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नर्मदा ईआर मैन परियोजना : कार्य की धीमी गति के चलते अक्टूबर 2018 तक नर्मदा प्रोजेक्ट कार्य पूर्ण होना मुश्किल

शहर सहित ३०७ गांवों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए नर्मदा का फ्लोराइडमुक्त पानी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 02:05 AM IST
शहर सहित ३०७ गांवों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए नर्मदा का फ्लोराइडमुक्त पानी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से मंजूर 372.७० करोड़ की लागत के नर्मदा ईआर प्रोजेक्ट कार्य धीमी गति से होने के कारण इसमें और विलंब लगने की संभावना लगने लगी है। कंपनी को इस प्रोजेक्ट के तहत अक्टूबर 2018 तक कार्य पूर्ण करना है लेकिन फिलहाल ५५ प्रतिशत ही कार्य हो पाया है। प्रोजेक्ट के तहत पम्प हाउस पर मोटर लगाने, पाइप बिछाना सहित कई मुख्य कार्य अभी बाकी है। इस परियोजना के तहत १४४ किमी लंबी पाइप लाइन बिछाना प्रस्तावित है जो ७८ किमी तक बिछाई जा चुकी है।

अधिकारी बोले : कब पूरा होगा, कह नहीं सकते


372.70 करोड़ खर्च होंगे नर्मदा ईआर प्रोजेक्ट पर

भीनमाल. भीनमाल-करडा मार्ग पर कई महिनों से पड़े नर्मदा प्रोजेक्ट के पाइप।

शहर सहित 307 गांव लंबे समय से कर रहे नर्मदा नीर का इंतजार

राज्य सरकार ने नर्मदा ईआर ट्रांसमिशन मेन प्रोजेक्ट के तहत 256 गांवों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए ईआर आधारभूत परियोजना की तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट संशोधित कर 19 सितंबर 2013 को 455.16 करोड़ की परियोजना जारी की गई थी। वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर भीनमाल शहर सहित 256 गांवों व करीबन एक हजार से अधिक ढाणियों को पानी उपलब्ध करवाना था, लेकिन योजना में संशोधन के बाद भीनमाल शहर सहित गांवों की संख्या बढ़कर 307 हो गई। इस कार्य के लिए मैसर्स एसपीएमएल इन्फ्रा लिमिटेड के नाम निविदा खुलने पर ३७२.७० करोड़ रुपए का कार्यादेश जारी किया। इस कार्य को फर्म की ओर से 4 अक्टूबर 2016 को पूर्ण कर देना था मगर बजट व अन्य कारणों से देरी के चलते अब अक्टूबर 2018 कार्य पूर्ण करके देना है। मगर कार्य की धीमी गति के चलते शहर सहित 307 गांवों को नर्मदा नीर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कार्य की गति यही रही तो आने वाले गर्मी के मौसम में भी आमजन को पेयजल संकट झेलना पड़ेगा।

भीनमाल. नर्मदा प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए पम्प हाउस में उग आई।

उच्च जलाशय में उग आई झाड़ियां

नर्मदा परियोजना ईआर प्रोजेक्ट के तहत सांचौर के पालड़ी सोलंकियान से रामसीन वाया भीनमाल तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाना है इसके लिए भीनमाल में उच्च जलाशय का सिविल कार्य पूर्ण हो गया है। यहां पम्प हाउस बनाने के बाद कोई आया ही नहीं ऐसे में भवन में झाडिय़ां उग आई है। परिसर के चारों तरफ दीवार तो खींची गई है मगर गेट लगा नहीं होने के कारण आवारा पशुओं की शरणस्थली बन गया है।

यह है परियोजना

भीनमाल शहर एवं ३०७ गांवों व करीबन एक हजार से अधिक ढाणियों को नर्मदा का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 19 सितंबर 2013 को 455.16 करोड़ रुपए की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी की थी। जल संसाधन विभाग की ओर से निविदा आमंत्रित कर खोली गई थी, जिसमें गुडग़ांव की फर्म एसपीएमएल के नाम निविदा खुली। 24 सितंबर 2013 को कार्यादेश के साथ ही यह कार्य अक्टूबर 2016 में पूर्ण करने की सीमा निर्धारित की गई। मगर बजट व अन्य कारणों से इसमें समय लग गया अब विभाग द्वारा अक्टूबर 2018 तक इस कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके तहत पालड़ी सोलंकियान में करीब 70 हैक्टेयर भू-भाग में डिग्गी (आरडब्ल्यूआर) निर्माण, खारा, क्षेमंकरी माता मंदिर भीनमाल व रामसीन में ब्रेक-अप पोइंट (इंटर मीडिएट बूस्टिंग स्टेशन) करीब 144 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाना प्रस्तावित है।