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एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में रैलियां निकालीं 5 हजार कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे, काम अटके

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सोमवार को भारत बंद के दौरान जिला भी दोपहर 2 बजे तक बंद रहा। विभिन्न संगठनों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 03, 2018, 02:05 AM IST

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में रैलियां निकालीं 5 हजार कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे, काम अटके
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सोमवार को भारत बंद के दौरान जिला भी दोपहर 2 बजे तक बंद रहा। विभिन्न संगठनों की ओर से सामूहिक वाहन रैली निकालकर बाजार बंद कराए गए। एससी-एसटी के सरकारी व गैर सरकारी विभागों के करीब 5 हजार अधिकारी, कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर बंद को सफल बनाया। बंद में मीणा समाज के ही 5 हजार कर्मचारी शामिल हुए।

कुछ छोटे दुकानदार व थड़ियां वाले दुकान खोलकर बैठे थे, जिनको रैली के दौरान सख्ती से बंद कराया। हालांकि आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया था। इससे रोडवेज बसें व अन्य परिवहन साधन चले। इसके अलावा स्कूल खुले रहे।

खेल संकुल से आक्रोश रैली, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

अखिल भारत बंद के क्रम में एससी एवं एसटी वर्ग के समस्त संगठनों के तत्वावधान में शांतिपूर्ण तरीके से सामूहिक वाहन रैली निकाल कर बंद करवाया। कार्यक्रम संयोजक प्रभु ऐरवाल ने बताया कि इस विधि विरुद्ध फैसले के खिलाफ कोर्ट में रिव्यू पिटिशन पेश करने की केंद्र सरकार से मांग को लेकर सोमवार को खेल संकुल से आक्रोश रैली निकाली। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। इसके बाद मिनि सचिवालय के सामने सभा का आयोजन कर विभिन्न समाजों के व्यक्तियों, अनुसूचित जाति परिषद के पदाधिकारियों ने संबोधित कर कोर्ट के फैसले पर विरोध जताया।

ये संगठन हुए शामिल

अनुसूचित जाति परिषद के वरिष्ठ सलाहकार छीतरलाल बैरवा, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश वर्मा, रवि संगत, ऐरवाल समाज से प्रांतीय अध्यक्ष प्रभुलाल ऐरवाल, बैरवा समाज के जिलाध्यक्ष हेमंत बैरवा, बैरवा विकास समिति के संजय बैरवा, वाल्मीकि समाज के मंगतीराम सारवान, मेघवाल समाज के दुर्गालाल मेघवाल, मीणा समाज के डॉ. हुकमचंद मीणा, शिवराज मीणा, यादव समाज से विनोद यादव, बसेड़ा समाज से राधाकिशन, रैगर समाज से बाबूलाल रैगर, राजू रैगर, खटिक समाज से छीतरलाल पडि़हार, अनुसूचित जाति परिषद के सलाहकार तेजमल चौहान, नंदलाल मेघवाल, बृजमोहन बैरवा, एससी अधिकारी/कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष गोपाललाल मेघवाल, अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसायटी के जिलाध्यक्ष विष्णुदयाल, डॉ. जयप्रकाश सिंह, रामराज मीणा, शिवराज रैगर, सीताराम मीणा, प्रो. बालचंद आर्य, प्रहलाद चंदेल, कमलेश मीणा, रंजना बैरवा ने सभा को संबोधित किया। सभा एवं रैली में इनके अलावा रामस्वरूप बैरवा, यतन यादव, बीरम ऐरवाल, महेंद्र खींची, राकेश सरसिया, रोशन पाटनी, गुड्डा वाल्मीकि, जमादार रामलाल गोडाला, बंटी वाल्मीकि, अनुसूचित जाति परिषद महासचिव चंद्रप्रकाश बैरवा, रमेशचंद शामिल थे।

कानून को कमजोर करने की कोशिश: प्रभुलाल

प्रभुलाल ऐरवाल ने बताया कि दलितों की सुरक्षा व अपराधों की रोकथाम के लिए भारतीय संसद ने जो अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम 1989 पारित किया था, इसके कारण गांवों में कमजोर व दलित समुदाय के लोग सुरक्षित व भाईचारे से अपना जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन 20 मार्च 2018 को सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है इससे एससी/एसटी वर्ग में काफी रोष व्याप्त है।

झालरापाटन. अनूसुचित जाति जनजाति के आह्वान पर सोमवार को झालरापाटन बंद रहा निकाली रैली।

भवानीमंडी में निकाली वाहन-पैदल रैली, मनोहरथाना में मामूली कहासुनी

भवानीमंडी. भवानीमंडी मेें जुलूस में नारेबाजी करते चलते बंद समर्थक।

भवानीमंडी| भारत बंद के आह्वान के तहत कस्बा भी बंद रहा। कार्यकर्ताओं ने सुबह 10 बजे मेला मैदान से पैदल व वाहन रैली के साथ जुलूस निकाला। भीम सेना व अन्य संगठनों के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण के बाद जुलूस वापस मेला मैदान पहुंचकर एक सभा में बदल गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान चेतराज गहलोत, अनिल मीणा, दुर्गाशंकर यादव, स्नेहलता, घनश्याम मीणा, आकाश तंवर कई कार्यकर्ता मौजूद थे। दोपहर बाद धीरे-धीरे दुकानें खुलना शुरू हो गई थी।

रटलाई में प्रदर्शनकारियों ने घूम-घूमकर बंद कराई दुकानें

रटलाई|
कस्बे में फूलचंद मीणा, राधेश्याम मेहर, बाबू मेहर, मुकेश बैरवा के नेतृत्व में मुख्य मार्ग पर जुलूस निकाला। कस्बे में अधिकांश दुकानें सुबह से ही नहीं खुली। कुछ दुकानों को लोगों ने घूमकर बंद करवा दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने थाने पहुंचकर इस एक्ट पर पुनर्विचार याचिका के लिए थानाप्रभारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

झालरापाटन| नगर में बंद का मिलाजुला असर रहा। नगर पालिका सफाईकर्मियों, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों ने सुबह से ही बाजार बंद कराने का प्रयास किया। इसके बाद समुदाय के लोगों ने पैदल रैली निकाल कर केंद्र सरकार से इस संशोधन को वापस लेने की मांग की।

मनोहरथाना में सफाई कर्मचारियों ने नहीं किया काम

मनोहरथाना|
कस्बे में डाॅ. भीमराव अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सुबह से दुकानें बंद कराने के लिए पैदल व मोटरसाइकिलों से मार्च करते रहे। कस्बा बंद का मिलाजुला असर रहा। सुबह से होटल, चाय व पान की दुकानें खुलना शुरू हो गई, लेकिन सोसायटी के कार्यकर्ताओं द्वारा बंद कराने पर मामूली कहासुनी के चलते बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। बस स्टैंड, बीनागंज रोड, तहसील रोड, हरनावदा रोड पर सोसायटी के कार्यकर्ता पैदल तथा मोटरसाइकिलों से मार्च करते दिखाई दिए। सफाई कर्मचारियों द्वारा सफाई कार्य का बहिष्कार किया गया। इस कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर नजर आए। वहीं नालियों में कचरे का जाम लग जाने के कारण सड़कों पर पानी फैल गया। इससे पैदल निकलने वाले लाेगाें काे परेशानी हुई।

पिड़ावा| नगर में कार्यकर्ताओं के द्वारा बाजारों में घूमकर दुकानें बंद करने की अपील की। उनकी अपील पर व्यापारियों ने दुकानें बंद की। कुछ समय बाद दुकानें खोल ली, इस तरह से बंद आंशिक रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने बाजार में रैली निकाली व व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील की। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस जाप्ता रैली के साथ तैनात रहा। इसके बाद उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर एसडीएम राकेशकुमार मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

चाैमहला| अनुसूचित जाति जनजाति संघर्ष समिति के आह्वान पर कस्बा बंद रहा। संघर्ष समिति के बैनर तले रैली निकाल कर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। रैली रैदास मंदिर से शुरू होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से होती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची, जहां एसडीएम को ज्ञापन साैंपा। रैली में चौमहला, गंगधार सहित आसपास के गांवों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। रैली के समापन पर सभा को भवानीशंकर वर्मा, नागूलाल वर्मा, डॉ. रमेश खटीक, प्रभुलाल मेहर, रामनिवास मीणा, कैलाश फौजी ने संबोधित किया।

खानपुर में भी विरोध में उतरे लोग

खानपुर| एससी-एसटी समन्वय समिति की ओर से दोपहर तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर पूरा कस्बा बंद रहा। नेताओं के द्वारा मौके पर बुलाकर एसडीएम डॉ. भास्कर बीआर विश्नोई को ज्ञापन दिया। मेला मैदान स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में आदिवासी मीणा सामाजिक सुधार, जय भीम जय भारत व विभिन्न कर्मचारी संघों ने जुलूस के रूप में एक्ट का विरोध किया। व्यापारियों से बंद में सहयोग करने की अपील की। इस मौके पर एससी-एसटी कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष हुकमचंद मीणा, मीणा समाज तहसील अध्यक्ष नमोनारायण मीणा, सरपंच संघ अध्यक्ष राजेंद्र मीणा, प्रेमचंद्र एडवोकेट, जनपद अमरलाल जादम, कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष देवलाल मीणा, सहित मौजूद रहे।

मनोहरथाना. कार्यकर्ताओं को समझाते एसएचओ।

खानपुर. बंद के समर्थन में रैली निकालते हुए।

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