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काॅलेज में बिना प्राचार्य उपाचार्य के होगी परीक्षा

शिक्षा आयुक्तालय ने एक बार फिर राजकीय बिड़ला पीजी काॅलेज को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। काॅलेज में तैनात प्रिंसिपल...

Danik Bhaskar | Apr 08, 2018, 02:00 AM IST
शिक्षा आयुक्तालय ने एक बार फिर राजकीय बिड़ला पीजी काॅलेज को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। काॅलेज में तैनात प्रिंसिपल डाॅ. अनीता गुप्ता को कोटा कन्या काॅलेज का अतिरिक्त काॅलेज का प्रभार मिलते ही उन्होंने भवानीमंडी काॅलेज से मुंह मोड़ लिया। काॅलेज में प्रिंसीपल के केश आहरण वितरण अधिकार किसी को नहीं होने से कर्मचारियों की मार्च माह की तनख्वाह रुक गई है। परीक्षा भी निचले कर्मचारियों के भरोसे रह कर, प्रिंसीपल, उपाचार्य के बिना ही संचालित है।

काॅलेज में इस साल नियमित व प्राइवेट मिलाकर करीब 7,450 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। काॅलेज के पास करीब 1100 छात्रों की ही बैठक व्यवस्था है। जबकि काॅलेज में मई माह में एक ही दिन में जनरल इंग्लिश विषय में 1523 तक छात्र परीक्षा देंगे।

अगर काॅलेज में प्राचार्य तैनात रहती तो उनके पास केश आहरण अधिकार होने से 100-125 छात्रों के लिए टेबल-कुर्सी की और व्यवस्था की जा सकती, लेकिन अब इनके लिए नीचे दरी-पट्टी पर बिठाने की नौबत आ गई है। राजकीय बिड़ला काॅलेज की करीब 46 बीघा जमीन की सुरक्षा भी विभागीय झमेलों में उलझी हुई है। शिक्षा आयुक्तालय ने इसका कार्य महानरेगा में करवाने की कह दिया।

बीडीओ से संपर्क किया तो उन्होंने इसके लिए बजट नहीं होने से एमएलए, एमपी फंड से करवाने की कह दिया। काॅलेज में व्याख्याता आदि के कुल 29 पद हैं, लेकिन इसमें से 16 पद रिक्त हैं। इसी तरह नून हाॅल के पास 34.22 लाख रुपए लागत से रसायन प्रयोगशाला का भी निर्माण कार्य शुरू करवाने के लिए स्थान तय कर दिया गया है।