ़ने लगा पीने के पानी का संकट, अभी टैंकर तक शुरू नहीं किए

छोटी कालीसिंध नदी में जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। एक सप्ताह से नलों में पानी की आपूर्ति भी कम हो रही है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 05, 2018, 02:05 AM IST

नदी में जलस्तर घटा, बढ़ने लगा पीने के पानी का संकट, अभी टैंकर तक शुरू नहीं किए
छोटी कालीसिंध नदी में जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। एक सप्ताह से नलों में पानी की आपूर्ति भी कम हो रही है। पीएचईडी का दावा है कि नदी में अप्रैल तक पानी की आपूर्ति हो जाएगी। उसके बाद हर वर्ष की तरह नदी में गड्ढे कर आपूर्ति की जाएगी।

जेईएन अनिल गोचर ने बताया कि चौमहला की आपूर्ति के लिए नदी में एक ओर मोटर लगाई गई है। चौमहला को 5-5 जोन में बाट कर एकांतर जलापूर्ति की जाती है। कस्बे को करीब 10 से 12 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है। कस्बे के पेयजल स्रोत गोलखेड़ी डोह मे अधिकारी अप्रैल तक पूर्ति की बात बता रहे है।

गंगधार. कस्बे को 3-3 जोन में बांटकर एकांतरे जलापूर्ति की जाती है। 4 से 4.5 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है। यहां के पेयजल स्त्रोत गुफा शरीफ डोह व तहसील डोह से अप्रैल तक जलापूर्ति होने की बात अधिकारी कह रहे है। अधिकारी 50 मिनिट नलों में पानी देने की बात कह रहे है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा कम समय व कम प्रेशर से पानी आने की शिकायत की जा रही है।

मिश्रौली. क्षेत्र में भूजल स्तर गिरने से दिनोदिन पेयजल व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। पेयजल संकट के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे हैंडपंप का जलस्तर भी नीचे चला गया है। गांव के हैंडपंप, तालाब, कुएं भी गर्मी से पहले ही सूख गए है। हैंडपंपों का जलस्तर भी नीचे चला गया है। मिश्रौली में दोनों कुएं गर्मी से पहले ही जवाब दे चुके हैं। कस्बे में भवानीमंडी से पानी की आपूर्ति की जाती है। पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाने से कस्बे में 4-5 दिन में दिन जलापूर्ति हो रही है। इससे लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

बकानी. कुशलपुरा ग्राम पंचायत के बाडिया, गणेशपुरा, गिरधरपुरा बावड़ीखेड़ा गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके चलते लोगों को दूरदराज स्थित कुएं हैंडपंपों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण भैरुलाल ने बताया कि गांवों के कुअाें में पानी खत्म हाे गया है। गांव में कुछ लोगों ने टयूबवेल लगा रखी है। ऐसे में ग्रामीणों को पानी भरने के लिए उनकी टयूबवेल चलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे पानी भरने के लिए ट्यूबवेलों पर ग्रामीणों की भीड़ लगी रहती है।

बकानी. पेयजल समस्या के चलते लगी लोगों की भीड़।

हरिगढ़, लायफल, मूंडला, बिशनखेड़ी में 26 गांवों में बोरिंग रीते

पनवाड़. हरिगढ़, लायफल, मूंडला, बिशनखेड़ी ग्राम पंचायतों के 26 गांवों में कई बोरिंगों में पानी रीत चुका है। इससे गांवों में लगे हैंडपंप हवा फेंकने लगे है। इसके चलते ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट मंडराता जा रहा है। हरिगढ़ ग्राम पंचायत सरपंच निर्मला गौड़ ने बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र मे बोरदा, व जशनपुरा गांव आते है। यहां 18 हैंडपंप लगे हुए है। इनमें से बंजारा बस्ती, देवनारायण मोहल्ला, रैगर बस्ती के ही हैंडपंप चालू है। अन्य हैंडपंप लेवल गहरा चला जाने से बंद हो गए है। लायफल सरपंच संतोष मीणा ने बताया कि पंचायत क्षेत्र मे चमलासा, हीचर, लायफल में 21 हैडपंप लगे हुए है। इनमें से 2 हैंडपंप चालू है। मूंडला पंचायत के सरपंच शिमला बाई ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के बर्डगुवालिया, ब्राह्मखेड़ी, फदानियां, नयागांव, नागोनियां, गुंजारी, भीमखेड़ा, सीनणी, माल्याखेड़ा सहित 11 गांव है। बिशनखेड़ी सरपंच लेखराज बैरवा ने बताया कि गांव में लगे हैंडपंप हवा फेंकने लगे है। बोरिंग सूख जाने से हैडपंप खराब है। बिशनखेड़ी स्कूल के छात्र-छात्राओं काे पानी पीने के लिए हनुमान मंदिर पर जाना पड़ता है। जलदाय विभाग के एईएन मंगल परमार ने बताया कि वाटर लेवल गहरा रहा है। फसल पकने पर खेतों के बोरिंग बंद होने पर लेवल ऊंचा आ जाएगा। जिन गांव में सभी स्त्रोत बंद हाे जाएंगे। वहां जलापूर्ति के लिए टैंकर लगा दिए जाएंगे।

3 साल पहले बनी पेयजल टंकी काे उद‌्घाटन का इंतजार

रायपुर. तापमान बढ़ते ही क्षेत्र में पेयजल की समस्या होने लगी है। ग्रामीणों पेयजल को लेकर मशक्कत करते नजर आ रहे है। क्षेत्र के मूंडला, माथनिया, सोयली में 3 वर्ष पूर्व गागरिन पेयजल परियोजना के अंतर्गत बनी पेयजल टंकियों को उद्धाटन का इंतजार है।

ऐसे में ग्रामीणों को पानी के लिए कुएं, हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य बालचंद्र गुर्जर ने बताया कि 3 वर्ष पूर्व पेयजल टंकी का निर्माण हुआ था। लेकिन 3 साल बाद भी ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीण दूर स्थान से पीने का पानी लाने को मजबूर है। एक्सईएन जलदाय विभाग रविमोहन मीणा ने बताया कि गागरीन पेयजल परियोजना और गांव को जोड़ने में समय लग रहा है। जुलाई तक इन टंकियों को पाइप लाइन से जोड़ दिया जाएगा। अभी 27 में से 10 टंकियों को पाइप लाइन से जोड़ दिया है। इस परियोजना में 315 गांवाें में पेयजल आपूर्ति करने का लक्ष्य है।

रायपुर. मूंडला में 3 वर्ष से पानी का इंतजार करती नई पानी की टंकी।

पनवाड़. निजी टयूबवैल पर पानी भरने के लिए लगी लोगों की भीड़।

व्यर्थ बह रहा पानी, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

अावर. जनता जल योजना के तहत कस्बे में जलापूर्ति के लिए बनाए गए टैंक से प्रतिदिन हजारों लीटर शुद्ध पानी व्यर्थ बह रहा है। भूतल जलाशय से व्यर्थ बहता पानी यहां पास में बने सहकारी समिति के गोदाम में भी घुस जाता है। इसके कारण कई बार यहां रखा हुआ राशन भी गीला होकर खराब हो जाता है। गागरीन परियोजना से जुडे कई गांवों में जहां गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल के लिए मशक्कत शुरू हो गई है। दूसरी ओर यहां हजारों लीटर शुद्ध पानी बर्बाद होता रहता है।

फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

खानपुर. शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर पंचायत पिपलाज के गांव देवपुरा व गोल्याखेड़ी में 2015 में जलदाय विभाग की ओर से 3 टयूबवेल, 3 किमी पाइप लाइन व 4 टंकियों का निर्माण करवाने के बाद भी देवपुरा वासियों को मजबूरी में फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गोल्याखेड़ी में बड़ के पेड के नीचे बनी टंकी में तीन दिनों से पानी नहीं होने से लोग पीने के पानी के लिए जूझ रहे है। भीमसागर जलप्रदाय योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं ने पाइप लाइन डालने को लेकर एसडीएम को ज्ञापन दिया। इधर देवपुरा ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच बंशीलाल मालव की अगुवाई में संसदीय सचिव नरेन्द्र नागर को यहां शुद्ध जलापूर्ति कराने को लेकर अवगत कराया। विभाग की ओर से लगाई गई टयूबवेल का पानी फ्लोराइड युक्त होने से लोगों को पीने के पानी के लिए 3 किमी दूर चांदखेड़ी स्थित टंकी से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं 12 से अधिक मकानों में लोगों ने आरओ लगवा लिए है। दरा-अरनियां सड़क निर्माण में देदिया मार्ग स्थित दोनों टयूबवेल सड़क निर्माण में आ जाने व सड़क निर्माण के दौरान सावल मशीन द्वारा पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हा़े जाने से लोग पीने के पानी को लेकर परेशान हो रहे है। देवपुरा निवासी मनोज मालव ने बताया कि 6 वर्ष से फ्लोराइड युक्त पानी आने से पीने के पानी का संकट हो गया है। गोल्याखेड़ी निवासी बरखा गौड़ ने बताया कि भीमसागर पुनर्गठित जलप्रदाय योजना के अंतर्गत गोल्याखेड़ी गांव को जोड़ने की मांग की। जलदाय विभाग के जेईएन नवीन नागर ने बताया कि देवपुरा व गोल्याखेड़ी में शुद्ध जलापूर्ति को लेकर नई ट्यूबवैल के प्रस्ताव भिजवाए हैं।

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