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भीनमाल शहर में भीषण पेयजल संकट सात दिन में एक बार हो रही जलापूर्ति

शहर की पेयजल समस्या हर साल की तरह इस साल भी गर्मी के मौसम में परेशानी का सबब बन गई है। लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 08, 2018, 02:15 AM IST

भीनमाल शहर में भीषण पेयजल संकट सात दिन में एक बार हो रही जलापूर्ति
शहर की पेयजल समस्या हर साल की तरह इस साल भी गर्मी के मौसम में परेशानी का सबब बन गई है। लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए संकट से जूझ रहे है। लोग हर वर्ष किसी तरह पानी का जुगाड़ करके गर्मी का मौसम निकाल देते है। इस तरह के हालात केवल इस वर्ष ही नहीं बल्कि आए वर्ष उत्पन्न होते है। मगर फिर भी राज्य सरकार नर्मदा ईआर प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करवाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। हालांकि भीनमाल विधायक पूराराम चौधरी व नर्मदा प्रोजेक्ट के अधिकारी एक सप्ताह के भीतर डीआर प्रोजेक्ट के तहत शहर को पानी उपलब्ध करवाने का आश्वासन जरूर दे रहे है। इन दिनों पेयजल के हालात ऐसे है कि कई कॉलोनियों में सप्ताह में मात्र एक दिन ही सप्लाई हो रही है। वैसे तो पेयजल की समस्या पूरे शहर में व्याप्त है लेकिन इन दिनों सबसे ज्यादा समस्या माघ कॉलोनी, ईराणियों का वास, खारा कुआ, टेकरावास, आथमणा रेबारियों का वास, खारी रोड इत्यादि इलाकों में है। यहा पेयजल की सप्लाई सप्ताह में मात्र एक दिन ही हो रही है ऐसे में लोग पैसे खर्च कर टैंकर मंगवाने को मजबूर है। पेयजल की समस्या से त्रस्त लोग जनप्रतिनिधियों की ढिलाई की बात कह रहे है।

पेयजल अव्यवस्था से लोग परेशान, विधायक ने कहा सप्ताह भर से नर्मदा डीआर प्रोजेक्ट से मिलेगा पानी

विभाग को गर्मी में ही याद आते है कार्य

पेयजल समस्या से परेशान लोग हर साल उपखण्ड अधिकारी व जलदाय विभाग कार्यालय के आगे मटके फोडकर पानी की मांग करते है। हाल ही में कई कॉलोनियों के लोगों ने ज्ञापन भी सौंपे है। लोगो के विरोध के बाद जब विभाग की नींद खुलती है तो आनन-फानन में गर्मी के मौसम में ही पाइप लाइन संबंधी कार्य किए जाते है जबकि अन्य महिनों में भी यह कार्य हो सकता है। सोमवार को शहर के पुराने पूनासा बस स्टेण्ड से जाकोब तालाब तक एसआर को पाइप लाइन से जोड़ने के लिए मुख्य मार्ग पर खाई खुदाई का कार्य किया जा रहा है।

76 जॉन पर राजपुरा व धनवाडा के 14 ट्यूबवैल से होती है सप्लाई

भीनमाल शहर के ७६ जॉन पर पेयजल सप्लाई के लिए जलदाय विभाग के पास राजपुरा व धनवाडा जल के मुख्य स्त्रोत है। राजपुरा में 8 और धनवाडा में 6 टयूबवैल है। दोनों स्रोतों से शहर के उच्च जलाशयों में मोटर पंप द्वारा प्रेशर देकर पानी पहुंचाया जाता है। इन जल स्त्रोतों से शहर तक पानी सप्लाई करने में विद्युत, मोटर पम्प व पाइप लाइन मुख्य है। इन तीनों में समस्या उत्पन्न होने पर ही शहर की पेयजल समस्या बाधित होती है। एक्सईएन डीसी डांगी ने बताया कि मोटर पम्प व पाइप लाइन वर्षो पुरानी होने के कारण आए दिन खराब व क्षतिग्रस्त होते रहते है इधर विद्युत कटौती व फॉल्ट आ जाने से भी जलापूर्ति बाधित होती है। चार दिन पूर्व सुंधामाता की तरफ निर्माणाधीन सड़क की वजह से राजपुरा चौराहा पर १२ इंच की मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से बड़ी मशक्कत के बाद ठीक किया गया। इस तरह मुख्य लाइन के लीकेज की वजह से शहर की सप्लाई दो दिनों के लिए बाधित हुई। इस मुख्य लाइन को वापिस भरने में भी कई घंटो लग जाते है।

माघ कॉलोनी में पेयजल की समस्या को लेकर एकत्रित हुए लोग।

फिलहाल डीआर प्रोजेक्ट से मिलेगी राहत

पेयजल संकट से जूझ रहे शहरवासियों को फिलहाल डीआर प्रोजेक्ट के तहत राहत मिल सकती है। इसके लिए विभाग ने रानीवाड़ा से राजपुरा तक टेस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है। नर्मदा प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता कांतीलाल कांत ने बताया कि डीआर प्रोजेक्ट के तहत भीनमाल को एक सप्ताह के भीतर पानी उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। पांच दिन पूर्व ही योजना के तहत रानीवाड़ा तक पानी पहुंचाया गया है। रानीवाड़ा से राजपुरा तक पानी के लिए टेस्टिंग का कार्य चल रहा है। टेस्टिंग पूरी होने के पश्चात सुचारू रूप से पेयजल की सप्लाई दी जाएगी। ऐसे में भीनमाल शहर को हर तीसरे दिन पेयजल की सप्लाई दी जा सकती है।

शीघ्र ही मिलेगा नर्मदा का पानी

शहर में पेयजल की समस्या को देखते हुए विभागीय अधिकारियों को नर्मदा डीआर प्रोजेक्ट के शीघ्र ही पानी उपलब्ध करवाने के लिए निर्देश दिए है। भीनमाल के लिए रानीवाड़ा से राजपुरा तक पानी प्रेशर कर टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। करीबन एक सप्ताह के भीतर सप्लाई शुरू होने की संभावना है। - पूराराम चौधरी, विधायक भीनमाल

परेशान है शहरवासी

हमारी कॉलोनी में वर्षों पुरानी पाइप लाइन लगी होने से पानी की विशेष समस्या है। सुबह होते ही पानी की समस्या सताने लगती है। रोजाना टैंकर मंगवाना महंगा पड़ रहा है। बूस्टर का उपयोग होने से अंतिम छोर तक पानी पहुंच ही नही पाता है। -प्रवीण टॉणी, लेखराज बोहरा, मौहल्लेवासी माघ कॉलोनी

वार्ड संख्या 8 ईराणियों के वास में सात दिन में एक बार जलापूर्ति होती है। मात्र आधा घंटे जलापूर्ति होने से पीने के लिए भी पर्याप्त पानी नही मिल पा रहा है। इस संबंध में कई बार ज्ञापन दिए मगर समस्या का स्थाई समाधान हुआ ही नही है। - प्रमिला दवे, गृहिणी ईराणियों का वास

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