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नवजात की जान बचाने के लेबर रूम और एफबीएनसी में लगाए अत्याधुनिक उपकरण

नवजात व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रसव कक्ष व विशेष नवजात शिशु गहन इकाई का कायाकल्प भास्कर न्यूज | जालोर...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:35 AM IST
नवजात व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रसव कक्ष व विशेष नवजात शिशु गहन इकाई का कायाकल्प

भास्कर न्यूज | जालोर

जिले में अब नवजात व शिशुओं की जान सुरक्षित है। नवजात और शिशु मृत्यु दर को कम करने से उद्देश्य से जिले में चलाए जा रहे चिरायु नन्ही जान, हमारी शान कार्यक्रम के तहत चिकित्सा संस्थानों के प्रसव कक्ष तथा जालोर स्थित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र व भीनमाल सीएचसी में संचालित एफबीएनसी (विशेष नवजात शिशु गहन इकाई) की कायापलट की गई है। इनमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं और व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है। यही वजह है कि अब चिकित्सा संस्थानों के लेबर रूम व एसएनसीयू नवजात शिशुओं की जान बनाकर चिरायु साबित हो रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव वीनू गुप्ता एवं शासन सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन के निर्देशानुसार मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी कर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। सीएमएचओ डॉ. बीएल बिश्नोई ने बताया कि जिले में संचालित चिरायु नन्ही जान, हमारी शान कार्यक्रम से नवजात मृत्यु दर कम हुई है। एफबीएनसी में अत्याधुनिक रेडिएंट वार्मर, फोटोथैरेपी मशीन, इन्फ्यूजन पम्प, पल्स ऑक्सीमीटर जैसी मशीनें तथा नए पर्दे, टाइल्स आदि लगाई गई है, जो नवजात शिशु के जीवन की रक्षा करने में सहायक साबित हो रही हैं। वहीं उपकरणों का रखरखाव, इन्फेक्शन कंट्रोल, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान, प्रोटोकॉल संबंधी आईईसी सामग्री का उचित स्थलों पर चस्पा किए गए है। इसके अलावा प्रशिक्षित स्टाफ भी लगाया गया है।