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छात्रों के अनुपात में गिलास, भगोना, टंकी, जग, पलटा और छलनी खरीदने के लिए गाइडलाइन और बजट किया तय

भास्कर न्यूज | जालोर भीनमाल इन दिनों बाजार में बर्तन विक्रेताओं की दुकानों पर धनतेरस सी भीड़ लगी हुई है। ये भीड़...

Dainik Bhaskar

Jul 01, 2018, 02:25 AM IST
छात्रों के अनुपात में गिलास, भगोना, टंकी, जग, पलटा और छलनी खरीदने के लिए गाइडलाइन और बजट किया तय
भास्कर न्यूज | जालोर भीनमाल

इन दिनों बाजार में बर्तन विक्रेताओं की दुकानों पर धनतेरस सी भीड़ लगी हुई है। ये भीड़ भी सिर्फ सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की है। दरअसल, राज्य सरकार ने दो जुलाई से सभी सरकारी स्कूलों में लागू होने वाली अन्नपूर्णा दुग्ध योजना से जालोर जिले के बर्तन विक्रेताओं को लगभग पचास लाख रुपए का कारोबार होने का अनुमान है। सरकार ने सभी स्कूलों को छात्रों के अनुपात में गिलास, भगोना, टंकी, जग, पलटा और छलनी खरीदने के लिए पूरी गाइडलाइन और बजट तय किया है। यह खरीद टेंडर की बजाए मार्केट से की जाएगी। यही वजह की बर्तनों की खरीद और डिमांड बढ़ गई। आमतौर पर इन दिनों बर्तनों की डिमांड बेहद कम रहती है। हालात ये हैं कि दूध वितरण के लिए जितने बर्तनों की डिमांड है उतने बर्तन बाजार में नहीं मिल रहे। कई दुकानों पर गिलास और भगोने खत्म हो चुके हैं तो कुछ पर स्टील के भगोने-टंकी नहीं है। जहां उपलब्ध है उन दुकानदारों ने पांच से दस फीसदी दरें बढ़ा दी है।

दूध और इसके बजट का गणित समझिए 241 दिन के सत्र में पिलाएंगे 4 अरब 34 करोड़ रुपए का दूध

दूध और इसके बजट का गणित समझिए 241 दिन के सत्र में पिलाएंगे 4 अरब 34 करोड़ रुपए का दूध

इस सत्र स्कूल कुल 241 दिन खुलेंगे। सप्ताह में तीन दिन बच्चों को दूध पिलाया जाएगा। इस हिसाब से पूरे सत्र में औसतन करीब 100 दिन में 4 अरब 34 कराेड़ रुपए का दूध पिलाया जाना है। राज्य में कक्षा 1 से 8वीं के 66 हजार 506 सरकारी स्कूलों और मदरसों में 16.62 करोड़ रुपए के भगोने और स्टील टंकी खरीदी जाएगी। प्रत्येक स्कूल के लिए इस मद में 2500 रुपए का बजट तक किया है। वहीं, इनमें पढ़ने वाले 62 लाख बच्चों के लिए इतनी ही संख्या में 12.40 करोड़ रुपए के गिलास खरीदे जाएंगे। प्रत्येक बच्चे के लिए गिलास की कीमत 20 रुपए तय की गई है।

इधर, जालोर में प्रारंभिक सेटअप की 1514 स्कूलों में एक लाख 20 हजार 570 बच्चे तथा माध्यमिक सेटअप की 369 स्कूलाें में एक लाख 32 हजार बच्चे है। अधिकारियों की माने तो माध्यमिक सेटअप की स्कूलाें में आठवीं कक्षा तक लगभग एक लाख बच्चे अध्ययनरत है। यानि जिले में 2 लाख 20 हजार बच्चों को दूध पिलाया जाएगा।

मापदंड के अनुसार खरीदना है स्टील भगोना, बाजार में उपलब्ध है एल्युमिनियम का

सरकार ने मापदंड में स्टील के बर्तन खरीदने की अनिवार्यता की है लेकिन बाजार में किसी भी दुकान पर स्टील के भगोने नहीं है। सिर्फ एल्युमिनियम से बने भगोने ही उपलब्ध है। प्रत्येक स्कूल को पांच आइटम खरीदने हैं जिसके लिए सरकार ने प्रति स्कूल 2500 रुपए दिए। इसमें दूध गर्म करने के लिए 15 गेज का स्टेनलेस स्टील भगोना, स्टील टंकी, एक जग (2किलो), चलनी और पलटा लेना है।

बर्तनों की दुकानों पर धनतेरस सी खरीदारी जालोर में होगा 50 लाख रुपए का कारोबार



नियम तय होने से कई उलझनों में हैं बर्तन खरीदने आए शिक्षक

भीनमाल. कस्बे में बर्तन की एक दुकान से बर्तन खरीदते शिक्षक।

भीनमाल. कस्बे में बर्तन की एक दुकान से बर्तन खरीदते शिक्षक।

400 बच्चों के लिए चाहिए 80 लीटर दूध, लेकिन मापदंड में भगोना का साइज 40 लीटर तक ही निर्धारित

भीनमाल में दुकान पर बर्तन लेने आए राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय संतोषी माता भीनमाल के प्रधानाध्यापक मोतीराम गर्ग ने बताया कि उनके स्कूल में करीब 170 बच्चे हैं जिनके लिए 34 लीटर दूध चाहिए, लेकिन सरकार ने नामांकन अनुसार 20, 30 और 40 लीटर का भगोन खरीदने का मापदंड तय किया है। लेकिन किसी स्कूल में 400 से अधिक बच्चे भी है उनके लिए तो 80 लीटर का भगोना चाहिए जो नियमों में खरीदना है ही नहीं। वहीं एक शिक्षक ने बताया कि बाजार में गिलास नहीं है दुकानदार ने दो दिन बाद बुलाया है।


बर्तनाें की डिमांड बढ़ी, कीमत भी कम आंकी है : विक्रेता

बर्तन विक्रेता ने बताया कि इस तरह से बिक्री सिर्फ दीपावली पर ही होती है। भगोने और गिलास की डिमांड काफी बढ़ गई है। हमने दरें नहीं बढ़ाई है बल्कि सरकार ने ही बर्तनों की कीमत कम लगाई है। देश में स्टील भगोना चुनिंदा कम्पनी ही बनाती है जो भी विशेष डिमांड पर।

जालोर में 44 हजार लीटर दूध की जरूरत

प्रारंभिक सेटअप

1514 स्कूल में 1,20,570 बच्चे

24114 लीटर दूध चाहिए

माध्यमिक सेटअप

369 स्कूल में 1,32,000 कूल बच्चे

इनमें से 1 लाख बच्चे आठवीं तक के

20,000 लीटर दूध चाहिए

(प्रति बच्चे को 200 एमएल दूध मिलेगा, यानि एक लीटर में 5 बच्चे दूध पिएंगे)


छात्रों के अनुपात में गिलास, भगोना, टंकी, जग, पलटा और छलनी खरीदने के लिए गाइडलाइन और बजट किया तय
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