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भवानीमंडी में मिला दुर्लभ बीमारी जीबीएस का रोगी, कोटा में भर्ती

भवानीमंडी में दुर्लभ बीमारी जीबीएस (गुलेन बेरी सिंड्रोम) का एक रोगी सामने आया है। यह रोग वायरल से फैलकर...

Danik Bhaskar | Mar 09, 2018, 02:25 AM IST
भवानीमंडी में दुर्लभ बीमारी जीबीएस (गुलेन बेरी सिंड्रोम) का एक रोगी सामने आया है। यह रोग वायरल से फैलकर मांसपेशियों पर अटैक कर देता है, जिसमें हाथ-पैर ढीले पड़कर काम करना बंद कर देते हैं।

भवानीमंडी के वरिष्ठ चिकित्सक जेके अरोड़ा ने गुरुवार को बताया कि भवानीमंडी में इस रोग एक रोगी राकेश प्रजापति सामने आया है। इसका कोटा में उपचार चल रहा है। रोग की शुरुआत में बुखार और हाथ-पैर काम करना बंद करना शुरू कर देते हैं। शरीर सुस्त पड़ने लग जाता है। इससे बचाव का कोई रास्ता नहीं है। इसका वायरल जिसके मस्तिष्क पर असर कर देता है, वह इसका शिकार हो जाता है। इस रोग के शिकार हुए राकेश के उपचार में लगे उसके मित्र सुवि कुमार और अविनाश जायसवाल ने बताया कि कोटा में न्यूरो फिजिशियन अमीत देव ने जीबीएस होने की पुष्टि की है। दोनों ने वहां पर डॉक्टर से प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया कि यह एक प्रकार का सेमी पैरालिसिस डिसऑर्डर से भी खतरनाक होता है। यह रोग वातावरण में व्याप्त जीबीएस वायरस की वजह से रीढ़ की हड्डी से शुरू होता है, जो रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता को नष्ट कर देता है। यह रोग एकाएक पकड़ में नहीं आता है।

इस रोग के प्रारंभिक लक्षण दस्त-उल्टी और पैरों के तलवे के नीचे गद्दी जैसा अनुभव होने के रूप में सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि इसका उपचार भवानीमंडी में नहीं हो पाने से उसे कोटा ले जाया गया है। इस रोग के निदान में एक दिन में 15 हजार रुपए वाले 6 इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। ऐसे 29 डोज देने पर ही सुधार की उम्मीद की जा सकती है। इस इंजेक्शन को बना रही कंपनी के प्रतिनिधि ने भी बीमार युवक से मिलकर उस पर हो रहे इंजेक्शन के असर के बारे में जानकारी ली है। उनका कहना था कि भवानीमंडी में इस रोग के लक्षण वाले अभी तक 10 से 12 रोगी सामने आ चुके हैं।