• Hindi News
  • Rajasthan
  • Bhinmal
  • 38 वर्षों से नहीं बढ़े कर्मचारियों के पद, तीन पोस्टमैन संभाल रहे शहर की डाक व्यवस्था
--Advertisement--

38 वर्षों से नहीं बढ़े कर्मचारियों के पद, तीन पोस्टमैन संभाल रहे शहर की डाक व्यवस्था

वर्ष 1980 से भीनमाल का डाकघर कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। यहां पर मात्र तीन पोस्टमैन कार्यरत होने से पूरे शहर की...

Dainik Bhaskar

Feb 27, 2018, 03:40 AM IST
38 वर्षों से नहीं बढ़े कर्मचारियों के पद, तीन पोस्टमैन संभाल रहे शहर की डाक व्यवस्था
वर्ष 1980 से भीनमाल का डाकघर कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। यहां पर मात्र तीन पोस्टमैन कार्यरत होने से पूरे शहर की डाक का जिमा इन पर है ऐसे में कई जरूरी डाक समय पर नहीं पहुंच पाती है। लोग डाक नहीं मिलने की स्थिति में डाकघर पहुंच जाते है और अपनी डाक को ले जाते है। कर्मचारियों के रिक्त पदों को लेकर उपडाकपाल ने उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया है लेकिन पोस्टमैन व अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। भीनमाल का आबादी एरिया विस्तृत होने से यहां मात्र तीन पोस्टमैन पूरे शहर की डाक व्यवस्था का जिमा संभाल नहीं पाते है। दूर-दराज एरिया में डाक समय पर नहीं पहुंच पाती है।

आबादी बढ़ी, पद वही : शहर की आबादी का अनुपात बढ़ गया, लेकिन स्थानीय पोस्ट ऑफिस में कर्मचारियों की संया में बढ़ोतरी नहीं होने से यहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए सफलतापूर्वक कार्य को अंजाम देकर ग्राहकों की उमीदों पर खरा उतरना टेढ़ी खीर बना हुआ है। कर्मचारियों की कमी के चलते डाकघर में आए दिनों ग्राहकों को कार्य के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है ऐसे में कई बार कर्मचारियों को ग्राहकों के विरोध का शिकार होना पड़ता है।

मोबाइल युग के बाद भी कई आवश्यक कार्यों के कागजात डाक के जरिए पहुंचते हैं लोगों के घर, भीनमाल में वितरण व्यवस्था लड़खड़ाई

जिमेदारी भी है बड़ी

डाकघर में बचत खाते, स्पीड़ पोस्ट, रजिस्टर्ड पोट, बचत पेंशन, बचत नरेगा, आवृत्ति जमा, बिजनेस पोस्ट, मीडिया पोस्ट, पार्सल इत्यादि का कार्य करना होता है। इतना ही नहीं अब यहां आधार कार्ड बनाने के लिए भी मशीनें दी गई जिसका कार्य भी इन्हीं कर्मचारियों को करना होगा। वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने के बाद यहां कार्य व्यवस्था लडख़ड़ा जाती है। ऑन लाइन खरीददारी के चलते अमेजन, िलपकार्ट से बड़े-बड़े पार्सल पहुंचते है जिन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए पोस्टमैन के पास कोई सुविधा नहीं होती है इससे परेशानी भी होती है।

डाकघर में डाक को एरिया वाईज करते हुए पोस्टमैन।

38 साल से हालात वहीं

जानकारी के अनुसार स्थानीय डाकघर में वर्ष 1980 में उपडाकपाल का एक, डाक सहायक, पोस्टमैन के तीन पद स्वीकृत थे ऐसे में 38 साल बाद भी स्वीकृत पदों में वृद्धि नहीं हुई है, जबकि शहर का आबादी क्षेत्र तीन-चार गुणा बढ़ जाने से कार्य भी इसी अनुपात में बढ़ा है।

प्रभावित हो रहा है कार्य



X
38 वर्षों से नहीं बढ़े कर्मचारियों के पद, तीन पोस्टमैन संभाल रहे शहर की डाक व्यवस्था
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..