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सारोला के कई मोहल्लों में 10-12 दिन से नहीं मिला पानी, हैंडपंप-ट्यूबवैल भी फेंक रहे हवा

भूजल स्तर गहराने से कस्बे में पेयजल संकट पैदा हो गया है। पेयजल संकट के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कस्बे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 17, 2018, 02:30 AM IST

सारोला के कई मोहल्लों में 10-12 दिन से नहीं मिला पानी, हैंडपंप-ट्यूबवैल भी फेंक रहे हवा
भूजल स्तर गहराने से कस्बे में पेयजल संकट पैदा हो गया है। पेयजल संकट के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कस्बे में जलदाय विभाग की 4 मोटर है। इनमें से 3 मोटरों का पेयजल स्तर नीचे चले जाने से नलों में पानी का प्रवाह कम हो गया है। इससे दूर क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच रहा है।

हैंडपंपों का जलस्तर भी नीचे चला गया है। वहीं तलाई मोहल्ले की मोटर का भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने से पानी की समस्या बनी हुई है। इससे तलाई मोहल्ले, कोली मोहल्ले, हरिजन बस्ती, के लगभग 300 कनेक्शनों में पिछले कोली मोहल्ले के जगदीश ने बताया कि 10-12 दिनों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

लोगों को दूरदराज के क्षेत्रों के हैंडपंप और नलकूपों से पानी लाना पड़ रहा है। लक्ष्मीचंद नागर ने बताया कि तलाई मोहल्ले में कई दिनों से नलों में पानी नहीं आ रहा है। वहीं हैंडपंप भी हवा फेंक रहे हैं।

भूजल स्तर गहराने को लेकर पेयजल समस्या की सूचना मिली है। भूजल स्तर के नीचे चले जाने को लेकर नलों में पानी का प्रवाह कम हो गया है। इसको लेकर विभाग अलग से व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है। - पुरुषोत्तम सिंघल, पीएचईडी एक्सईएन

सारोला. कई दिनों से जलापूर्ति बाधित, हैंडपंप से पानी भरते लोग।

ढाबला खींची में सरकारी कुआं भी रीता, पानी को तरस रहे लोग

सुनेल| समीप ढाबला में गर्मी शुरू हाेने से पूर्व ही जलसंकट गहराने लग गया है। सरकार ने जनता जल योजना के तहत 2 पेयजल टंकियों का निर्माण कराया था, लेकिन सरकारी कुएं में पानी रीत जाने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। ढाबलाखींची में दो पेयजल टंकियां होने के बावजूद भी ग्रामीण पेयजल काे तरस रहे हैं। यहां स्थित सरकारी कुआं भी रीत गया है। गांव के हैंडपंप भी गर्मी से पहले ही जवाब दे चुके हैं। गांव में अन्य कोई पेयजल स्त्रोत नहीं होने से पानी की विकट समस्या पैदा हो गई। इससे गांव के लोगों को दूरदराज के निजी कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। लोग अपने निजी साधनों से ढोकर पानी ला रहे हैं। ग्रामीणों ने पेयजल के लिए ग्राम पंचायत से टैंकर शुरू करवाने की मांग की है। इससे लोगों को पेयजल समस्या से निजात मिल सके। सरपंच बनेसिंह ने बताया कि पंचायत की ओर से गांव में दो टयूबवैल लगाने के प्रस्ताव भेजे थे। इसके लिए स्वीकृति मिल गई है। 7 दिन में टयूबवैल लगवा दी जाएगी। गांव में टैंकर चलाने के लिए जल्द प्रस्ताव भिजवाए जाएंगे।

सुनेल. पेयजल संकट के चलते दूर स्थित हैंडपंप से पानी भरती महिलाएं।

इधर, पेयजल संकट से निबटने के लिए बनाई योजना

एसडीएम ने ली बैठक

गंगधार| गर्मी के मौसम मे क्षेत्र में पेयजल संकट से निबटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है । कलेक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में एसडीएम चंदन दुबे की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जेपी व्यास अधीक्षण अभियंता झालावाड़, अनिल कुंबट अधिशाषी अभियंता भवानीमंडी, एईएन रामनिवास रेगर, जेईएन अनिल कुमार तथा सरपंच व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसमें पेयजल को लेकर चर्चा कर गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने की रूपरेखा बनाई इसमें 1098 हैंडपंप है। इसमें 753 चालू हालात में है। 147 सीजनल , 98 नकारा है। बाकि शेष सूख चुके हैं। डग पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 83 गांव हैं, जो चिन्हित किए गए। यहां ग्रीष्मकालीन समस्या आ सकती है। इससे निपटने के लिए आवश्यकता अनुसार अन्य कोई विकल्प न होने की स्थिति में सरकार द्वारा टैंकर परिवहन शुरू किया जाएगा। बैठक में सरपंच संघ अध्यक्ष दानुसिंह, पाड़लिया सरपंच किशन मेघवाल, कछनारा सरपंच नरेन्द्र सिंह, बालुदास बैरागी सहित कस्बे के जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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