तीन दिन से भूमि समाधि पर 22 किसान
दादाल ग्राम पंचायत में भारतमाला परियोजना को लेकर किसानों का महापड़ाव बुधवार को 13वें दिन भी जारी रहा। काफी संख्या में किसानों का आमरण अनशन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इधर, 22 किसानों ने आंदोलन स्थल पर ही भूमि समाधि ले रखी है।
महापड़ाव पर माैजूद किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि गुरुवार दोपहर तक किसानों की मांगें नहीं मानी तो किसानों द्वारा कड़ा फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि भारतमाला परियोजना को लेकर प्रदेशभर के किसान प्रदेश से गुजरने वाले दो एक्सप्रेस-वे के विरुद्ध में किसान पिछले करीब 90 दिन से उपखंड कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं, पिछले 13 दिनों से बागोड़ा के पास दादाल प्रदेशभर के कई जिलों से सैकड़ों किसान महापड़ाव में पहुंचकर आंदोलन कर रहे हैं।
महापड़ाव में लगातार तीन से कई किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। दादाल में चल रहे महापड़ाव में 22 किसानों ने भूमि समाधि भी ली है, जिनमें 6 महिलाएं भी शामिल हैं। रविवार शाम को महापड़ाव स्थल पर जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर भूमि समाधि लेने की घोषणा की गई थी, उसके बाद से 22 किसान भूमि समाधि पर बैठे हैं।
किसानों एवं प्रशासन से लगातार वार्ता हो रही है। सोमवार को भी दोनों के बीच वार्ता हुई, लेकिन सफल नहीं हो सकी। बुधवार को धरना स्थल से किसान नेता भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के रमेश दलाल ने संबोधित करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि गुरुवार दोपहर तक राज्य की सरकार किसानों की मांगों पर सहमति नहीं देगी, तो किसान दाेपहर 1 बजे से कड़ा फैसला लेंगे।
महापड़ाव के 13 दिनों के भीतर अब तक किसानों के प्रतिनिधिमंडल व अधिकारियों के बीच कई बार वार्ता हो चुकी हैं। पहले कलेक्टर से वार्ता होने के बाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ किसानाें की बैठक हुई। इसके बाद संभागीय आयुक्त बीएल कोठारी ने भी बागोड़ा पहुंचकर किसानों से वार्ता की कोशिश की। सोमवार को कलेक्टर से फिर वार्ता हुई, लेकिन अभी तक काेई नतीजा नहीं निकला।
इन मांगों को लेकर कर किसान कर रहे प्रदर्शन
किसानों ने प्रस्तावित एनएच 754 पर जालोर व बाड़मेर के किसानों की जमीन को बचाते हुए इस हाईवे को नेशनल हाईवे 68 पर निकालने। जमीन को बाजार की दर पर खरीद करने और मुआवजा अधिनियम 2013 के उल्लंघन करने पर राजस्थान के अधिकारियों पर अापराधिक मुकदमा धारा, 84, 85 व 87 के तहत चलाकर अधिकारियों को 3 साल की सजा देने की मांग की है।