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भीनमाल में बेसहारा मवेशियों का जमघट, पकड़ने के लिए पालिका के पास व्यवस्था नहीं

शहर में हर समय विचरण करने वाले बेसहारा पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है। गली-मौहल्लों की सड़कों पर डेरा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 11, 2018, 02:30 AM IST

भीनमाल में बेसहारा मवेशियों का जमघट, पकड़ने के लिए पालिका के पास व्यवस्था नहीं
शहर में हर समय विचरण करने वाले बेसहारा पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है। गली-मौहल्लों की सड़कों पर डेरा जमाने वाले मवेशियों से आवागमन भी बाधित हो रहा है। इधर नगरपालिका के पास इस समस्या से निपटने के लिए फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए गोशाला संचालक भी अब तो इन बेसहारा पशुओं को लेने से इनकार कर चुके है ऐसे में यह समस्या दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। बेसहारा पशुओं का आतंक इतना है कि विभिन्न मौहल्लों में कई लोग इनसे चोटिल भी हो चुके है। यह समस्या पिछले कई वर्षों से है मगर पालिका इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। हालांकि बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नपा अध्यक्ष देवासी ने 2015 में बेसहारा पशुओं को गोशाला में सुपुर्द करने के लिए पत्र जरूर लिखा था। पालिका द्वारा कुछ समय पहले करीबन 800 पशुओं को विभिन्न गौशालाओं में भेजा गया था मगर इन्हें वापिस छोड़ने के कारण शहर में आ गए है। इस कार्य में शहरवासियों ने चंदा एकत्रित कर गोशालाओं का सहयोग भी किया था। मंगलवार को नीमगोरिया खेतलाजी मंदिर के पास भारी संख्या में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहा जिससे दिनभर दर्शनार्थियों को आवागमन में परेशानी हुई।

भीनमाल कस्बे में घूम रहे बेसहारा गोवंश से कई लोग हो चुके है चोटिल, शिकायत के बावजूद नगर पालिका नहीं कर रही कार्रवाई

भीनमाल. नीमगोरिया मंदिर के सामने लगा बेसहारा पशुओं का जमघट।

पशुओं को छोड़ देते है मालिक

शहर में बेसहारा पशुओं के बढ़ने का एक कारण यह है कि पशु मालिकों द्वारा जब तक पशु दूध देते है तब तक तो घर पर रखते है लेकिन जब दूध देना बंद कर देते है तो इन्हें बेसहारा छोड़ दिया जाता है जिससे शहर में इनकी संख्या में इजाफा होता जा रहा है। गौशालाओं में सांडों को नहीं रखने के कारण यह दिनभर सड़कों पर ही घूमते रहते है।

शहर में इन स्थानों पर यहा होती है परेशानी

शहर में काजी हाउस की व्यवस्था नहीं होने के कारण जुंजाणी बस स्टैण्ड, नेहरू मार्केट, मुख्य बाजार, महावीर चौहराया, अग्रवाल कॉलोनी, दासपा बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन पर मवेशियों से परेशानी होती है इसी के साथ ही शहर के कई मौहल्लों में भी बेसहारा पशुओं से परेशानी उत्पन्न हो रही है। इस वजह से बार-बार यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। कई बार पशुओं के लड़ने की वजह से राहगीरों को दुर्घटना का शिकार भी होना पड़ता है।

फिर सहयोग करे तो गायों को लेने के लिए है तैयार गोशाला

पूर्व में हमने गोशाला में करीबन आठ सौ असहाय पशुओं को व्यापारियों के सहयोग से रखा था। वर्तमान में हमारी गौशाला की दो शाखाओं में १४०० गायों का संरक्षण किया जा रहा है। अगर प्रशासन व व्यापारी फिर सहयोग करते है तो हम इन्हें लेने के लिए तैयार है। -बाबूलाल परमार, अध्यक्ष गोपाल कृष्णा गोशाला भीनमाल

कांजी हाउस नहींं है समाधान

कांजी हाउस से शहर के बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान होने वाला नही है। मैंने पूर्व में भी इन पशुओं को गोशालाओं को सुपुर्द करवाया था लेकिन आर्थिक सहयोग के अभाव में इन्हें छोड़ दिया गया है। सरकार अब नंदीशाला बनाने के लिए कवायद कर रही है। -सांवलाराम देवासी, अध्यक्ष नगरपालिका, भीनमाल

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