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कलेक्टर ने 3 नगरपालिका ईओ और लीड बैंक मैनेजर को जारी दिए नोटिस

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने का काम होना था, लेकिन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 03, 2018, 02:25 AM IST

कलेक्टर ने 3 नगरपालिका ईओ और लीड बैंक मैनेजर को जारी दिए नोटिस
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने का काम होना था, लेकिन पात्र 70 फीसदी लोग अब तक भी बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं और उनको लोन नहीं मिल पाया है। ऐसे में अब कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इसके लिए लीड बैंक मैनेजर को नोटिस देकर ऐसे बैंक मैनेजरों की सूची मांगी है जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।

इसी तरह अकलेरा, भवानीमंडी और पिड़ावा नगरपालिकाओं के ईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन लोगों ने अभी तक लोगों को लोन दिलाने के कोई प्रयास नहीं किए हैं। अकलेरा नगरपालिका में तो अब तक इस योजना के तहत एक रुपया भी खर्च नहीं हो पाया है। अब इन लोगों को अपना जवाब पेश करना होगा और लोन देने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। यदि ऐसा नहीं हो पाया तो सीधे अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए इन पर कार्रवाई होगी। दरअसल वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत 320 लोगों को ऋण देने की स्वीकृति आई। इसमें प्रत्येक व्यक्ति को 2 लाख रुपए अधिकतम ऋण सात फीसदी ब्याज दर से देना है। इसके बाद जो भी बैंक ब्याज लगाएगी उसको आजीविका मिशन वहन करेगा। इस योजना में जिलेभर में करीब 1 हजार लोगों ने आवेदन किए। इन लोगों के इंटरव्यू भी हुए, लेकिन उसके बाद बैंक लोन देने में फिसड्डी साबित हुए। केवल अभी तक 98 लोगों को ही लोन मिल पाए हैं। जब कलेक्टर ने इसकी समीक्षा की तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए एलडीएम सहित तीनों नगरपालिका ईओ को नोटिस जारी किए हैं।

दो ही कारणों से लोन देने से मना कर सकते हैं बैंक, लेकिन इन आवेदनों में ये कारण नहीं थे

सूत्रों ने बताया कि इस योजना के तहत 15 दिन में बैंकों को लोन देना जरूरी होता है। केवल दो ही कारण से लोन देने से बैंक मना कर सकते हैं। इसमें पूर्व में लाभांवित व्यक्ति और किसी भी बैंक से डिफाल्टर व्यक्ति को लोन नहीं दिया जा सकता है। इन आवेदनों में ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं था जो दोनों ही कैटेगरी में आता हो। इन आवेदनकर्ताओं को लोन देने के लिए बकायदा कमेटी का गठन हुआ उसमें एलडीएम,दो सीनियर ब्रांच मैनेजर, नगरपरिषद आयुक्त सहित अन्य होते हैं। इसमें बकायदा लोगों के इंटरव्यू लेकर उनको लोन के लिए सलेक्ट किया गया।

जिले में 320 लोगों को व्यक्तिगत स्वरोजगार के लिए लोन दिया जाना था, लेकिन अभी तक 98 लोगों को ही लोन मिल पाया है। इसको लेकर नोटिस जारी हुए हैं। अशोक शर्मा, जिला परियोजना प्रबंधक वित्तीय समावेशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन झालावाड़

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