--Advertisement--

स्वच्छता की दौड़ बुलवा रही झूठ : जिंदल का ट्रीटमेंट

स्वच्छता की दौड़ बुलवा रही झूठ : जिंदल का ट्रीटमेंट प्लांट, बारानी का कंपोस्ट प्लांट बताया सर्वे टीम को केंद्रीय...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:20 AM IST
स्वच्छता की दौड़ बुलवा रही झूठ : जिंदल का ट्रीटमेंट प्लांट, बारानी का कंपोस्ट प्लांट बताया सर्वे टीम को

केंद्रीय सर्वे टीम 11 और 12 जनवरी को भीलवाड़ा आई थी। इस दौरान परिषद का कंपोस्ट प्लांट पर्यावरण स्वीकृति के इंतजार में था। कुछ निर्माण कार्य की अनुमति कंपनी को मिल चुकी थी। लेकिन प्लांट शुरू नहीं हुआ था। जब टीम ने पूछा कि क्या आपके यहां कंपोस्ट प्लांट है? इस पर अधिकारियों ने सर्वे टीम को जिंदल और आरजिया स्थित कंपोस्ट प्लांट के बारे में बता दिया। जिंदल वाले कंपोस्ट प्लांट की क्षमता 10 एमएलडी है और करीब 7 से 8 एमएलडी क्षमता से कार्य कर रहा है। बारानी के कंपोस्ट प्लांट से करीब 3000 किलो कचरा ट्रीट किया जाता है। इससे 120 घनमीटर बायोगैस, 50 किलो सीएनजी, 600 किलो खाद बनती है। परिषद ने इसे बता तो दिया लेकिन इनमें से किसी प्लांट के कचरा ट्रीट करने में परिषद की कोई भूमिका नहीं है।




स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 के दौरान नगर परिषद ने केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे नंबर पाने के लिए सात साल से बंद पड़े कंपोस्ट प्लांट को एक ही दिन में चालू कर दिया था। प्लांट कुछ दिन चला लेकिन खाद नाम मात्र की ही बनी थी। कुछ दिन पहले परिषद कर्मचारियों ने किसी को अवैध बिजली कनेक्शन दे दिया था। एकाएक बिजली लोड बढ़ने के कारण ब्लास्ट हो गया। प्लांट अब पूरी तरह से बंद पड़ा है।