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15 दिन बाद भी मंदिर माफी मामले में जांच शुरू नहीं, इधर सरकार ने उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की

जिला प्रशासन के आदेश से भले ही पचपहाड़ तहसील में किसी के खाते नहीं बांधी जा सकने वाली मंदिर माफी की जमीन मामले की एक...

Danik Bhaskar | Feb 15, 2018, 02:45 AM IST
जिला प्रशासन के आदेश से भले ही पचपहाड़ तहसील में किसी के खाते नहीं बांधी जा सकने वाली मंदिर माफी की जमीन मामले की एक पखवाड़े बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है, लेकिन राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर माफी की जमीन की समस्याओं के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की घोषणा कर दी है।

पचपहाड़ तहसील क्षेत्र में मंदिर माफी की 95 बीघा (सेटलमेंट के बाद बड़े बीघा से करीब 60 बीघा) जमीन में से करीब 8.15 बिस्वा जमीन निजी खाते बांधने का यह पूरा मामला तब चर्चा में आया था, जबकि एसडीएम राकेश मीणा ने 14 जनवरी को पचपहाड़ तहसीलदार को सख्त पत्र लिख दिया था।

इसमें तहसीलदार के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट तक दर्ज कराने की चेतावनी तक दे दी थी। पूरे मामले में यह जमीन मंदिर खाते की होने के रिकॉर्ड में डाले गए रेफरेंस को नजर अंदाज किया गया था, लेकिन इस मामले में दोषियों के खिलाफ कोई जांच नहीं हो पाने की बात सामने आने पर कलेक्टर ने एडीआरएम के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर जांच शुरू करने के आदेश दिए थे, लेकिन जहां इस मामले में एसडीएम की ओर से न तो कोई अगली कार्रवाई की गई और न एक पखवाड़े बाद तक भी जांच शुरू हो सकी। पचपहाड़ तहसील क्षेत्र में मंदिर माफी की जमीन से अन्य मामलों की भी तलाश शुरू हो गई है।

सीएम ने बजट में की उच्च स्तरीय समिति की घोषणा

हाल ही पेश हुई राज्य के बजट में सीएम वसुंधरा राजे ने मंदिर माफी से जुड़े हुए विभिन्न विषयों के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की घोषणा की है। बजट की जारी हुई पत्रावली में इसका उल्लेख किया जाने से यहां की मंदिर माफी वाला पूरा मामला फिर से चर्चा में आ गया है।