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जालोर में आठ माह से तीन दिन के अंतराल में जलापूर्ति 20 दिन बाद नर्मदा का पानी पहुचंने से सुधरेंगे हालात

सांचौर. वॉल्व घुमाकर मुख्य नहर में पानी छोड़ते सांसद व विधायक। नर्मदा का मरम्मत कार्य भी काफी अधूरा जुलाई 2017...

Dainik Bhaskar

Apr 12, 2018, 02:20 AM IST
जालोर में आठ माह से तीन दिन के अंतराल में जलापूर्ति 20 दिन बाद नर्मदा का पानी पहुचंने से सुधरेंगे हालात
सांचौर. वॉल्व घुमाकर मुख्य नहर में पानी छोड़ते सांसद व विधायक।

नर्मदा का मरम्मत कार्य भी काफी अधूरा

जुलाई 2017 के दौरान आई बाढ़ से नर्मदा मुख्य नहर, डीआर प्रोजेक्ट, एफआर प्रोजेक्ट, सहित वितरिकाओं को नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद सरकार ने वापिस नर्मदा नहर के कार्य की मरम्मत शुरू करवाई थी, अभी तक कार्य चल रहा है, लेकिन पेयजल की समस्या को देखते हुए नर्मदा मुख्य नहर के बीच दीवार बनाकर पानी 44 किलोमीटर तक पहुंचाया है। हालांकि टूटी हुई कई जगहों पर नहर का मरम्मत कार्य चल रहा है।

करीब बीस दिन बाद जालोर पहुंचेगा पानी


शून्य प्वाइंट रिड़का से गेट खोलकर सप्लाई शुरू की, सियालू सीजन में सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा पानी

भास्कर न्यूज | जालोर

बीते वर्ष जुलाई माह के अंतिम दिनों में जिले में भारी बारिश के कारण नर्मदा की मुख्य नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस कारण जालोर शहर में मीठे पानी की सप्लाई बंद हो गई थी। करीब आठ महीने बाद नर्मदा मुख्य नहर की मरम्मत हो गई है। बुधवार को शून्य प्वाइंट रिड़का से गेट (वॉल्व) खोलकर सांसद देवजी पटेल, सांचौर विधायक सुखराम बिश्नोई, पूर्व विधायक जीवाराम चौधरी, चितलवाना प्रधान हनुमानप्रसाद भादू की उपस्थिति में मुख्य नहर में सौ क्यूसैक पानी छोड़ा गया। हालांकि, इस सीजन में पानी केवल पेयजल के लिए ही सप्लाई किया जाएगा। सांचौर क्षेत्र के किसानों को सियालू सीजन की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलेगा। बुधवार को छोड़ा गया पानी जीरो से 44 किलोमीटर तैतरोल तक भरने में करीब चौबीस घंटे लगेंगे। इसके बाद सप्लाई के लिए प्रयास किए जाएंगे।

जालोर शहर में होती है तीन-चार दिन अंतराल में सप्लाई : नर्मदा पानी की भरपूर उपलब्धता नहीं होने के कारण जालोर शहर में नर्मदा का पानी भी ट्यूबवैल के पानी के साथ मिलाकर सप्लाई किया जाता था। जिस कारण दो दिन के अंतराल में पेयजल आपूर्ति संभव हो जाती थी, लेकिन नहर टूटने के बाद जलदाय विभाग केवल विभागीय सोर्स पर ही निर्भर हो गया। ऐसे में अब गर्मी के दिनों में तो तीन से चार दिनों के अंतराल में पानी की सप्लाई कर पा रहा है। इसमें भी पानी डिमांड के मुताबिक पानी कम उपलब्ध करवाया जा रहा है। अब नहर फिर ठीक होने से गर्मी के सीजन में शहरवासियों को राहत मिल सकेगी।

डीआर व एफआर प्रोजेक्ट को मिलेगा पानी : नर्मदा मुख्य नहर में 100 क्यूसैक पानी छोड़ा जो डीआर प्रोजेक्ट व एफआर प्रोजेक्ट से विभिन्न शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए सप्लाई होगा। एफआर प्रोजेक्ट से जालोर व आहोर शहर में व डीआर प्रोजेक्ट सांचौर शहर, रानीवाड़ा, जसवंतपुरा व भीनमाल सहित ग्रामीण इलाके में पेयजल के लिए पानी दिया जाएगा।

पाइपलाइन की मिट्टी साफ करने में लग जाएंगे 20 दिन

अतिवृष्टि के दौरान न केवल नहरें व वितरिकाएं टूट गई थी। बल्कि तैतरोल पंप स्टेशन व पाइपलाइनें भी मिट्टी से भर गई थी। अब मुख्य नहर में पानी आने के बाद पाइपलाइन को साफ करने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। इसके बाद जालोर तक सप्लाई के लिए पानी पहुंचेगा। अधिकारियों के मुताबिक इस मशक्कत में करीब बीस दिन लग जाएंगे। उसके बाद जालोर शहर में पूर्व की भांति नर्मदा का मीठा पानी सप्लाई किया जा सकेगा।

इस साल का पानी अगले साल दोगुना मिलेगा

जलप्रवाह के दौरान नर्मदा मुख्य अभियंता गिरीश लोढ़ा ने बताया कि सांचौर में किसानों को इस वर्ष सिंचाई के लिए पानी नहीं मिला है वो पानी अगले साल दोगुना मिलेगा। गुजरात राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक में निर्णय हुआ था कि इस साल नहर टूटी है वो पानी अगले साल दिया जाएगा।

चौबीस घंटे लगेंगे 44 किलोमीटर नहर भरने में

नर्मदा मुख्य नहर में शून्य प्वाईंट रिड़का गुजरात सीमा से क्षेत्र में 100 क्यूसैक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जालोरवासियों को केवल पेयजल सुविधा के लिए ही मिलेगा। क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए एक बार पानी को छोड़ा गया है। पानी छोड़ने के बाद दो दिन तक नर्मदा नहर शून्य से लेकर 44 किमी तक भरने में लगेंगे। जिसके बाद डीआर प्रोजेक्ट व एफआर प्रोजेक्ट में पानी छोड़ा जाएगा।

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