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भोग से भक्ति निष्फल: शास्त्री

कस्बे के समीप रामकुंड बालाजी धाम पर श्रीराम सप्ताह के तहत श्रीमद्भागवत कथा का संगीतमय वाचन चल रहा है। जिसमें कथा...

Dainik Bhaskar

Mar 30, 2018, 02:40 AM IST
भोग से भक्ति निष्फल: शास्त्री
कस्बे के समीप रामकुंड बालाजी धाम पर श्रीराम सप्ताह के तहत श्रीमद्भागवत कथा का संगीतमय वाचन चल रहा है। जिसमें कथा का वाचन पंडित बालकृष्ण गणेश दत्त शास्त्री के मुखारविंद किया जा रहा है। सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं। कथा के छठे दिन पं बालकृष्ण शास्त्री ने कहा कि प्राणी जब ज्ञान की चरम परिणति पर पहुंचता है तो उसे पर भक्ति की प्राप्ति होती है।

भक्ति के दो प्रकार की बताई ,एक प्रारंभिक भक्ति जिसे हम सकाम भक्ति कहते है। इसमें जीव को प्रभु का स्तवन होता है। इससे भक्त को भक्ति की अंतिम स्थिति पर जाने पर ज्ञान प्राप्त होता है। ज्ञान के मार्ग पर चलते चलते जब वह अंतिम सीढ़ी पर पहुंचता है तब उसे परमात्मा की परा भक्ति की प्राप्ति हो जाती है। इसके साथ ही दिव्य परा भक्ति मिल जाती है यह दूसरी भक्ति है। परमात्मा की भक्ति के बजाय यदि भोग की कामना करते है ,मोक्ष की इच्छा रखते है तो भी हमारी भक्ति श्रेष्ठ नहीं हो सकती है । इसलिए परमात्मा के चरणों में निष्काम भाव से भक्ति करने से ही परमात्मा जीव को प्राप्त होते है । कथा में पंडित ने रासलीला की कथा, मथुरा गमन की कथा, कंस वध, उद्धव चरित्र व रुक्मिणि विवाह का बड़ा ही मार्मिक तरीके से वर्णन किया। राम कुंड बालाजी कनवाड़ा कनवाड़ी में आयोजित धार्मिक मेला आसपास के ग्रामीणों की आस्था का प्रबल केंद्र बना हुआ है । लंबे समय से लोगों की अगाध श्रद्धा कार्यक्रम में साल-दर-साल चार चांद लगा रही है । मेले की शुरुआत 1953 से हुई । इसमें झालरापाटन , झालावाड़ ,भवानीमंडी , सुनेल ,पिडावा सोयत आदि स्थानों के व्यापारी अपनी दुकान सजाते हैं। रामकुण्ड बालाजी सेवा समिति के संरक्षक जानकी लाल रावल, हनुमान प्रसाद नागर, अध्यक्ष हरिसिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष रामदयाल गुप्ता, नरेश गुप्ता, अशोक दूबे, चन्द्रभान सिंह झाला, कोषाध्यक्ष चेन सिंह नागर, सह कोषाध्यक्ष रामगोपाल गुप्ता व कनवाड़ा सरपंच नारायण सिंह झाला सहित लोगों ने तनमन धन से भाग ले रहें है।

अकलेरा . गुजरी बरड़ी स्थित हनुमान पर श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा एवं श्रीराम महायज्ञ पंडित मनोहर शर्मा वृन्दावन वालों के मुखारविंद से संगीतमय भागवत कथा शुरू हो चुकी है। कथा के चौथे दिन भागवत कथा में भक्त प्रहलाद के चरित्र एवं समुद्र मंथन व भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव उत्साह पूर्वक मनाया। समिति अध्यक्ष महावीर गोयल आदिनाथ ने बताया कि भागवत कथा में आसपास के क्षेत्रों के श्रृद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ रही है। 31 मार्च को भागवत कथा की पूर्णाहुति होगी। कथा कार्यक्रम के लिए समिति का गठन किया गया है। जिसमें कालूलाल सुमन कोषाध्यक्ष तथा कार्यकारिणी समिति में चौथमल योगी मदन लाल सुमन मन्ना लाल ओम नागर कपिल सदस्य बनाए गए हैं।

बकानी। क्षेत्र के बरखेड़ा कलां पंचायत के ग्राम कोटड़ा राड़ी में चल रही श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की जीवित झांकी सजाई गई। इसमें श्रद्धालु जमकर थिरके। कथा के दौरान पंडित सत्यनारायण शास्त्री ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने के लिए होता है। नंद बाबा के घर जन्मोत्सव की खुशियां मनाई गई। उन्होंने भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान मनुष्य योनी में जन्म लेकर दुख में भी सुखी जीवन जीने की सीख देते है। कथा सुनाते हुए पं. सत्यनारायण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण करने से सभी पापों का नाश होता है।

सुनेल. कथावाचक।

सुनेल. संगीतमय भागवत कथा में भजनों पर झूमते श्रोता।

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