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सरकारी कर्मचारियों का यूनिवर्सल डॉनर वॉट्सअप ग्रुप, दस जिले में उपलब्ध कराता है आे निगेटिव रक्त

रेयर माना जाने वाले ओ निगेटिव रक्त की जरूरत यदि आपको है तो आप जालोर के यूनिवर्सल डॉनर ओ निगेटिव निगेटिव समूह से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 12, 2018, 03:55 AM IST

रेयर माना जाने वाले ओ निगेटिव रक्त की जरूरत यदि आपको है तो आप जालोर के यूनिवर्सल डॉनर ओ निगेटिव निगेटिव समूह से संपर्क कर सकते है। ये समूह जालोर के साथ 10 जिलों में रक्त उपलब्ध कराता है। इस समूह में वर्तमान में 100 रक्तदाता जुडे हुए है जो सभी सरकारी अधिकारी व कर्मचारी है। रक्त की कमी को देखते हुए वर्ष 2015 में तत्कालीन कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी की प्रेरणा से आरएएस जवाहर चौधरी तथा एकाउंटेंट्स रामगोपाल विश्नोई ने इस समूह की शुरुआत की थी। राज्य भर में अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच सर्वे कर इस समूह से 100 से अधिक लोगों को जोड़ा जा चुका है। जो जालोर सहित प्रदेश के 10 जिलों में जरूरत पड़ने पर रक्त उपलब्ध कराते है।

रेयर है ओ निगेटिव

जानकार बताते है कि 100 में से करीब 95 प्रतिशत लोगों का ब्लड पॉजिटिव होता है। 5 प्रतिशत लोग होते हैं, जिनका ब्लड ग्रुप निगेटिव होता है। इन 5 प्रतिशत निगेटिव ब्लड ग्रुप के लोगों में भी ओ निगेटिव रेयर होता है। यह ब्लड ग्रुप किसी को भी चढ़ाया जा सकता है।

आरएएस जवाहर चौधरी व एकाउंटेंट्स रामगोपाल बिश्नोई है ग्रुप एडमिन, अब तक देशभर में सोशल मीडिया

के माध्यम से सर्वे कर समूह से जोड़े 100 से अधिक रक्तदाता, दस जिलों तक जरूरत पड़ने पर पहुंचाते है रक्त

इस कारण हुआ समूह का निर्माण

1 मई 2015 को तत्कालीन जिला कलेक्टर जालोर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने मजदूर दिवस पर जालोर में रक्तदान शिविर लगाया। उस शिविर में 101 लोगों ने रक्तदान किया था। शिविर में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी व सहायक लेखाधिकारी रामगोपाल बिश्नोई का ‘ओ निगेटिव’ रक्त था। इस प्रकार से इस रक्त समूह के कम लोगों को देखते हुए उसी दिन से ‘यूनिवर्सल डॉनर ओ निगेटिव’ वॉट्स अप समूह बनाकर कुछ सकारात्मक कार्य करने का निर्णय लिया। उसके बाद से सोशल मीडिया के माध्यम से सर्वें कर अब तक 100 से अधिक लोगों को वाट्सअप ग्रुप से जोड़ा जा चुका है। आगे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़कर सोसाइटी के रूप में संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। आईएएस डॉ. सोनी, आरएएस चौधरी व एएओ बिश्नोई इस समूह के एडमिन है।

जालोर. प्रसूता को जरूरत पड़ने पर ओ नेगेटिव रक्तदान करते रामगोपाल।

आपातकालीन सेवाओं में समूह सदस्य बने मददगार

समूह में प्रदेश के 10 जिले के रक्तदाता जुड़ चुके हैं। जहां इस रक्त की जरूरत पड़ती है तो तत्काल प्रभाव से उपलब्ध करवाया जाता है। कुछ दिनों पहले जालोर के एक निजी चिकित्सालय में एक प्रसूता अंशु अग्रवाल की डिलीवरी के दौरान सूचना मिलने पर समूह के एडमिन रामगोपाल विश्नोई ने वहां पहुंच रक्तदान किया था। धोरीमन्ना (बाड़मेर) के सदस्य श्रीराम ने सांचौर पहुंचकर रक्तदान किया था। इसी प्रकार दाता शिक्षक ओमप्रकाश जानी सांचोर में एक प्रसूता को रक्त देकर मददगार बने। इसी प्रकार जयपुर में हासम खां ने आवश्यकता पड़ने पर रक्त दिया। भीनमाल में कृषि विपणन अधिकारी जयकिशन खिलेरी ने भी ओ नेगेटिव रक्त की जरूरत पड़ते ही तत्काल पहुंचकर रक्तदान किया।

बहुत रेयर है ओ निगेटिव

यह ब्लड समूह दुर्लभतम है। इसलिए जरूरतमंद को यथाशीघ्र ब्लड मुहैया करवाने में यह समूह महती भूमिका का निर्वहन कर सकता है। - डॉ जितेंद्र कुमार सोनी, जिला कलेक्टर झालावाड़

ओ निगेटिव ब्लड समूह के मरीजों को सुगमतापूर्वक ब्लड मुहैया करवाने के लिए इस समूह का निर्माण किया था क्योंकि यह ब्लड रेयर ऑफ रेयरेस्ट होने के कारण आसानी से नहीं मिल पाता। - जवाहर चौधरी सीईओ, जिला परिषद, नागौर

इसमें दिल्ली, अहमदाबाद सहित राजस्थान के 10 जिलों के लोग जुड़े हुए है। देशभर से अधिकाधिक लोगों को बतौर सदस्य जोड़कर जरूरतमंद के लिए ब्लड डोनेट करवाया जाएगा। - रामगोपाल विश्नोई, एडमिन, यूनिवर्सल डॉनर ओ निगेटिव

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