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ग्रामसेवक: कार्य पूर्ण कर भुगतान उठा लिया, सीसी भी जारी हो गई मनरेगा एईएन: कार्य अभी अधूरा पड़ा है, सीसी भी जारी नहीं हुई है

Bhinmal News - रानीवाड़ा पंचायत समिति के चाटवाडा ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत बनने वाली ग्रेवल सडक में विवाद उत्पन्न होने के...

Dainik Bhaskar

May 29, 2018, 02:25 AM IST
ग्रामसेवक: कार्य पूर्ण कर भुगतान उठा लिया, सीसी भी जारी हो गई 
 मनरेगा एईएन: कार्य अभी अधूरा पड़ा है, सीसी भी जारी नहीं हुई है
रानीवाड़ा पंचायत समिति के चाटवाडा ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत बनने वाली ग्रेवल सडक में विवाद उत्पन्न होने के बाद यह कार्य लुप्त सा हो गया। इतना ही नहीं इसका पूरा बजट अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ग्राम सेवक, सरपंच व ठेकेदार ने मिलकर कागजों में कार्य पूर्ण बताकर 7 लाख 74 हजार का भुगतान उठा लिया। जबकि यह मामला विवादित व गांव में चर्चा का विषय बन गया था। इधर इस मार्ग की वर्तमान स्थिति देखने पर कुछ ही जगह ग्रेवल नजर आ रहा है बाकी मार्ग मिट्टी से अटा पड़ा है। हैरत की बात तो यह है कि इस कार्य को ग्राम सेवक स्वयं पूर्ण बता रहा है जबकि नरेगा एईएन का कहना है कि यह कार्य अभी पूर्ण होना शेष है तथा इसकी सीसी भी जारी नहीं हुई है। ग्राम सेवक व सरपंच ने बिना पैमाइश किए ही एक व्यक्ति के खेत में ग्रेवल डाला तथा जांच होने पर इसे हटाया भी गया। लेकिन अब अपना बचाव करने के लिए खेत मालिक द्वारा ग्रेवल हटाने की बात की जा रही है। इनके खिलाफ मामला दर्ज करने की बात की जा रही है जबकि इस संबंध में पुलिस थाने में कोई मामला भी दर्ज नहीं है। फाइल फोटो में ग्राम सेवक स्वयं ठेकेदार की सहायता से ग्रेवल हटाता हुआ साफ नजर आ रहा है। ऐसे में सरपंच व ग्राम सेवक द्वारा लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

ऐसे उत्पन्न हुआ विवाद

वीर थान से मंगलाराम गरोडा के खेत तक ग्राम पंचायत को नरेगा के तहत इस मार्ग पर ग्रेवल सड़क बनानी थी इसको लेकर ग्राम सेवक व सरपंच ने आम रास्ता होते हुए भी बिना पैमाइश किए ही सोनाराम पुत्र प्रभूराम कलबी के मार्ग से सटे खेत में करीब पांच सौ फीट ग्रेवल डाल दिया। इस पर सोनाराम ने ग्राम पंचायत में आपत्ति दर्ज करवाई जिस पर ग्राम पंचायत ने कहा कि यह रास्ता उसके खेत में से होकर ही निकल रहा है इसलिए वही ग्रेवल डाला गया है। इसके पश्चात सोनाराम ने उपखण्ड अधिकारी रानीवाड़ा को प्रार्थना पत्र पेशकर बिना पैमाइश किए डाले ग्रेवल की जांच करवाने की मांग की। १३ जून २०१७ को एसडीएम ने तहसीलदार को जांच करने के आदेश जारी किए। २९ जून 2017 को जांच करने पर सामने आया कि खेदाराम के खेत में कोई रास्ता नहीं निकल रहा है और पास ही स्थित आम रास्ते को ग्रेवल के लिए चिह्नित किया। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम सेवक व सरपंच ने अपनी मनमर्जी से ही यह ग्रेवल डाला है। खेत मालिक सोनाराम ने जांच की प्रति ग्राम पंचायत में दिखाई तो आनन-फानन में ग्राम सेवक ने ठेकेदार की जेसीबी की सहायता से खेत में डाला गया ग्रेवल हटा दिया। ग्रेवल हटाने के दौरान ली गई तस्वीर में ग्रामसेवक भलाराम परिहार ठेकेदार की जेसीबी से ग्रेवल हटाता हुआ साफ नजर आ रहा है। जबकि ग्राम सेवक व सरपंच का कहना है कि यह ग्रेवल खेत मालिक सोनाराम ने ही हटाया है। अपने बचाव के लिए खेत मालिक द्वारा ग्रेवल हटाने की बात कहकर अपना बचाव कर रहे है।

ग्राम सेवक, सरपंच व ठेकेदार ने कागजों में कार्य पूर्ण बताकर 7 लाख 74 हजार का भुगतान उठा लिया

भीनमाल। चाटवाडा में वीर थाने से मंगलाराम गरोडा के खेत तक जाने वाले रास्ते की वर्तमान स्थिति।

भीनमाल. चाटवाडा में खेदाराम के खेत से ठेकेदार की जेसीबी से ग्रेवल हटाते हुए ग्रामसेवक भलाराम परिहार। -फाइल फोटो

भास्कर न्यूज | भीनमाल

रानीवाड़ा पंचायत समिति के चाटवाडा ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत बनने वाली ग्रेवल सडक में विवाद उत्पन्न होने के बाद यह कार्य लुप्त सा हो गया। इतना ही नहीं इसका पूरा बजट अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ग्राम सेवक, सरपंच व ठेकेदार ने मिलकर कागजों में कार्य पूर्ण बताकर 7 लाख 74 हजार का भुगतान उठा लिया। जबकि यह मामला विवादित व गांव में चर्चा का विषय बन गया था। इधर इस मार्ग की वर्तमान स्थिति देखने पर कुछ ही जगह ग्रेवल नजर आ रहा है बाकी मार्ग मिट्टी से अटा पड़ा है। हैरत की बात तो यह है कि इस कार्य को ग्राम सेवक स्वयं पूर्ण बता रहा है जबकि नरेगा एईएन का कहना है कि यह कार्य अभी पूर्ण होना शेष है तथा इसकी सीसी भी जारी नहीं हुई है। ग्राम सेवक व सरपंच ने बिना पैमाइश किए ही एक व्यक्ति के खेत में ग्रेवल डाला तथा जांच होने पर इसे हटाया भी गया। लेकिन अब अपना बचाव करने के लिए खेत मालिक द्वारा ग्रेवल हटाने की बात की जा रही है। इनके खिलाफ मामला दर्ज करने की बात की जा रही है जबकि इस संबंध में पुलिस थाने में कोई मामला भी दर्ज नहीं है। फाइल फोटो में ग्राम सेवक स्वयं ठेकेदार की सहायता से ग्रेवल हटाता हुआ साफ नजर आ रहा है। ऐसे में सरपंच व ग्राम सेवक द्वारा लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

ऐसे उत्पन्न हुआ विवाद

वीर थान से मंगलाराम गरोडा के खेत तक ग्राम पंचायत को नरेगा के तहत इस मार्ग पर ग्रेवल सड़क बनानी थी इसको लेकर ग्राम सेवक व सरपंच ने आम रास्ता होते हुए भी बिना पैमाइश किए ही सोनाराम पुत्र प्रभूराम कलबी के मार्ग से सटे खेत में करीब पांच सौ फीट ग्रेवल डाल दिया। इस पर सोनाराम ने ग्राम पंचायत में आपत्ति दर्ज करवाई जिस पर ग्राम पंचायत ने कहा कि यह रास्ता उसके खेत में से होकर ही निकल रहा है इसलिए वही ग्रेवल डाला गया है। इसके पश्चात सोनाराम ने उपखण्ड अधिकारी रानीवाड़ा को प्रार्थना पत्र पेशकर बिना पैमाइश किए डाले ग्रेवल की जांच करवाने की मांग की। १३ जून २०१७ को एसडीएम ने तहसीलदार को जांच करने के आदेश जारी किए। २९ जून 2017 को जांच करने पर सामने आया कि खेदाराम के खेत में कोई रास्ता नहीं निकल रहा है और पास ही स्थित आम रास्ते को ग्रेवल के लिए चिह्नित किया। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम सेवक व सरपंच ने अपनी मनमर्जी से ही यह ग्रेवल डाला है। खेत मालिक सोनाराम ने जांच की प्रति ग्राम पंचायत में दिखाई तो आनन-फानन में ग्राम सेवक ने ठेकेदार की जेसीबी की सहायता से खेत में डाला गया ग्रेवल हटा दिया। ग्रेवल हटाने के दौरान ली गई तस्वीर में ग्रामसेवक भलाराम परिहार ठेकेदार की जेसीबी से ग्रेवल हटाता हुआ साफ नजर आ रहा है। जबकि ग्राम सेवक व सरपंच का कहना है कि यह ग्रेवल खेत मालिक सोनाराम ने ही हटाया है। अपने बचाव के लिए खेत मालिक द्वारा ग्रेवल हटाने की बात कहकर अपना बचाव कर रहे है।

बिना कार्य किए ही कर दिया था 7 लाख ७४ हजार रुपए का भुगतान

इस कार्य में ठेकेदार द्वारा अलग-अलग बिलों से एक ही तिथि को भुगतान उठाना गया है जिसमें फर्म ने बिल नं. 34,81 व 85 द्वारा 18 अप्रेल 2018 को 4 लाख 87 हजार 870 रूपए का भुगतान सामग्री के नाम से उठाया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत ने भी २५६० दिन का भुगतान अलग-अलग मजदूरों के खाते में 2 लाख 87 हजार 36 रूपए उठाया गया है। कागजों में इस कार्य को फरवरी २०१७ से शुरू कर फरवरी २०१८ तक चलना बताया गया है जबकि कार्य मात्र कुछ ही दिनों तक चलने के बाद विवाद की भेंट चढ़ता देख पंचायत ने मौका देखकर इस कार्य को अधूरा छोड़कर पूरा भुगतान उठा लिया।

जारी हो गई सीसी


इनका कहना है



जारी नहीं हुई सीसी



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 मनरेगा एईएन: कार्य अभी अधूरा पड़ा है, सीसी भी जारी नहीं हुई है
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 मनरेगा एईएन: कार्य अभी अधूरा पड़ा है, सीसी भी जारी नहीं हुई है
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