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लक्ष्य की एवज में मात्र 15 हजार एमटी की निकासी

मार्च में पूरे जिले के लिए भवानीमंडी एफसीआई गोदाम से 55 हजार एमटी गेहूं का आंवटन लक्ष्य है। इसे इसी 15 मार्च तक उठाया...

Danik Bhaskar | Mar 06, 2018, 02:25 AM IST
मार्च में पूरे जिले के लिए भवानीमंडी एफसीआई गोदाम से 55 हजार एमटी गेहूं का आंवटन लक्ष्य है। इसे इसी 15 मार्च तक उठाया जाना है, लेकिन इसमें से रुक-रुककर अभी तक 15 हजार एमटी गेहूं का ही उठाव हो सका है।

पिछले 15 दिन के बाद सोमवार से वापस उठाव शुरू हो सका है। तय अवधि में अगर गेहूं का उठाव नहीं हो सका तो आगे फिर नई तारीख बढ़ाए जाने तक इस गेहूं का उठाव नहीं हो सकेगा।

समिति का काम निजी ठेकेदारों को सौंपा, तब से बढ़ी शिकायतें

इसी गत नवंबर माह से गेहूं को एफसीआई गोदाम से उठवाकर राशन डीलर तक पहुंचाने का काम निजी ठेकेदार को सौंप दिया गया है। पहले यह सारा काम जिले की पांच सहकारी समितियां करती थी। जिन्हें 17 रुपए प्रति बेग का कमिशन दिया जाता था। पिछले नवंबर माह से ही यह काम रसद विभाग की एक नवगठित संस्था खाद्य निगम ने ले लिया। उसने पूरे ही जिले में गेहूं सप्लाई का काम एक ठेकेदार को सौंप दिया है। जिससे पहले से ही घाटे से जूझ रही समितियों को तगड़ा आर्थिक झटका लगा है। उधर, गेहूं की शिकायतें भी इन्हीं चार-पांच माह से बढ़ी हैं।

इधर, रसद विभाग की निगरानी में होती है गेहूं की निकासी

एफसीआई प्रबंधक राकेश मीणा ने बताया कि राशन के गेहूं की पूरी निकासी रसद विभाग के प्रतिनिधि की मौजूदगी में होती है। एफसीआई गोदाम की सीसी टीवी कैमरे के जरिए ऑनलाइन सीधे मुख्यालय से निगरानी होती है। एफसीआई के गोदाम से गेहूं की निकासी के बाद कौन क्या करता है, इसकी एफसीआई की कोई जिम्मेदारी नहीं है।