--Advertisement--

भवानीमंडी में जैन साध्वी का मंगल प्रवेश

भागवत कथा में कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन पनवासामें भागवत कथा के समापन पर पंडित जगमोहन शास्त्री ने सुदामा...

Danik Bhaskar | Jan 08, 2018, 02:05 AM IST
भागवत कथा में कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन

पनवासामें भागवत कथा के समापन पर पंडित जगमोहन शास्त्री ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। इसमें कृष्ण सुदामा की मित्रता को अटूट बताते हुए कहा कि गरीब मित्र की सहायता करना भी पुण्य का कार्य है। समापन पर महाआरती का आयोजन हुआ। एवं प्रसादी वितरित की।

भवानीमंडी.भवानीमंडीमें दो जगह जारी भागवत कथा में से एक टगर मोहल्ले में जारी कथा का रविवार को समापन हो गया। सुदामा प्रसंग का भी स्काउट गाइड ने मंचन किया। यहां पर माधव मुखिया ने कथा का वाचन किया।

दूसरी ओर माहेश्वरी समाज के तत्वावधान में उषा काॅलोनी में जारी भागवत कथा में कथा वाचक श्रीवृंदावन धाम के नीरजकृष्ण महाराज 10 जनवरी तक रोज दोपहर 2 बजे से शाम 5.30 बजे तक कथा का वाचन कर रहे है। 9 जनवरी रात 7 बजे कथा स्थल पर गिरिराज मित्र मंडल की ओर से भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।

मनोहरथाना.प्रसिद्धधार्मिक स्थल कामखेड़ा में बालाजी ट्रस्ट द्वारा आयोजित संत प्रेमनारायण की भागवत कथा मे छठे दिन इंसान को प्रारब्ध एवं जीवन मे जीने का मार्ग बताया। कर्म को ही भक्ति का दूसरा रूप बताया। भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक ने बताया कि मनुष्य के कर्म तीन प्रकार के होते है। क्रियान्वक कर्म, संचित कर्म,प्रारब्ध कर्म। उन्होंने प्रारब्ध के कर्मो के साथ क्रियान्वक कर्म करते हुए संचित कर्म एकत्रित करने की बात कही। उन्होंने कर्म के बन्धन से छुटने के उपाय बताए। स्वार्थ से ऊपर उठकर कार्य करने की बात कही। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष नवनीत मालपानी ने बताया कि भागवत कथा में प्रतिदिन जनप्रतिनिधि क्षेत्र के गणमान्य नागरिक लगातार कथा श्रवण कर रहे हैं।

भवानीमंडी. टगर मोहल्ले में भागवत कथा में सुदामा प्रसंग का मंचन करते बाल कलाकार।

भवानीमंडी. मंगल प्रवेश के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करती साध्वी।

मनोहरथाना. कामखेड़ा में भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़।

असनावर. पनवासा में भागवत कथा का वाचन करते कथावाचक।