56 साल में 18 हजार किताबें जुटाईं गुलाबचंद ने, लेक्चरर भी रेफरेंस लेने अाते हैं

Bhilwara News - अपनी लाइब्रेरी में गुलाबचंद मीरचंदानी। यूपीएससी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स की मदद करते हैं सिंधी...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:25 AM IST
Bhilwara News - rajasthan news gulabchand collected 18 thousand books in 56 years lecturers also come to take reference
अपनी लाइब्रेरी में गुलाबचंद मीरचंदानी।

यूपीएससी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स की मदद करते हैं

सिंधी साहित्य के संरक्षण का बीड़ा मीरचंदानी ने उठाया है। इसलिए वे सिंधी साहित्य की 5 हजार से अधिक किताबों का संरक्षण किया हुआ है। इन्होंने हरिशेवा धाम के कॉलेज में सिंधी साहित्य अलग से रखवाया हुआ है। जो भी सिंधी साहित्य पढ़ना चाहता है वह यहां आकर पढ़ सकता है। गुलाबचंद ने एक नया लक्ष्य पिछले कुछ सालों से तय किया है। दरअसल अधिकांश सिंधी साहित्य अरबी लिपि में उपलब्ध है। अरबी लिपि होने की वजह से सिंधी युवा पीढ़ी को समझ नहीं आती हैं। ऐसे में अब देवनागरी लिपि में अनुवाद कर रहे हैं। उनका कहना है कि देवनागरी लिपि में अनुवाद के लिए रोज चार से पांच घंटे निकालकर सिंधी साहित्य की किताबों का अनुवाद कर रहा हूं। मेरे पास सिंधी साहित्य रोमन, देवनागरी और अरबी लिपि में उपलब्ध है।

सौ साल से पुरानी से किताबों से लेकर, धार्मिक साहित्य उपलब्ध

मीरचंदानी ने मूलत: अजमेर से हैं। नौकरी का अधिकांश समय भीलवाड़ा में बीतने के बाद शहर के बापू नगर में रहने लगे। साहित्य में हिंदी, सिंधी, उर्दू, धार्मिक में हिंदू, मुस्लिम, सिख और इसाई अाधारित उपन्यास इनके संग्रह में हैं। ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित मैग्जीन के विशेष अंक इनके पास उपलब्ध हैं। भारत पाकिस्तान युद्ध, ऑपरेशन ब्लू स्टार, राजीव-इंदिरा गांधी की हत्या जैसे घटनाक्रमों पर निकली विशेष मैग्जीन इनके संग्रह में हैं। 100 साल पुरानी अाैर कई दुर्लभ किताबें भी इनके पास मिल सकती हैं।

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