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भीनमाल-सांचौर भास्कर

समझदार होने की असली निशानी ज्ञान नहीं है बल्कि कल्पना करने की आपकी शक्ति है। -अल्बर्ट आइंस्टीन रामसीन

Danik Bhaskar | Feb 26, 2018, 03:00 AM IST
समझदार होने की असली निशानी ज्ञान नहीं है बल्कि कल्पना करने की आपकी शक्ति है।

-अल्बर्ट आइंस्टीन

रामसीन
सोमवार 26 फरवरी, 2018 फाल्गुन शुक्ल पक्ष-11, 2074

टीचर- आज इतने लेट क्यों पहुंचे? स्टूडेंट-सड़क पर एक आदमी का हजार रुपए का नोट गुम हो गया था। टीचर- तो तुम क्या नोट ढूंढने में मदद कर रहे थे? स्टूडेंट- मैं उस आदमी के जाने का इंतजार कर रहा था क्योंकि नोट मेरे पैर के नीचे था।