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गोपाल गोशाला में भीलवाड़ा की तर्ज पर बनाया जाएगा गोमूत्र जैविक कीटनाशक

राजस्थान टेक्सटाइल मिल की ओर से गोपाल गोशाला में बनाए जा रहे टीनशेड को बहुउपयोगी बनाया जाएगा। इसमें संग्रहित...

Danik Bhaskar | Feb 11, 2018, 02:35 AM IST
राजस्थान टेक्सटाइल मिल की ओर से गोपाल गोशाला में बनाए जा रहे टीनशेड को बहुउपयोगी बनाया जाएगा। इसमें संग्रहित गोमूत्र को एक टैंक में सहेज कर उसे जैविक कीटनाशक के रूप में किसानों को दिया जाएगा।

आरटीएम के समूह अध्यक्ष एसके खंडेलिया ने 300 गायों की क्षमता वाली गोशाला में 18 लाख रुपए से टिनशेड लगवाने की घोषणा कर काम शुरू करवाया था। हाल ही गोपाल गोशाला अध्यक्ष हरगोपाल माहेश्वरी व सचिव प्रकाशचंद पारीक भीलवाड़ा की गोशाला गए, जहां टिनशेड में विशेष प्रकार का फर्श बनाकर गोमूत्र को पास के टैंक में सहेजा जा रहा है। फर्श की रोज पानी से धुलाई की जाती। जिससे पानी और गोमूत्र एक टैंक में एकत्रित हो जाता। इसे वहां के किसान टैंकर में भरकर अपने खेत में जैविक कीटनाशक के रूप इस्तेमाल कर रहे है। गोशाला पदाधिकारियों ने आरटीएम के कार्यकारी अध्यक्ष एसएस माहेश्वरी व सीनियर वाइस प्रेसीडेंट के समक्ष गोशाला में इसी तरह का फर्श और टैंक बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए हाल ही 2.60 रुपए की अतिरिक्त मंजूरी देकर जैविक कीटनाशक बनाने का रास्ता साफ कर दिया।

भवानीमंडी. गोशाला में बनाया जा रहा शेड।

गोमूत्र में जर्दा, आंकड़ा मिलाकर कर रहे उपयोग

कृषि अनुसंधान अधिकारी टीसी शर्मा ने बताया कि कुछ किसान जैविक खेती में जैविक कीटनाशक में गोमूत्र में जर्दा, आंकड़ा, धतूरा आदि मिलाकर उपयोग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें इससे फसल में फायदा मिला है।