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यदुराज के दो साथियों ने तबादला आदेश टाइप किया, शिक्षा निदेशक के साइन भी फर्जी किए, तीनों को निलंबित किया

सोशल मीडिया पर वायरल हुए फर्जी तबादला आदेश मामले में तीनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। यह कागज महज दो...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:30 AM IST
सोशल मीडिया पर वायरल हुए फर्जी तबादला आदेश मामले में तीनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। यह कागज महज दो शिक्षकों की बचकानी हरकत थी जिसे इन्हीं के साथी ने फेसबुक व वाट्सएप पर पोस्ट कर दिया। मामले में तीनों शिक्षक गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष पेश हुए जहां गलती स्वीकार ली।

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) कन्हैयालाल भट्ट के समक्ष गुरुवार सुबह करीब 10.45 बजे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कालीरेडिया के शिक्षक यदुराजसिंह, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोठड़ा का देवेंद्र सिंह व राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय होलीरड़ा के अध्यापक सत्येंद्र सिंह ने गलती स्वीकार कर ली। डीईओ भट्ट ने इन तीनों को निलंबित कर दिया। इनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई। वहीं, इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अलग से प्रारंभ की गई है। डीईओ ने जांच दल भी गठित किया। इसमें एडीईओ अशोक पारीक अध्यक्ष व रायपुर बीईईओ प्रभु दयाल योगी को सदस्य नियुक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि, दैनिक भास्कर ने एक दिन पहले ही बता दिया था कि फर्जी तबादला आदेश जारी होने में भरतपुर जिले के रहने वाले तीन शिक्षकों की भूमिका संदिग्ध है।

एसपी के समक्ष किया पेश ... जिला शिक्षा अधिकारी ने तीनों शिक्षकों को एसपी के समक्ष पेश किया। डीईओ ने एसपी को प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट भी सौंपी। तीनों शिक्षकों के मोबाइल जांच के लिए डीईओ ने जब्त कर लिए। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) कन्हैयालाल भट्ट ने गुरुवार को शिक्षक यदुराज सिंह का मुख्यालय बीईईओ हुरड़ा, देवेंद्र सिंह का मुख्यालय बीईईओ मांडलगढ़ एवं सत्येंद्र सिंह का मुख्यालय बीईईओ कार्यालय जहाजपुर कर दिया। शिक्षा निदेशक श्याम सिंह राजपुरोहित ने शिक्षकांे के निलंबन की पुष्टि की है।



अध्यापक लेवल-1 (परिवीक्षा काल)

राजकीय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय होलीरड़ा (कोटड़ी)

अपराध: फर्जी आदेश टाइप किया, फिर देवेंद्र सिंह को भेजा।

फर्जी सूची में पांच नाम, चार काल्पनिक ... गत एक दो दिन में सोशल मीडिया पर निदेशालय के नाम से स्थानांतरण आदेश वायरल हुआ। इस फर्जी आदेश में जिले के पांच शिक्षकों का तबादला किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने बीईईओ से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी तो यह सामने आया कि इनमें से चार शिक्षक व स्कूल काल्पनिक अंकित किए गए। जबकि एक शिक्षक कोटड़ी ब्लॉक में कार्यरत है।

प्रशिक्षण में 39 शिक्षक गैर हाजिर, वेतन रोकने के निर्देश

पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रीष्मावकाश आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण में गैर हाजिर अध्यापकों का वेतन रोका जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक(प्रशिक्षण) ने यह आदेश जारी किए। रमसा एडीपीसी योगेश पारीक ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान विषयों के प्रशिक्षण के लिए वरिष्ठ अध्यापकों के 10 दिवसीय शिविर हो रहे हैं। इनमें सभी संभागियों एवं दक्ष प्रशिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए अनुपस्थित जिले के 39 कार्मिकों का वेतन आदेशों तक रोकने तथा ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित करन के निर्देश मिल हैं। जिले में उदयपुर के वरिष्ठ अध्यापकों का आवासीय प्रशिक्षण सुवाणा मॉडल स्कूल में चल रहा है। इनमें अंग्रेजी के 60 शिक्षकों के मुकाबले 35 एवं सामाजिक विज्ञान के भी 60 शिक्षकों के मुकाबले मात्र 20 शिक्षक ही उपस्थित हुए।

आरोपी शिक्षक : किसने क्या किया


अध्यापक लेवल-2 (परिवीक्षा काल)

उच्च प्राथमिक विद्यालय, गोठड़ा (कोटड़ी)

अपराध: मजाक करने के लिए टाइप फर्जी आदेश यदुराज सिंह को वाट्सएप किया।

इन्हें लेना होगा प्रशिक्षण... एसएसए के एडीपीसी योगेश पारीक ने बताया कि प्रशिक्षण में नव नियुक्त शिक्षकों को छूट देते हुए लेवल वन के सभी शिक्षकों, लेवल-2 व प्रबोधक लेवल-2 के ऐसे शिक्षक जो लेवल-1 के विरुद्ध लगे हुए उन्हें प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार, प्रबोधक लेवल-1, विशेष शिक्षक, शिक्षाकर्मी, वरिष्ठ शिक्षाकर्मी, अति वरिष्ठ शिक्षाकर्मी, पैराटीचर, महिला पैराटीचर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवासीय प्रशिक्षण 21 मई से चार चरणों में आयोजित होंगे।

तीनों शिक्षक डीईओ के समक्ष ।


अध्यापक लेवल-2

उच्च प्राथमिक विद्यालय, कालीरड़िया (कोटड़ी)

अपराध: देवेंद्र सिंह के भेजे वाट्सएप आदेश की हकीकत पता करने के लिए फेसबुक व वाट्सएप पर डाल दिया।

राज्य में तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादलों की सूचियां तैयार हो चुकी हैं। आदेश अगले माह तक जारी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले ही सोशल मीडिया पर फर्जी सूचियां आने लगी हैं। इसको लेकर सभी जिला शिक्षाधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। आदेश में कहा है कि अब शिक्षा निदेशालय से पुष्टि होने के बाद ही तबादला मान्य माना जाए। उल्लेखनीय है कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर से 14 मई के एक आदेश में भीलवाड़ा, अजमेर सहित अन्य जिले के पांच शिक्षकों के सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी तबादला आदेश जारी हुए थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर के डीईओ को अलर्ट कर दिया है। डीईओ माध्यमिक हेमंत कुमार द्विवेदी ने बताया कि निदेशक प्रारंभिक का आदेश मिलने के साथ ही सभी नोडल प्रधानाचार्यों को इस संबंध में अवगत कराते हुए निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के आदेश को सही नहीं माने, विभाग द्वारा प्राप्त आदेश को ही सही माना जाए।

17 मई को प्रकाशित

सुवाणा मॉडल स्कूल में वरिष्ठ अध्यापक प्रशिक्षण शिविर।

नव नियुक्त शिक्षकों को प्रशिक्षण से छूट | प्रारंभिक शिक्षा परिषद की ओर से 21 मई से होने जा रहे आवासीय प्रशिक्षण में 1 जुलाई 2017 के बाद के नव नियुक्त शिक्षकों छूट दी गई है। इन शिक्षकों को बाद में इंडक्शन प्रशिक्षण में सम्मिलित किया जाएगा। वहीं 6 माह से तीन साल तक के बच्चों की माताओं को केवल अकादमिक प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा। इन्हें आवासीय व्यवस्था से मुक्त रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा परिषद उपायुक्त डॉ. प्रिया बलराम शर्मा ने गुरुवार को आदेश जारी किए।