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सैलानी अाश्रम में उर्स का समापन अाज, जायरीनाें ने अकीदत के फूल पेश किए

एक वर्ष पहले
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{संदल व कुल की रस्म अाज, चारद पेश करेंगे : सैलानी आश्रम के सज्जादानशीन गुलामाने सैलानी मोहम्मद सलीम बाबा ने बताया कि शनिवार को संदल एवं कुल की रस्म अदा कर चादर शरीफ पेश की जाएगी। रात में समा ए महफिल होगी। जिसमें कव्वाल एवं भजन गायक भंवर अली बीकानेर, अब्बू आरीफ भोपाली, रेखा भोपाली एवं सजदा ग्रुप की अाेर से कलाम पेश किए जाएंगे। सैलानी उर्स में आए जायरीन मुराद पूरी होने पर बच्चों को मन्नत से तोलकर जश्न मनाया जाता है।

कौमी एकता के प्रतीक सैलानी आश्रम में सालाना उर्स जश्ने सैलानी चल रहा है। विभिन्न राज्यों से अकीदतमंद शुक्रवार को ढोल-ताशों के साथ सैलानी आश्रम पहुंचे।

सदगुरु पीरोमुर्शिद मोहम्मद हनीफ रहमान मस्तान सैलानी सरकार बाबा के चिल्ला शरीफ पर अकीदत के फूल पेश कर अमन चैन की दुआ मांगी। रात्रि महफिले शमां में कव्वाल अनवर जानी, मीरा दातार के शकील अजमेरी एंड पार्टी ने सब मस्तों का नारा यही है हक सैलानी या सैलानी...हर दिल ने पुकारा है सैलानी दाता हमारा है..., रजनी शर्मा, सजदा ग्रुप एंड पार्टी ने साजन प्रीत लगा के दूर देश मत जाइयो...अादि कव्वाली पेश की। संदल एवं कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन शनिवार काे हाेगा। सूफी संत मोहम्मद हनीफ मस्तान रहमान सैलानी सरकार ने देश में सांप्रदायिक सौहार्द एवं कौमी एकता की मिसाल कायम की। महाराष्ट्र में जन्मे सैलानी सरकार ने राजाजी का करेड़ा को इबादतगाह बनाकर 35 वर्षों तक साधना की। सरकार सैलानी की खानकाह काे सैलानी आश्रम के नाम से जाना जाता है। यहां सभी जाति, पंथ, धर्म, संप्रदाय के लोग आते हैं। सैलानी सरकार धार्मिक कट्टरता और आडंबरों से मुक्त सिद्ध महायोगी संत के रूप में प्रसिद्ध हुए। 31 मार्च 2015 को सैलानी सरकार ने शताधिक वर्षों की आयु में देह त्याग दी। सैलानी आश्रम में आध्यात्मिक उत्तराधिकारी के रूप में मोहम्मद सलीम सैलानी बाबा की दस्तारबंदी की गई।

{सैलानी अाश्रम में कव्वाली अाैर भजनाें की जुगलबंदी

प्रतिवर्ष जश्ने सैलानी उर्स में कव्वाली और भजनों की जुगलबंदी, आरती तथा रंग गाने के साथ ईश्वर अल्लाह तेरो नाम के भाव यहां देखने को मिलते हैं। दरबारे सैलानी आश्रम में होने वाली मिलाद के दौरान हिंदुओं की उपस्थिति तथा आश्रम में सत्यनारायण कथा तथा आश्रम से जुड़े जिम्मेदार लोगों का भजन संध्या और भागवत कथाओं में शिरकत करना भी गजब का उदाहरण है।

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