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2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर किया प्रदर्शन

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 09, 2018, 02:35 AM IST

2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर किया प्रदर्शन
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को लेकर जिलेभर में प्रदर्शन हुए। इसके तहत सुनेल, भवानीमंडी, असनावर, खानपुर, बकानी, मनोहरथाना और झालरापाटन में महासंघ के ब्लॉक पदाधिकारियों की ओर से पीएम और सीएम के नाम ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया गया।

दरअसल 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को हर माह मिलने वाली पेंशन के बदले केवल एकमुश्त राशि दी जा रही है। इसी का कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। सभी जगह कर्मचारी एकसाथ एकत्रित हुए और प्रदर्शन कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सोनी ने बताया कि अभी जिले के उपखंड और तहसील स्तर पर प्रदर्शन किया गया है। 15 फरवरी को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

नई पेंशन योजना से ये हो रहे हैं नुकसान

पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाती थी। सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिमाह पेंशन मिलती थी। ग्रेज्युटी राशि और कम्युटेशन लोन भी मिलता था। इसके एकमुश्त राशि के रूप में पैसा भी मिला करता था। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को भी पेंशन मिला करती थी, लेकिन नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी की तनख्वाह से 10 प्रतिशत की कटौती होती है। इतना ही पैसा सरकार भी मिलाती है और उसको निजी कंपनियों में लगाती है। कर्मचारियों का कहना है कि निजी कंपनी की कोई गांरटी नहीं होती है।

2004 के बाद नियुक्त हुए हैं 10 हजार कर्मचारी

वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की संख्या जिले में दस हजार से भी अधिक है। ऐसे में इन सभी कर्मचारियों की मांग है कि इनके लिए भी पुरानी पेंशन स्कीम ही लागू की जाए।

भवानीमंडी| अखिल भारतीय राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के शिक्षकों ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर शिक्षकों को सरकार की पुरानी पेंशन योजना में ही पेंशन देने की मांग की। शिक्षकों ने अध्यक्ष जितेंद्रसिंह चौहान के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।

उपखंड-तहसील स्तर पर प्रदर्शन के बाद 15 फरवरी को जिलास्तर पर विरोध करेंगे

झालावाड़. पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग को लेकर ज्ञापन देते कर्मचारी।

संयुक्त कर्मचारी महासंघ और शिक्षा चिकित्सा बचाओ समिति ने दिया ज्ञापन

अकलेरा| राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त कर्मचारी महासंघ और शिक्षा चिकित्सा बचाओ जन अभियान समिति के प्रांतीय आह्वान पर नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी योजना लागू करने की मांग की गई है। इसको लेकर अकलेरा एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत जिलाध्यक्ष पानाचंद मीणा ने बताया कि राज्य सरकार ने 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की जगह नई योजना लागू की गई है। इसमें नियुक्त कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जाती है। राज्य सरकार ने उस राशि का भी मार्केट में निवेश कर रखा है। इससे राज्य के 5 लाख कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन देने वालों में व्याख्याता संघ ब्लाॅक अध्यक्ष भोजराज मीणा, पंचायतराज ब्लाॅक अध्यक्ष हंसराज मीणा, जिला कोषा अध्यक्ष दूलीचंद मीणा, उपशाखा उपाध्यक्ष दुर्गाशंकर मीणा, व्याख्याता परमेश्वर मीणा, राधेश्याम शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

असनावर| अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के तत्वावधान में उपखंड अधिकारी मनीषा तिवारी को ज्ञापन दिया। इसमें जनवरी 2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम बंद किए जाने की मांग की। जिला प्रभारी ललित गोयल, रामप्रसाद शर्मा, भरत सिंह मीणा, राजाराम शर्मा, दिनेश कारपेंटर, कंवरलाल भील, जगदीशकुमार राठौर, महेशचंद्र पाटीदार, राजाराम मीणा, हेमलता मीणा, मुकेश शर्मा, दिलीप राठौर आदि कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया।

भवानीमंडी. एसडीएम आॅफिस के बाहर प्रदर्शन करते शिक्षक।

अकलेरा| राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त कर्मचारी महासंघ और शिक्षा चिकित्सा बचाओ जन अभियान समिति के प्रांतीय आह्वान पर नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी योजना लागू करने की मांग की गई है। इसको लेकर अकलेरा एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत जिलाध्यक्ष पानाचंद मीणा ने बताया कि राज्य सरकार ने 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना की जगह नई योजना लागू की गई है। इसमें नियुक्त कर्मचारियों के वेतन से कटौती की जाती है। राज्य सरकार ने उस राशि का भी मार्केट में निवेश कर रखा है। इससे राज्य के 5 लाख कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन देने वालों में व्याख्याता संघ ब्लाॅक अध्यक्ष भोजराज मीणा, पंचायतराज ब्लाॅक अध्यक्ष हंसराज मीणा, जिला कोषा अध्यक्ष दूलीचंद मीणा, उपशाखा उपाध्यक्ष दुर्गाशंकर मीणा, व्याख्याता परमेश्वर मीणा, राधेश्याम शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

असनावर| अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के तत्वावधान में उपखंड अधिकारी मनीषा तिवारी को ज्ञापन दिया। इसमें जनवरी 2004 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों को नई पेंशन स्कीम बंद किए जाने की मांग की। जिला प्रभारी ललित गोयल, रामप्रसाद शर्मा, भरत सिंह मीणा, राजाराम शर्मा, दिनेश कारपेंटर, कंवरलाल भील, जगदीशकुमार राठौर, महेशचंद्र पाटीदार, राजाराम मीणा, हेमलता मीणा, मुकेश शर्मा, दिलीप राठौर आदि कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया।

भास्कर न्यूज| झालावाड़

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को लेकर जिलेभर में प्रदर्शन हुए। इसके तहत सुनेल, भवानीमंडी, असनावर, खानपुर, बकानी, मनोहरथाना और झालरापाटन में महासंघ के ब्लॉक पदाधिकारियों की ओर से पीएम और सीएम के नाम ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया गया।

दरअसल 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को हर माह मिलने वाली पेंशन के बदले केवल एकमुश्त राशि दी जा रही है। इसी का कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। सभी जगह कर्मचारी एकसाथ एकत्रित हुए और प्रदर्शन कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सोनी ने बताया कि अभी जिले के उपखंड और तहसील स्तर पर प्रदर्शन किया गया है। 15 फरवरी को जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

नई पेंशन योजना से ये हो रहे हैं नुकसान

पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाती थी। सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिमाह पेंशन मिलती थी। ग्रेज्युटी राशि और कम्युटेशन लोन भी मिलता था। इसके एकमुश्त राशि के रूप में पैसा भी मिला करता था। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को भी पेंशन मिला करती थी, लेकिन नई पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी की तनख्वाह से 10 प्रतिशत की कटौती होती है। इतना ही पैसा सरकार भी मिलाती है और उसको निजी कंपनियों में लगाती है। कर्मचारियों का कहना है कि निजी कंपनी की कोई गांरटी नहीं होती है।

2004 के बाद नियुक्त हुए हैं 10 हजार कर्मचारी

वर्ष 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों की संख्या जिले में दस हजार से भी अधिक है। ऐसे में इन सभी कर्मचारियों की मांग है कि इनके लिए भी पुरानी पेंशन स्कीम ही लागू की जाए।

भवानीमंडी| अखिल भारतीय राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के शिक्षकों ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर शिक्षकों को सरकार की पुरानी पेंशन योजना में ही पेंशन देने की मांग की। शिक्षकों ने अध्यक्ष जितेंद्रसिंह चौहान के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।

सुनेल| अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के तत्वावधान में नायब तहसीलदार सुनेल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें बताया कि राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए। इस मौके पर कर्मचारी हेमंत ,अनीश ,बालमुकुंद, राम प्रसाद नागर ,मोहनलाल गौड़, रमेश नागर, प्रहलाद सिंह, बिरदीलाल आदि कर्मचारी ने ज्ञापन दिया।

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