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मालवा व मेवाड़ पर्यटन क्षेत्र को लिंक करने के होंगे प्रयास

Danik Bhaskar | Feb 20, 2018, 02:25 AM IST

भवानीमंडी. पास के मप्र में स्थित एशिया की मानव निर्मित सबसे बड़ी गांधीसागर झील के तट पर सोमवार से 10 दिवसीय महोत्सव शुरू हो गया। झील महोत्सव महोत्सव 26 फरवरी तक चलेगा। पर्यटन विभाग ने पर्यटकों के लिए स्थाई रूप से एक मोटरबोट भी गांधीसागर झील में उतारकर इसे चालू कर दिया है।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को पूरे देश में पर्यटन के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने के लिए इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार राष्ट्रपति ने प्रदान किया। उन्होंने आगे कहा कि मालवा व मेवाड़ जोन को संयुक्त रुप से पर्यटन लिंक बनाने के लिए शीघ्र मेवाड़ व मालवा के सांसदों और विधायकों की एक बैठक रखी जाएगी, जिसमें एक कार्य योजना बनाई जाएगी। महोत्सव का शुभारंभ चंबल माता व नौ कन्याओं की पूजा कर किया गया। उधर, झील महोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत के पहले दिन ही अधिकारियों के साथ ही नेताओं की अरुचि सामने आ गई। इस महत्वपूर्ण मौके पर खुद पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक नहीं आए। लोकसभा अध्यक्ष के मानद सलाहकार रघुनंदन शर्मा, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक कैलाश चावला व चंदर सिंह सिसोदिया ही समारोह में पहुंचे। झील महोत्सव शुरू हुए आज तीसरा दिन था। अभी तक सर्किट हाउस नंबर एक की मुख्य सड़क पर डामरीकरण का कार्य जारी था। समारोह स्थल पर हर चीज के भाव बाजार से 4 गुना हैं। एक चाय 20 रुपए, समोसा 15 रुपए व साथ ही अन्य चींजे भी महंगी रही।