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जैनाचार्य का भीनमाल पहुंचने पर किया सामैया, प्रवचन में बताए जैन धर्म के सिद्धांत

स्थानीय पुराने डाकघर के पास स्थित महावीर स्वामी मंदिर प्रांगण में जैनाचार्य नित्यानंद सूरीश्वर एवं जैनाचार्य...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 02:25 AM IST
स्थानीय पुराने डाकघर के पास स्थित महावीर स्वामी मंदिर प्रांगण में जैनाचार्य नित्यानंद सूरीश्वर एवं जैनाचार्य जयर|सूरीश्वर के साथ मुनि मण्डल का सामैया कर शहरवासियों ने अगुवानी करते हुए भव्य स्वागत किया। जैनाचार्य 72 जिनालय प्रांगण से विहार करते हुए मंगलवार को भीनमाल शहर में प्रवेश किया। इस अवसर पर महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए गुरू का गुनगान किया। चर्तुविद संघ के साथ जैनाचार्य, साधुमंडल एवं श्राविक श्राविकाओं ने जिन मंदिर के दर्शन करते हुए महावीर स्वामी मंदिर प्रांगण में प्रवेश किया। जहां पर धर्मसभा का आयोजन हुआ। धर्मसभा में जैनाचार्य नित्यानंद सूरीश्वर ने प्रवचन में समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि हमें जिन आज्ञा का पालन करते हुए एकता बनाए रखनी है। उन्होंने मानव जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन में हमेशा सत कर्म करने चाहिए जिससे दूसरों को खुशी मिलती है तथा हमें शांति मिलती है। जैनधर्म के सिद्धांतों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के अनुयायी के रूप में हमें जैनधर्म विरासत में मिला है इसलिए इसका प्राणी मात्र की सेवा में उपयोग करना चाहिए। जैनाचार्य जयर|सूरीश्वर मसा ने आह्वान किया कि जैनधर्म को बनाए रखने के लिए हमें हर संभव प्रय| करने चाहिए। उन्होंने भीनमाल के अतीत के बारे में बताते हुए कहा कि यहां कि परंपरा गौरवशाली रही है। जैनाचार्य ने चातुर्मास के दौरान धर्मक्रिया करने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा समय का सदुपयोग कर धर्म आराधना करनी चाहिए।

स्वामीवात्सयल्य का आयोजन : जैनाचार्य के प्रवेश के उपलक्ष्य में स्थानीय महावीर स्वामी मंदिर प्रांगण में स्वामीवात्सल्य का भी आयोजन किया गया जिसमें सभी जैन समाज के लोगों ने भाग लिया। इस मौके घेवरचंद सेठ, भंवरलाल बोहरा, भंवरलाल कोमता, सुरेश बोहरा, माणकमल भंडारी, प्रेमराज बोहरा, उमराव सेठ, सोमतमल दोशी, भंवरलाल कानूंगो, हेमलता जैन, मेघराज बाफना, राजमल धोकड, पृथ्वीराज बाफना, घेवरचंद बाफना, मदनलाल, ललित, विनोद सहित कई जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।