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राजगढ़ डूब विस्थापितों के लिए लाॅटरी पुनर्वास स्थल पर बिजली-पानी की मांग

निर्माणाधीन राजगढ़ सिंचाई बांध के डूब क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सोमवार को पुनर्वास के लिए लाटरी और मांगें पूरी...

Danik Bhaskar | Feb 20, 2018, 02:25 AM IST
निर्माणाधीन राजगढ़ सिंचाई बांध के डूब क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए सोमवार को पुनर्वास के लिए लाटरी और मांगें पूरी हुए बिना बांध में पानी नहीं रोकने देने के दोनों के प्रदर्शन एक साथ हुए।

जल संसाधन विभाग ने सोमवार को डूब क्षेत्र के धतुरिया कलां के 238 और अरन्याखेड़ी के 10 परिवारों के लिए अरन्याखेड़ी पुनर्वास काॅलोनी में भूखंड के लिए लाॅटरी निकाली। अब ग्राम सभा में इसका प्रस्ताव पारित कर लाभान्वित ग्रामीणों को मौके पर भूखंड का कब्जा संभलाया जाएगा। गौरतलब है कि राजगढ़ डूब क्षेत्र के 850 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। इनमें से करीब 200 परिवारों को पहले ही भूखंड दिए जा चुके थे। 248 परिवारों के लिए सोमवार को लाॅटरी निकाली गई। शेष धतूरिया कलां के 170 और काेचरियाखेड़ी के 165 परिवारों के लिए मंगलवार को जल संसाधन विभाग परिसर में भूखंड के लिए लाॅटरी निकाली जाएगी। लाॅटरी के दौरान पिड़ावा एसडीएम राकेश मीणा, राजगढ़ बांध एक्सईएन अजयकुमार त्यागी, एईएन आरके गुप्ता, कमलेश मीणा, शशि चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।

भवानीमंडी. राजगढ़ बांध डूब क्षेत्र के नागरिक पुनर्वास काॅलोनी में भूखंड आवंटन लाॅटरी में हिस्सा लेते हुए।

भवानीमंडी. मांगांे को लेकर एसडीएम को ज्ञापन देते राजगढ़ डूब क्षेत्र के किसान।

मांग पूरी नहीं हुई तो बांध नहीं भरने देंगे

भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सोमवार को राजगढ़ डूब प्रभावित गांवों के लोग एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचे। भवानीमंडी में पिड़ावा एसडीएम राकेश मीणा तैनात थे। कुछ देर तक एसडीएम ज्ञापन देने अपने कक्ष से बाहर नहीं आए तो किसानों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। बाद में ज्ञापन दिया। किसान संघ नेताओं ने कहा कि प्रशासन किसानों को नई जगह केवल लाइनिंग करके भूखंड दे रहा है। वहां पर सड़क-नाली आदि कुछ नहीं बनाया गया है। किसानों की बाकी मांगों का भी कोई हल नहीं निकला है। किसान नेताओं ने चेताया कि भले ही बांध का काम जारी रहे, लेकिन वे बांध में पानी भरने के लिए इसके बहाव मार्ग की नदी में मिट्टी डालकर पानी को तब तक नहीं रोकने देंगे, जब तक कि उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाएं।