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शिकायतकर्ता को सुने बिना जांच में निजी खाते की बता दी जमीन

जवाहर कॉॅलोनी में 1966 के नक्शा प्लान में नगर पालिका की बताई 2.15 बिस्वा जमीन को निजी खाते बांध दिया गया। 7 नवंबर को एक...

Danik Bhaskar | Mar 29, 2018, 02:15 AM IST
जवाहर कॉॅलोनी में 1966 के नक्शा प्लान में नगर पालिका की बताई 2.15 बिस्वा जमीन को निजी खाते बांध दिया गया। 7 नवंबर को एक सामाजिक कार्यकर्ता अनिवाश जायसवाल ने इसकी प्रशासन को शिकायत कर यह जमीन नगर पालिका की बताई थी।

प्रशासन ने इसकी चार माह में जांच पूर्ण कर यह जमीन निजी व्यक्ति की बता दी। इस जांच का सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि इसमें शिकायतकर्ता को एक बार भी नहीं सुना गया। पूर्व में इस जमीन पर नगर पालिका की संपत्ति होने का एक बोर्ड भी लगा हुआ था। जिसे बिना किसी सूचना के हटा लिया गया। शिकायतकर्ता को बुधवार को इसका पता चला तो उसने एक बार फिर इसकी शिकायत की। तहसील कार्यालय ने तथ्यों को नजरंदाज कर इस जमीन का निजी खाते खोले गए नामांतरण के खिलाफ नगर पालिका को सक्षम अदालत में वाद दायर करने की कहा है। उन्होंने शहर में नगर पालिका की सभी संपत्ति पर स्वामित्व संबंधी बोर्ड लगाए जाने की मांग की है। उधर, पहली शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने इस जमीन के उपलब्ध कागजों की जांच की थी। इसके बाद इस जमीन को निजी व्यक्ति केके राठी आदि के पक्ष खोला गए नामांतरण को सही बताया है।

भवानीमंडी में जवाहर कॉॅलोनी में 2.15 बिस्वा जमीन का मामला

भवानीमंडी. जवाहर काॅलोनी में एक मैदान में पूर्व में लगा हुआ नगर पालिका संपत्ति का बोर्ड। (फाइल फोटो)।


पहले इसी जमीन को प्रशासन ने नगर पालिका की बताई थी

शिकायतकर्ता अविनाश जायसवाल पिंटू ने प्रशासन की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे एक बार भी मेरी शिकायतों के बारे में नहीं सुना जाकर निर्णय दे दिया गया। यह जमीन आज भी टाउन प्लानर के नक्शे में नगर पालिका की दर्शाई हुई है। पूर्व में इस पर दो-तीन भूखंड का वाद भी चला था। जिसके बाद नगर पालिका खुद ने इस जमीन का अपनी बता दिया था। इसका ही एक अन्य वाद भी एसडीएम कोर्ट में चल रहा है, जिसमें स्वयं पूर्व तहसीलदार ने इसे नगर पालिका की होने का दावा कर रखा है, लेकिन इन तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया।