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भवानीमंडी नगरपालिका गोपाल गोशाला में बनवाएगी लोगों के लिए बैठने का स्थान, बैंचें भी लगाई जाएंगी

मकर संक्रांति पर रविवार को गोपाल गोशाला में गो पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। भवानीमंडी निवासी सेना के पूर्व...

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 02:25 AM IST
मकर संक्रांति पर रविवार को गोपाल गोशाला में गो पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। भवानीमंडी निवासी सेना के पूर्व विंग कमांडर कैलाशचंद पारीक समेत कई अन्य नागरिकों ने गो पूजन किया।

इस अवसर पर नगर पालिका चेयरमैन पिंकी गुर्जर ने गोशाला में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 10 गुणा 100 फीट में इंटरलॉकिंग टाइल्स व तीन छांवदार बैंचें लगाने की घोषणा की। आज एक ही दिन में नागरिकों ने करीब दो लाख रुपए की नकदी और बीस ट्रॉली चारा प्रदान किया। ध्यान रहे कि गोपाल गोशाला जिले की सबसे बड़ी गोशाला है, इसमें इस समय करीब 900 गायों की देखभाल की जा रही है। सुबह से ही वहां पर लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। संरक्षक ओमप्रकाश चतुर्वेदी व दुर्गाप्रसाद पारेता, उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा, सचिव प्रकाशचंद पारीक, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा बैंक ने लोगों को गोशाला के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष रामलाल गुर्जर, उपाध्यक्ष विनय पोरवाल व लव-टू- काऊ योजना में गायें रखने वाले डाॅ. भूपेश दयाल, कैलाशचंद भराड़िया ने भी वहां पर गोपूजन किया। कार्यक्रम में राजेश गुप्ता करावन, विनय आस्तोलिया समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने गोशाला में पक्षी चुग्गा स्थल विकसित करने की संभावना पर जोर दिया। जिस पर शेखर गोटावाला ने पहल करते हुए वहां पर अनाज की बोरी भिजवाई।

10 गुणा 100 फुट की होगी जगह, सेना के पूर्व विंग कमांडर ने भी किया गोपूजन

विंग कमांडर ने सराही व्यवस्था

सेना के पूर्व विंग कमांडर कैलाशचंद पारीक ने भी व्यवस्था की सराहना की। पारीक इस समय गुजरात प्रांत में रह रहे हैं। मकर संक्रांति पर यहां आए। उन्होंने 1965 एवं 1971 के पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया था। 1971 के युद्ध में वे युद्धक विमान लेकर पाकिस्तान में घुस गए थे और वहां पर सप्लाई ट्रेन पर बमबारी की थी। वापसी में पाक फोन ने उन पर मिसाइल से हमला कर दिया था, लेकिन वे बच निकल आए थे। सेना में उन्हें इस पर वीरता पुरस्कार मिला था।