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आयुर्वेद से मानवता की सेवा भी तप साधना का ही परिणाम हैः सौभाग्य मुनि

Bhilwara News - श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि, मेवाड़ प्रवर्तक मदन मुनि आदि ठाणा का रायला से विहार कर कंवलियास जाते समय...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 05:01 AM IST
Shahpura News - service of humanity from ayurveda is also the result of practice of asceticism good luck muni
श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि, मेवाड़ प्रवर्तक मदन मुनि आदि ठाणा का रायला से विहार कर कंवलियास जाते समय निकटवर्ती मोतीबोर का खेड़ा ग्राम में स्थित नवग्रह आश्रम में मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। आश्रम की ओर से उनका भावभीना स्वागत किया गया।

सौभाग्य मुनि ने आश्रम का अवलोकन करते हुए प्रत्येक औषधीय पौधे के बारे में आश्रम संचालक हंसराज चौधरी से पूरी जानकारी प्राप्त की तथा आयुर्वेद पर चर्चा की।

मुनि ने आश्रम में आयुर्वेद से उपचार पर प्रवचन भी दिया। उन्होंने उदयपुर में गुरु अंबेश संस्थान में मौजूद आयुर्वेद के ग्रंथों का जिक्र करते हुए आश्रम संचालक से कहा कि वो उनका सहयोग लेकर उपचार को और सरल बनाएं। सौभाग्य मुनि कुमुद ने कहा कि भक्ति के कई तरीके और चेहरे हैं। आयुर्वेद से मानवता की सेवा भी तप साधना का ही परिणाम है। कुछ लोग कपट और पाखंडपूर्ण भक्ति करते हैं। मुनि ने कहा कि पाखंड भक्ति बहुत खतरनाक होती है। यह दूसरों को धोखे में रखती है, लेकिन खुद को भी धोखा देती है। सौभाग्य मुनि ने नवग्रह आश्रम में 455 औषधीय पौधों काे देखा है जो प्रायः विलुप्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद से हर बीमारी का उपचार होता है, पर समय लगता है। आयुर्वेद से उपचार स्थायी होता है। मुनि कुमुद ने कहा कि जीवन में संयम बहुत जरूरी है। इसी से तप होगा और इसी से बुरी आदतों अन्य बुराइयों का नाश संभव है। इसलिए संयम में ही सुख है। उन्होंने कहा कि पाप कर्मों का नाश और सदकर्मों का अभ्युदय संयम से होगा।

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