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अतिवृष्टि में खुद प्रशासन के लिए सहायक हुई थी हेल्पलाइन, अब बंद की, लोगों को होगी मुश्किलें

जिलेवासियों की समस्याओं के समाधान व आपात स्थिति में सुविधा उपलब्ध करवाने में कारगर साबित हुई हेल्पलाइन को चालू...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:20 AM IST

अतिवृष्टि में खुद प्रशासन के लिए सहायक हुई थी हेल्पलाइन, अब बंद की, लोगों को होगी मुश्किलें
जिलेवासियों की समस्याओं के समाधान व आपात स्थिति में सुविधा उपलब्ध करवाने में कारगर साबित हुई हेल्पलाइन को चालू रखने के लिए जिलेवासियों ने भी आवाज उठाना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना था कि वर्तमान कलेक्टर 181 नंबर पर शिकायतें दर्ज करने की बात करते हैं मगर वो पहले राज्य स्तर पर दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन को मिलेगी। ऐसे में किसी आपात स्थिति में पीडि़त को सहायता नहीं मिल पाएगी। जनप्रतिनिधियों को भी जागरूक होकर जनहित के लिए कलेक्टर से वार्ता कर हेल्पलाइन को 24 घंटे सुचारु रखने के लिए प्रयास करने चाहिए। ग्रामीणों के पास सभी विभागीय अधिकारियों के नंबर नहीं होते हैं, ऐसे में बिजली व पानी की समस्या के साथ किसी दुर्घटना की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद त्वरित समाधान हो जाता है। कलेक्टर स्टाफ की कमी का हवाला दे रहे हैं, तो फिर इतने सालों से हेल्पलाइन कैसे संचालित हो रही थी।

अतिवृष्टि के दौरान बाढ़ पीडि़तों को मिली थी सहायता

181 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाने पर वो राज्य स्तर पर जाएगी मगर स्थानीय लोगों को उनकी समस्या का त्वरित समाधान नहीं मिल पाएगा। करीब 12 सालों से स्थानीय लोगों को आपात स्थिति में हेल्पलाइन लाभकारी साबित हुई है जिसे केवल स्टाफ की कमी का हवाला देकर बंद किया जाना अनुचित है। इतने सालों से भी तो हेल्पलाइन चल रही थी। जनप्रतिनिधियों को भी जनहित के लिए कलेक्टर से वार्ता करनी चाहिए। -कमलेश सोलंकी, कर सलाहकार, जालोर

हेल्पलाइन की आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए अच्छी व्यवस्था है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की काफी समस्याओं का समय पर निराकरण हुआ है। जनहित को देखते हुए हेल्पलाइन को बंद नहीं करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों को भी जागरूक होकर इसे चालू रखने के लिए आवाज उठानी चाहिए। -रमेश कुमार आचार्य, व्यापारी, सायला

हेल्प लाइन बंद करने से आम लोगों को परेशानी होगी। हेल्पलाइन पर किसी भी विभाग से संबंधित शिकायत का स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होने पर जिला स्तर पर सीधे शिकायत दर्ज करवा सकते हैं जिससे समाधान भी जल्दी हो जाता है। साथ ही आपात स्थिति में भी सहायता मिल जाता है। हेल्पलाइन बंद होने के बाद लोगों को परेशानी होगी। -राजेश फुलवारिया, व्याख्याता, भीनमाल

गत वर्ष अतिवृष्टि के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन वरदान साबित हुई थी। साथ ही जिला प्रशासन को भी लोगों ने हेल्पलाइन पर फोन कर समस्याओं से अवगत करवाया था जिसके चलते प्रशासन भी आपदा से निपटने में काफी हद तक सक्षम रहा। जनसुविधार्थ शुरु की गई हेल्पलाइन को बंद करना लोगों के लिए नुकसानदेह साबित होगा। -श्रवण सारण, व्यापारी सांचौर

जिला स्तर पर संचालित हो रही हेल्पलाइन शिकायतों का निस्तारण भी जल्द हो जाता है लेकिन अब शिकायत संपर्क पोर्टल पर दर्ज करनी होगी जो जयपुर शिकायत जाने के बाद जिले में आएगी। ऐसे में निराकरण में देर होगी। -डॉ. कमलेश अग्रवाल, चिकित्सक भीनमाल

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Web Title: अतिवृष्टि में खुद प्रशासन के लिए सहायक हुई थी हेल्पलाइन, अब बंद की, लोगों को होगी मुश्किलें
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