पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Bhilwara News Three Youths Took The Girl Who Had Gone To School To Go To The Van Dodging In Chanderiya And Participating In The Train Reached Bhilwara By Train

स्कूल जाने के लिए निकली बालिका को 3 युवक वैन में ले गए, चंदेरिया में चकमा देकर भागी, ट्रेन से भीलवाड़ा पहुंची

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

चित्तौडगढ में कच्ची बस्ती सेक्टर चार में स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार करती नाबालिग लड़की का वैन में आए तीन बदमाशों ने अपहरण कर लिया। तीनों उसे चंदेरिया स्टेशन ले गए जहां लड़की चकमा देकर भाग निकली। वह ट्रेन से भीलवाड़ा पहुंच गई। भीलवाड़ा स्टेशन पर ऑटो चालक उसे आरपीएफ थाने ले गए। आरपीएफ अधिकारियों ने परिजनों को बुलाकर उन्हें लड़की सौंप दी।

आरपीएफ थाना प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने बताया कि बालिका गुरुवार दोपहर ऑटो चालक ललन यादव व विजय गवारिया को मिली। दोनों उसे थाने लेकर पहुंचे। एएसआई रामकिशोर सबल को पूछताछ में लड़की ने भीलवाड़ा निवासी मामा सलीम के पास जाने के लिए बोला और रोने लगी। रेलवे पुलिस चौकी से महिला कांस्टेबल राममूर्ति को बुलाया, जिसने लड़की से पूछताछ की। उसने चित्तौड़गढ़ की बताते हुए नाम नािजया, पिता का नाम इकबाल खान निवासी चित्ताैड़ बताया। बताया कि वह सुबह स्कूल जाने के लिए बस स्टॉप पर खड़ी थी। इसी दौरान एक वेन आई। उसमें सवार एक लड़के ने खींच कर उसे वैन में नीचे बैठाकर मुंह बंद कर दिया। वे उसे चित्तौड में घुमाते रहे। एक लड़के का नाम रमेश बोला जा रहा था। बाद में चंदेरिया स्टेशन के पास लाकर वैन को खड़ी कर तीनों उतर कर जाने लगे तो वह मौका पाकर स्टेशन पर खड़ी सवारी गाड़ी में बैठकर भीलवाड़ा आ गई। उसने अपने साथ किसी तरह की अनहोनी घटना होने इंकार किया है।

टीचर की सीख आई काम ... लड़की ने बताया कि स्कूल में टीचर बताती हैं कि कभी भी इस तरह की घटना हो जाए तो कुछ बोलो मत चुपचाप देखते रहो और मौका पाकर भाग निकलो। घर वालो के मोबाइल नंबर याद रखो। किसी की मदद लेकर उनसे संपर्क करो। चंदेरिया स्टेशन पर तीनों युवक नीचे उतर बातचीत करने लगे। इसी दौरान वह भाग कर स्टेशन पहुुंंची और ट्रेन से भीलवाड़ा पहुंच गई।

तीनों के बंधे थे मुंह ... महिला कांस्टेबल की पूछताछ में लड़की ने कहा कि वह हड़बड़ाहट में उनके कपड़ों आदि का तो ध्यान नहीं रख पाई लेकिन सिल्वर रंग की मारुति वैन में तीनों उसे तीन-चार घंटे चित्तौड़ में घुमाते रहे। उनमें से दो आगे तथा एक युवक पीछे बैठा था। पीछे वाले ने उसे हाथ पकड़ कर नीचे बैठाए रखा।

खबरें और भी हैं...