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एमपी भावांतर योजना से भवानीमंडी कृषि उपज मंडी का टैक्स घटा

मप्र में सरकारी समर्थन मूल्य पर कृषि जिंसों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना का भवानीमंडी की कृषिमंडी पर खासा फर्क...

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 02:35 AM IST
मप्र में सरकारी समर्थन मूल्य पर कृषि जिंसों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना का भवानीमंडी की कृषिमंडी पर खासा फर्क पड़ा है। फरवरी में जहां इसकी टैक्स आय में 4 लाख रुपए का फर्क पड़ गया है, वहीं इस भरपूर सीजन के मौसम में भी कृषिमंडी खाली-खाली रहने लगी है। ध्यान रहे कि भवानीमंडी की मुख्य मंडी और इसकी गौण मंडियों में बिक रही जिंस में करीब 60 फीसदी भाग पड़ोस के एमपी का होता है, लेकिन वहां पर इस साल से सोयाबीन और उड़द की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए भावांतर योजना शुरू कर दी। इसमें एमपी की जिंस को वहीं पर बेचना होता है। जिंस वहीं पर बिकने लग जाने से स्थानीय कृषिमंडी पर आय और आवक पर जबरदस्त असर आना शुरू हो गया है। भवानीमंडी और इसकी गौण मंडियों में गत वर्ष मंडी टैक्स के रूप में 43 लाख रुपए की आय हुई थी, जो इस साल घटकर 39.35 लाख रुपए रह गई। भवानीमंडी में 4545 क्विंटल उड़द तुले। जबकि गत वर्ष ये 4800 क्विंटल तुले थे। इसी तरह इस साल 18,890 क्विंटल सोयाबीन आई, जबकि गत वर्ष यह 25,025 क्विंटल तुली थी। व्यापारियों का कहना था कि भवानीमंडी और इसकी अन्य मंडियां पूरी तरह एमपी पर निर्भर है। एमपी की भावांतर योजना का फर्क पड़ रहा है। आवक कम हो रही है। आगे जैसे ही एमपी में दूसरे सीजन की 15 मार्च से चना, मसूर आदि की तुलाई शुरू होगी। आगे और आवक में कमी आ जाएगी।

वहां खुले में खरीदें, यहां तुलाने ले आए

भावांतर योजना में एमपी की चिन्हित मंडियों में खुले में सरकारी समर्थन मूल्य की जिंस की बिक्री होती है। इसके भाव का अंतर किसान के खाते में पहुंचाया जाता है। जबकि राजस्थान में इसकी सीधी सरकार तुलाई कराती है। कई चालाक व्यापारियों ने इसका फायदा उठा लिया। राजस्थान में जिन किसानों के यहां पर उड़द या सोयाबीन कम मात्रा में हुई, उनके नाम से पड़ोस के एमपी से जिंस लाकर भवानीमंडी में सरकारी समर्थन मूल्य पर तुलवा दी।


भवानीमंडी. इस साल खाली पड़े कृषिमंडी के रोड।

मंडी में जिंसों के भाव में आई तेजी

रायपुर. समर्थन मूल्य पर जिंसों की खरीदने की घोषणा के बाद मंडी में जिंसों के भाव में तेजी आने लगी है। 15 मार्च से सरकारी तोल कांटे शुरू करने की घोषणा की है,लेकिन अभी तक किसानों के टोकन कटना भी शुरू नहीं हो पाए है। न ही तौल केंद्र पर कोई व्यवस्था नजर आई है। कृषि गौण मंडी में सरसों के भाव 3811, सोयाबीन 3725, धनिया 5400,मसूर 3512,गेहूं 1625,चना 3450 रुपए प्रति क्विंटल रहे।