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मजदूरी के बहाने झारखंड से लाई दाे किशाेरियों से मांडल की फैक्ट्री में 10 महीने सामूहिक दुष्कर्म, चंगुल से निकलकर भाेपाल पहुंची...4 पर केस दर्ज

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 09:20 AM IST

Bhilwara News - भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा/ मांडल मांडल क्षेत्र में एक फैक्ट्री में मजदूरी करने के लिए झारखंड से लाई दाे...

Mandal News - rajasthan news on 10 august a 10 month gang rape in jhalanchal39s factory in ladal from jharkhand came out of the clutches and reached bhopal
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा/ मांडल

मांडल क्षेत्र में एक फैक्ट्री में मजदूरी करने के लिए झारखंड से लाई दाे किशाेरियाें को धमकियां देते हुए सामूहिक दुष्कर्म िकया गया। इनसे मारपीट करते व मजदूरी नहीं दी जाती। परेशान किशाेरियां किसी तरह भागी अाैर ट्रेन से भाेपाल पहुंच गई। चाइल्ड लाइन के जरिये महिला थाने में रिपाेर्ट दी। जीराे नंबरी एफअाईअार गुरुवार रात मांडल थाने भेजी गई। करीब एक साल पहले के इस मामले में मांडल पुलिस ने ठेकेदार समेत 4 लाेगाें के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म व पाॅक्साे एक्ट में मामला दर्ज किया।

मांडल पुलिस के अनुसार करीब एक साल पहले उड़ीसा का ठेकेदार माेंटू फैक्ट्री में मजदूरी कराने के लिए झारखंड के डाल्टनगंज जिले से दाे युवतियाें काे लाया था। कुछ दिन बाद ही इनके साथ ठेकेदार, चंद्रकांत सहित दाे अन्य लाेग मारपीट व दुष्कर्म करने लगे। इन्हें मजदूरी भी पूरी नहीं देते। ये गांव जाने के लिए कहती ताे जान से मारने की धमकी दी जाती। परेशान किशाेरियां माैका पाकर भाग निकलीं। चित्ताैड़गढ़ हाेते हुए ये ट्रेन से भाेपाल पहुंच गई।

पीड़िताअाें का एक महिला से संपर्क हुआ जाे इन्हें भाेपाल में चाइल्ड लाइन की संचालक अर्चना सहाय के पास ले गई। वहां इन्हें सखी सेंटर भिजवाया। मेडिकल कराने के बाद वहां के महिला थाने में सामूहिक दुष्कर्म एवं पाॅक्साे एक्ट में जीराे नंबर की एफअाईअार दर्ज की जाे मांडल थाने भेजी गई।


भाेपाल चाइल्ड लाइन की संचालक अर्चना सहाय ने भास्कर काे बताया कि ठेकेदार माेंटू अपनी प|ी पिंकी काे लेकर झारखंड गया था। महिला साथ हाेने से परिजनाें ने किशाेरियाें काे मजदूरी के लिए माेंटू के साथ भेज दिया। ये मांडल में अपने भाई व बहन के ससुर के साथ रहने लगी। माेंटू ने परिजनाें काे तब चार-चार हजार रुपए भी दिए थे। एक-दाे माह सामान्य रूप से किशाेरियां मजदूरी करती रहीं अाैर इन्हें पैसा मिलता रहा। बाद में चंद्रकांत व उसके दाे-तीन अन्य साथी इनसे मारपीट व दुष्कर्म करने लगे। परेशान हाेकर करीब 10 दिन पहले दाेनाें किशाेरियां वहां से निकली। भीलवाड़ा से बस से पहले चित्ताैड़गढ़ पहुंची। वहां स्टेशन पर भटक रही थीं। चित्ताैड़गढ़ शादी में अाई भाेपाल की महिला की इन पर नजर पड़ी। परेशान देख उसने दाेनाें से बात की। यह अापबीती बताते हुए फफक पड़ीं। फिर उसने जानकारी भाेपाल चाइल्ड लाइन की संचालक अर्चना सहाय काे दी अाैर अपने साथ ले गई।

हिंदी नहीं समझने से दुभाषिया से कराई बातचीत

अर्चना का कहना है कि किशाेरियां हिंदी सही तरीके से नहीं समझ पाती। सखी सेंटर में दुभाषिया बुलाकर इनसे बात की। इनकी बहन के ससुर, ठेकेदार माेंटू अादि से भी बात की। इन्हाेंने कहा कि दाेनाें किशाेरियाें काे ट्रेन में बैठाकर भीलवाड़ा भेज दाे। सहाय का कहना है कि घटना की जानकारी उन्हाेंने डाल्टनगंज के महिला व बाल विकास अधिकारी काे भी दी है। उसके बाद साेमवार काे भाेपाल स्थित महिला थाने में जीराे नंबर रिपाेर्ट दी। मांडल की प्रशिक्षु अारपीएस अदिति चाैधरी के नेतृत्व में मांडल एसएचअाे गजेंद्रसिंह, एएसअाई साबिर माेहम्मद व कांस्टेबल राजेश सालवी की टीम किशाेरियाें के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले अाराेपियाें की तलाश में जुट गई। इसके अलावा एक टीम काे भाेपाल भेजा गया है।

डरी किशाेरियां भीलवाड़ा अाने की स्थिति में नहीं

भीलवाड़ा बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डाॅ. सुमन त्रिवेदी का कहना है कि भाेपाल चाइल्ड लाइन संचालक अर्चना सहाय ने झारखंड की दाे किशाेरियाें के साथ फैक्ट्री में सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी दी है। इस पर त्रिवेदी ने सहाय से किशाेरियाें काे भीलवाड़ा भेजने के लिए कहा, पर किशाेरियां बहुत डरी हाेने के कारण अाने की स्थिति में नहीं है। तब जीराे एफअाईअार करवा कर भीलवाड़ा भेजने के लिए कहा था। किशाेरियां अभी भाेपाल ही हैं। ये एक ही गांव की हैं। इनमें रिश्तेदारी नहीं है।

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