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पिपलाद बांध में गिर रहा गंदे नाले का पानी, खतरा

आरटीएम में दूषित पानी से बीमार हुए श्रमिकों के बहाने भवानीमंडी का पिपलाद पेयजल स्रोत और इसमें गिरने वाला गंदा...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 12:12 PM IST
आरटीएम में दूषित पानी से बीमार हुए श्रमिकों के बहाने भवानीमंडी का पिपलाद पेयजल स्रोत और इसमें गिरने वाला गंदा नाला चर्चा में आ गया है। इस नाले के गंदे पानी को डाइवर्जन से या अन्य उपाय से पेयजल स्रोत में गिरने से रोकने की दरकार है। वहीं इस नाले से बरसात में पास की बस्तियों को बचाने के लिए इसका मूल स्वरूप बनाए रखने की जरूरत है, लेकिन इस नाले के बहाव क्षेत्र को जो जैसे चाहे वैसे बदल रहा है। इससे इसकी पास की बस्तियों जवाहर काॅलोनी आदि में पानी भरने का खतरा दो साल पहले भी दस्तक दे चुका है। इस पर भी सबने इसकी दुर्दशा से आंखें मूंद ली हैं। दूसरी ओर इसी नाले का गंदा पानी पिपलाद बांध में मिल रहा है। इसकी रोक के लिए जलदाय विभाग और नगर पालिका दोनों ही जिम्मेदार हैं, लेकिन जलदाय विभाग जहां अपने इंटेकवेल और सप्लाई पानी के नमूने लेकर पानी को पेयजल योग्य मान रहा है, लेकिन इस पानी को साफ करने के लिए उन्हें अत्यधिक मात्रा में रसायन मिलाने पड़ रहे हैं, इस तथ्य को वह नजरअंदाज कर रहा है। वहीं नगर पालिका ने नाले के रास्ते में एनीकट बनाने का प्रस्ताव भेजकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। राजनीतिक दलों की इस समस्या के प्रति अनदेखी ने नागरिकों की चिंता को बढ़ाकर यह कहने को मजबूर कर दिया है कि शायद यहां भी किसी को बड़े हादसे का इंतजार है।

दूसरे दिन भी जारी रहा दूषित पानी के शिकार श्रमिकों का इलाज: आरटीएम में दूषित पानी पीने से बीमार हुए 16 श्रमिकों का बुधवार को दूसरे दिन भी उपचार जारी रहा। इनमें से तीन श्रमिकों को बुधवार दोपहर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बाकी 13 में से 5 श्रमिकों को शाम 6 बजे कोटा रैफर किया जानेे लगा, तो उन्होंने यहीं पर रहकर उपचार कराने की जिद कर दी। इस पर उनका भवानीमंडी में ही उपचार जारी रहा। आरटीएम में मंगलवार सुबह टंकी का पानी पीने से 14 महिला और दो पुरुष श्रमिक बीमार पड़ गए थे। उन्हें उल्टी और घबराहट की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल निजी महावीर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जहां पर उनके ड्रिप चढ़ाकर दूसरे दिन भी उपचार जारी रहा।

लापरवाही

जलदाय विभाग और नगर पालिका दोनों ही जिम्मेदार हैं, फिर भी रोक नहीं रहे

भवानीमंडी. दूषित पानी से बीमार हुए श्रमिकों का दूसरे दिन बुधवार को भी उपचार जारी रहा।