दसवीं बोर्ड में स्टैंडर्ड एवं बेसिक चुनने का मौका

Bhilwara News - गणित को लेकर अक्सर देखा गया है कि बहुत से विद्यार्थी तनाव में रहते हैं। उन्हें गणित का भय सताता है। ऐसे में...

Oct 13, 2019, 07:36 AM IST
गणित को लेकर अक्सर देखा गया है कि बहुत से विद्यार्थी तनाव में रहते हैं। उन्हें गणित का भय सताता है। ऐसे में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस संबंध में बड़ा फैसला लिया है।

ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह कारगर साबित होने वाला है, जिन्हें गणित कठिन लगता है। जो दसवीं से आगे की पढ़ाई गणित के साथ नहीं जारी रखना चाहते हैं। विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए सीबीएसई ने वर्ष-2020 से गणित में विद्यार्थियों को स्टैंडर्ड एवं बेसिक में से किसी एक विकल्प को चुनने का अवसर दिया है। इसके चलते विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में आगामी परीक्षा गणित बेसिक से देने का निर्णय किया है। सीबीएसई ने संबद्ध सभी विद्यालयों से बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों की एलओसी अर्थात लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स मांगी थी। जिसमें सामने आया है कि कई बच्चों ने बेसिक का विकल्प चुना। विद्यार्थियों का यह रुझान बताता है कि गणित तनाव उत्पन्न कर रहा था।

नेशनल फोकस ग्रुप के सुझाव पर सीबीएसई ने यह कदम उठाया है। यदि विद्यार्थी स्टैंडर्ड लेकर दसवीं बोर्ड परीक्षा देता है। यदि वह फेल हो जाता है तो वह बेसिक से कंपार्टमेंट दे सकता है। क्योंकि यदि विषय चुनने में एक बार गलती हो जाए तो आप उस गलती को सुधार सकते हैं। बेसिक का स्तर स्टैंडर्ड से कम है।

नवीं-दसवीं की गणित से तनाव ज्यादा... राष्ट्रीय स्तर की संस्था नेशनल फोकस ग्रुप ने वर्तमान परीक्षा प्रणाली से विद्यार्थियों में उत्पन्न होने वाले तनाव का अध्ययन किया। जिसमें पाया कि कठिन विषयों की परीक्षा के दौरान विद्यार्थी अधिकतम तनाव के दौर से गुजरता है। गणित का प्रश्न पत्र अधिकतम तनाव उत्पन्न करता है। इसी तनाव को कम करने की दिशा में यह कदम उठाया गया।

आसान विकल्प लेने से छूट सकती है गणित

सत्यनारायण उपाध्याय ने बताया कि यह विकल्प विद्यार्थियों को नकारात्मक दिशा में भी ले जा सकता है। आसान रास्ते को चुनना मानव स्वभाव है। ऐसा न हो कि बेसिक का विकल्प उपलब्ध होने पर विद्यार्थी गणित जैसे तार्किक विषय से पल्ला झाड़ने लगें।

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