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गुराड़ियामाना:150 में से 125 ट्यूबवैल रीते

गुराड़ियामाना के आस-पास जल स्तर काफी नीचे चले जाने के संकेत मिले है। इस साल बारिश कम होने से 80 प्रतिशत खेत खाली रह गए।...

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 06:55 PM IST
गुराड़ियामाना:150 में से 125 ट्यूबवैल रीते
गुराड़ियामाना के आस-पास जल स्तर काफी नीचे चले जाने के संकेत मिले है। इस साल बारिश कम होने से 80 प्रतिशत खेत खाली रह गए। किसानों में पानी की जरूरत पूरी करने के लिए नए ट्यूबवैल खुदवाने की होड़ मच गई। पूर्व सरपंच विजयसिंह ने बताया कि गुराड़ियामाना क्षेत्र में इस साल 150 ट्यूबवैल खुदवाए गए। करीब 110 रुपए प्रति फीट की राशि खर्च 250 से 300 फीट तक की गहराई तक खुदवाए गए इन ट्यूबवैल में से मुश्किल से 20-25 में पानी आया। यह पानी भी 15-20 दिन आने के बाद ये भी सूख गए। उन्होंने बताया किसानों ने सब मिलाकर करीब 1 करोड़ रुपए ट्यूबवैल खुदवाने पर खर्च कर दिया, लेकिन पानी नहीं आया। यह स्थिति इस क्षेत्र में तेजी से गिर रहे जल स्तर की ओर संकेत कर रही है।

पास के एमपी में नहरों से सिंचाई और यहां पानी की दरकार

गुराड़ियामाना और नारायणखेड़ा क्षेत्र एकदम एमपी से सटे हुए है। इनके पास तक एमपी की चंबल-रेवा लिंक योजना की नहर का पान पहुंचाने के लिए काम जारी है। वहां के किसानों को इससे जल्दी ही पानी मिल सकेंगे। राजस्थान के सीमांत किसानों ने मांग की कि राजस्थान सरकार पड़ोस की एमपी सरकार से वार्ता कर वहां का पानी राजस्थान छोर के अंतिम गांवों तक भी पहुंचाए। जलदाय विभाग के एईएन राजेंद्र खंडेलवाल ने बताया कि आंकखेड़ी पंचायत के निपानियाहाड़ा में हैंडपंप खुदवाया तो वहां पर जल स्तर 170 फीट के भी नीचे मिला। फिर उसमें कैसे पाइप डाले। उसे सूखा छोड़ दिया।

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