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मूर्ति प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर पर शिखर ध्वज व कलश चढ़ाया

मां तारादेवी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। तारज में 800 फीट...

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2018, 02:35 AM IST
मूर्ति प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर पर शिखर ध्वज व कलश चढ़ाया
मां तारादेवी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। तारज में 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर मां तारादेवी के मंदिर का जीर्णोद्घार का कार्य पूर्ण होने के बाद प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन हुआ।

दीपचंद मालव ने नवनिर्मित मंदिर पर शिखर ध्वजा व कलश चढ़ाया एवं पंच कुंडों पर यज्ञ आहुतियां दी। मुकुट गुर्जर ने भैरुजी की स्थापना की। चतुर्भुज केवट ने पुरानी मूर्ति की स्थापना की। इस दौरान तारज मेंं मेले जैसा माहौल रहा। समारोह में पूर्व विधायक अनिल जैन, मीनाक्षी चंद्रावत, अर्जुन सिंह सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर दर्शन किए। समारोह में गुफा वाले गोवर्धन दास,फलहारी बाबा माता रानी के मंदिर पहुंचे। इसमें 41 बोरी से बने प्रसाद वितरण किया गया। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत तारज में मेला लगा रहा।

कृष्ण-सुदामा मित्रता प्रसंग का वर्णन किया

पनवाड़.
नारायण गोशाला प्रांगण में 6 दिन से संगीतमय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा में शनिवार को कृष्ण-सुदामा मित्रता, इंद्र कोप गिरिराज धारण, कंस वध सहित कई प्रसंगों पर कथा सुनाई। बूढ़ बांगोद के जंगल में नारायण गोशाला प्रांगण में रतलाम के कथा वाचक विनोद शर्मा द्वारा कथा का वाचन किया जा रहा है। कथावाचक ने बताया कि आत्मा अजर अमर है। शरीर नाशवान है। मानव जीवन में अच्छे कर्म करने से ही मुक्ति मिलती है। कथा के श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।

तारज. पहाड़ी पर चढ़कर मंदिर दर्शन के लिए जाते श्रद्धालु।

भगवान के दर्शन करने से दिन अच्छा निकलता है: माताजी

भवानीमंडी. दिगंबर जैन मंदिर में विराजित जैन साध्वी संगममति माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि हर व्यक्ति को सुबह मन्दिर में भगवान दर्शन करना चाहिए। जिससे उसका दिन तो अच्छा निकलता ही है उस व्यक्ति के सारे दुख स्वतः नष्ट हो जाते है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति खाली हाथ आया था खाली हाथ जाएगा। उनके द्वारा किया गया धर्म ध्यान ही साथ जाएगा। रविवार को संगममती का 11वां गणिनी पद दिवस एवं 48वां अवतरण दिवस मनाया जाएगा।

ईश्वर का स्वरूप होते हुए भी जीव ईश्वर को पहचानने की कोशिश करता है: रामनारायण

सुनेल. कांदलखेड़ी में भागवत कथा का वाचन राम नारायण महाराज द्वारा कर रहे है। कथावाचक ने बताया कि भागवत कथा मोक्षदायिनी है। जीव ईश्वर का स्वरूप होते हुए भी ईश्वर को पहचानने की कोशिश करता है। इसी कारण मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो पाती है। भागवत जीवन दर्शन का ग्रंथ है और भगवान की भक्ति का आदर्श गोपियां है। गोपियों ने घर नहीं बल्कि स्वधर्म स्वधर्म नहीं, वनगमन भी नहीं किया।

प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने मनाई शिवरात्रि: अकलेरा. प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में महाशिव रात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने शिव बारात निकाली। इसमें गैस गुब्बारे उड़ाकर शिव का संदेश दिया। हनुमान मंदिर पर कार्यकर्ताओं ने शपथ ली। जिला संचालिका ब्रह्म कुमारी मीना बहन ने शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। संचालन ब्रह्म कुमारी नेहा बहन ने किया।

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