Hindi News »Rajasthan »Bhinmal» मुमुक्षु पायल की दीक्षा को लेकर निकला वरघोड़ा, जयकारों से धर्ममय हुई दादाल नगरी

मुमुक्षु पायल की दीक्षा को लेकर निकला वरघोड़ा, जयकारों से धर्ममय हुई दादाल नगरी

मुमुक्षु 22 अप्रैल को पालीतांणा तीर्थ में लेंगी दीक्षा भास्कर न्यूज | सुराणा दादाल गांव की लाडली मुमुक्षु...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 18, 2018, 02:15 AM IST

मुमुक्षु 22 अप्रैल को पालीतांणा तीर्थ में लेंगी दीक्षा

भास्कर न्यूज | सुराणा

दादाल गांव की लाडली मुमुक्षु पायलकुमारी सुपौत्री सुबटी देवी राणमल श्रीश्रीमाल के दीक्षा कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को सवेरे ढोल-ढमाकों के साथ वर्षीदान वरघोड़ा निकाला गया। मोह माया की दुनिया का त्याग कर धर्म के पथ पर अग्रसर होने जा रही दादाल गांव की बेटी का सभी वर्ग के लोगों ने स्वागत किया। वरघोड़े में ध्वज, रथ, बैंड-बाजे की धुन पर जैन समाज की महिलाएं मंगल कलश लेकर चल रही थी।

साथ ही युवा भक्ति गीतों पर थिरक रहे थे। गुरुदेव एवं दीक्षार्थी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। वरघोड़े में जैन समाज की महिलाओं की ओर से गरबा की प्रस्तुति आकर्षण का कंेद्र रहा। शोभायात्रा वाले मार्गों पर ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा कर गुरुदेव एवं दीक्षार्थी का स्वागत किया। वरघोड़ा मुमुक्षु निवास से रवाना होकर गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए जैन मंदिर पहुंचा। जहां पर दीक्षार्थी ने मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वरघोड़े में दीक्षार्थी मुक्त हस्तो से सांसारिक वस्तुओं का त्याग करती हुई दान कर रही थी, जिन्हें पाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही थी। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद थे। रथ पर सवार दीक्षार्थी पायल कुमारी ने भी हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।

सुराणा. दादाल में वर्षिदान में भाग लेती मुमुक्षु व लोग।

पायल कुमारी 22 को पालीतांणा तीर्थ में लेगी दीक्षा

पायल कुमारी 22 अप्रेल को गुजरात के पालीतांणा तीर्थ में राष्ट्रसंत आचार्य देवेश श्रीमदजय जंयतसेनसूरीश्वर की आशीष, आचार्य नित्यसेनसूरीश्वर एंव जयर|सूरीश्वर महाराज सहित श्रमण-श्रमणीवृंद के सान्निध्य में दीक्षा को लेकर संयम मार्ग को अपनाएगी।

संसार क्षणिक सुख का आधार: जैन संत

प्रवचन कार्यक्रम में अमृतर| विजय महाराज ने कहा कि संसार क्षणिक सुख का आधार है, जो अस्थाई है। उसका आनंद लंबे समय तक नहीं ले सकते हैं। इसलिए जीवों को स्थाई सुख व आनंद के लिए निस्वार्थ भाव से परमात्मा की भक्ति करनी चाहिए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bhinmal

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×