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भवन निर्माण का एसई-एक्सईएन के पास अलग-अलग नक्शा

निर्माणाधीन पंचायत समिति का इन दिनों निर्माण कार्य तो बंद है। इसके निर्माण में भी खामियां पाई गई है। यहां तक की एक...

Danik Bhaskar | Jan 30, 2018, 12:20 PM IST
निर्माणाधीन पंचायत समिति का इन दिनों निर्माण कार्य तो बंद है। इसके निर्माण में भी खामियां पाई गई है। यहां तक की एक ही संस्था जिला परिषद के दो अधिकारियों अधीक्षण अभियंता और अधिशाषी अभियंता के पास अलग-अलग निर्माण नक्शे मिले।

इस पर भी निर्माण में तकनीकी खामियां पाई गई। यह इलाका दरार वाली काली मिट्टी का है, लेकिन इसके उपचार के लिए नीचे रेत भरे बिना ही मुख्य भवन में नींव कुर्सी कर उसके बीच में काली-सफेद मिट्टी भर दी गई। इसकी दीवार के पिलर भी सही तरीके से नहीं बनाए गए। यह खामी सोमवार को उस वक्त सामने आई जब विभाग के एसई माहेश्वरी ने इसका निरीक्षण किया। उन्होंने अपने पास के निर्माण नक्शे अनुसार भवन का निर्माण नहीं होता देख एक्सईएन चंद्रशेखर और जेईएन राकेश कुमार से कई सवाल किए। एसई के नक्शे के अनुसार चारदीवारी में नीचे डीपीसी किए बिना चारदीवारी बना दी गई। एक्सईएन ने जवाब दिया कि उनके पास के नक्शे में इसका प्रोविजन नहीं है।

भवानीमंडी. कार्य का अवलोकन करते जिला परिषद के एसई।

एक्सईएन ने मांगा ले आउट प्लान

एसई ने मुख्य भवन एकदम बीच में बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भविष्य में इस भवन का विस्तार करना पड़ा या अन्य कोई और भवन बनाना पड़ा तो वह कहां बनेगा। इसके लिए उन्होंने एक्सईएन से उनके पास का ले आउट प्लान मांगा तो एक्सईएन वह नहीं बता सके। उन्होंने अब तक के निर्माण की गुणवत्ता जांच के लिए क्यूब के बारे में पूछा तो वह भी मौके पर नहीं मिली। इसके बारे में बताया कि दो क्यूब भरी थी उसे जांच के लिए भेज दिया। मौके पर लैब व अवलोकन रजिस्टर भी नहीं मिला। एक्सईएन ने मुख्य भवन के पास की दीवार हटवाकर काली मिट्टी हटवाने की भी कहा।



ठेकेदार ने कहा-हमने तो काम बंद कर रखा है

2.80 करोड़ से निर्माणाधीन भवानीमंडी पंचायत समिति भवन का निर्माण कार्य 25 दिन से एकदम धीमी गति से चल रहा है। सोमवार को काम पूरी तरह बंद था और मौके पर कोई भी लैबर मौजूद नहीं थी। ठेकेदार के प्रतिनिधि ईश्वरसिंह ने बताया कि इस भवन का टेंडर दर से 19 प्रतिशत अधिक दर पर टेंडर लिया था। उसने अभी तक दो बिल पेश किए। जिसमें पहले बिल में उसे एबाऊ दर का भुगतान नहीं करके, केवल टेंडर दर का भुगतान कर दिया। अब दूसरा बिल पेश किया गया तो उसमें भी यही बात सामने आने पर काम बंद कर दिया। ध्यान रहे कि इस भवन का काम जुलाई 2018 में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन अभी तक इसमें मुख्य भवन में नींव कुर्सी तक ही निर्माण हो सका है।