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कार में अचानक ब्रेक लगाए तो पीछे की सीट पर बैठी आबकारी इंस्पेक्टर की पत्नी उछलकर गियर पर पड़ी, हार्ट पर चोट से मौत

भास्कर न्यूज | जालोर/रामसीन रामसीन थाना क्षेत्र के लूर-जोडवाड़ा सड़क पर मंगलवार रात को आबकारी इंस्पेक्टर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:25 AM IST

  • कार में अचानक ब्रेक लगाए तो पीछे की सीट पर बैठी आबकारी इंस्पेक्टर की पत्नी उछलकर गियर पर पड़ी, हार्ट पर चोट से मौत
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    भास्कर न्यूज | जालोर/रामसीन

    रामसीन थाना क्षेत्र के लूर-जोडवाड़ा सड़क पर मंगलवार रात को आबकारी इंस्पेक्टर शंभूसिंह सेरणा ने सामने आ रहे अज्ञात वाहन से बचने का प्रयास करते हुए अचानक ब्रेक लगाए, लेकिन पीछे बैठी उनकी प|ी उछलकर गियर पर गिर गई। हार्ट पर गहरी चोट आने से उनकी मौत हो गई। जिसका पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव बुधवार को परिजनों को सौंप दिया। रामसीन थाने के एएसआई पोकरराम ने बताया कि सेरणा निवासी शंभूसिंह राठौड़ सुमेरपुर में आबकारी निरीक्षक है। मंगलवार शाम को उनकी प|ी व बच्चे के साथ कार में सवार होकर मोदरा की ओर जा रहे थे। कार में आगे की सीट पर उनका बच्चा बैठा था और पीछे की सीट पर प|ी पारसकंवर बैठी थी। लूर-जोड़वाड़ा रोड पर सामने अचानक एक वाहन आ गया। वाहन से बचने के लिए शंभूसिंह ने कार के अचानक ब्रेक लगाए। जिससे कार असंतुलित होकर पेड़ से टकरा गई। अचानक ब्रेक लगे तो पीछे बैठी प|ी भी उछलकर शीशे से टकराते हुए आगे गियर पर गिर पड़ी। पारसकंवर के हार्ट पर गंभीर चोट लगी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आगे की सीट पर बच्चा सोया हुआ था। उसे किसी प्रकार की चोट नहीं लगी। जबकि, खुद इंस्पेक्टर को पैरों में गहरी चोट लगी और स्टेयरिंग के बीच फंस गए। बेहोशी की हालात में करीब पौने घंटे कार में ही पड़े रहे।

    तीन वर्षीय बेटा माधो भी कार में था, जो पूरी तरह सुरक्षित है।

    लेकिन ... पुलिस की बताई कहानी पर भास्कर के सवाल जो जांच की दिशा तय करेंगे यह हादसा या कुछ और ‌?

    1.कार में इंस्पेक्टर, उनकी प|ी और तीन वर्षीय बेटा ही था। तीन साल के बेटे को छोड़कर प|ी पीछे क्यों बैठी थी?

    2.कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकराई है। वह ड्राइवर साइड नहीं है। बोनट इतना क्षतिग्रस्त नहीं है कि स्टेयरिंग की पॉजिशन बिगड़ी हो। ऐसे में इंस्पेक्टर के पांव या शरीर फंसने का घटनाक्रम संदेह पैदा करता है।

    3.अचानक ब्रेक लगाने से पीछे बैठे व्यक्ति के उछलकर आगे गिरने से चोटिल होना संभव है। लेकिन, अगर यह ब्रेक या टक्कर इतना तेज था तो आगे सो रहे बेटे को जरा सी खरोंच भी नहीं आने पर सवाल खड़े होते हैं।

    भास्कर न्यूज | जालोर/रामसीन

    रामसीन थाना क्षेत्र के लूर-जोडवाड़ा सड़क पर मंगलवार रात को आबकारी इंस्पेक्टर शंभूसिंह सेरणा ने सामने आ रहे अज्ञात वाहन से बचने का प्रयास करते हुए अचानक ब्रेक लगाए, लेकिन पीछे बैठी उनकी प|ी उछलकर गियर पर गिर गई। हार्ट पर गहरी चोट आने से उनकी मौत हो गई। जिसका पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव बुधवार को परिजनों को सौंप दिया। रामसीन थाने के एएसआई पोकरराम ने बताया कि सेरणा निवासी शंभूसिंह राठौड़ सुमेरपुर में आबकारी निरीक्षक है। मंगलवार शाम को उनकी प|ी व बच्चे के साथ कार में सवार होकर मोदरा की ओर जा रहे थे। कार में आगे की सीट पर उनका बच्चा बैठा था और पीछे की सीट पर प|ी पारसकंवर बैठी थी। लूर-जोड़वाड़ा रोड पर सामने अचानक एक वाहन आ गया। वाहन से बचने के लिए शंभूसिंह ने कार के अचानक ब्रेक लगाए। जिससे कार असंतुलित होकर पेड़ से टकरा गई। अचानक ब्रेक लगे तो पीछे बैठी प|ी भी उछलकर शीशे से टकराते हुए आगे गियर पर गिर पड़ी। पारसकंवर के हार्ट पर गंभीर चोट लगी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आगे की सीट पर बच्चा सोया हुआ था। उसे किसी प्रकार की चोट नहीं लगी। जबकि, खुद इंस्पेक्टर को पैरों में गहरी चोट लगी और स्टेयरिंग के बीच फंस गए। बेहोशी की हालात में करीब पौने घंटे कार में ही पड़े रहे।

    और यह पुलिस की रिपोर्ट :रामसीन थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को लूर-जोडवाड़ा सड़क पर हुई घटना का मामला, स्टेयरिंग के बीच पैर फंसने से इंस्पेक्टर के हुआ फ्रैक्चर, बेहोशी की हालत में पौने घंटे कार में ही पड़े रहे, सूचना पर पहुंची पुलिस ने अंदर से लॉक कार के दरवाजे खुलवाकर घायल इंस्पेक्टर को अस्पताल पहुंचाया

    हादसे के बाद कार अंदर से हुई लॉक, पुलिस ने खुलवाया

    पेड़ से टकराई कार और उसमें तीनों को अंदर देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। इस पर थाने से एएसआई पोकराराम, कांस्टेबल दौलाराम मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा तो गाड़ी अंदर से लॉक थी। इस पर रास्ते से गुजरने वाली अन्य स्विफ्ट कार की चाबी लेकर लॉक खोला और दोनों को बाहर निकाला। तब तक इंस्पेक्टर की प|ी की मौत हो चुकी थी, वहीं इंस्पेक्टर खुद हल्की बेहोशी की हालात में थे। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ। जिन्हें तत्काल प्रभाव से भीनमाल पहुंचाया।

    पौन घंटे बाद निकाला बाहर

    मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के मुताबिक कुछ और देरी हो जाती तो भारी पड़ जाती। दम घुटने से इंस्पेक्टर व उनके बच्चे की भी जान को खतरा था, लेकिन जैसे ही निकाला तो तत्काल भीनमाल पहुंचाया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात वाहन के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।

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