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मरीजों के परिजनों के ठहराव के लिए बनी धर्मशाला में बना दिया बीसीएमओ कार्यालय व मीटिंग हॉल

राजकीय चिकित्सालय में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने के लिए राज्य सरकार ने धर्मशाला के नाम लाखों रुपए का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 10, 2018, 02:35 AM IST

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    राजकीय चिकित्सालय में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने के लिए राज्य सरकार ने धर्मशाला के नाम लाखों रुपए का बजट आवंटित कर धर्मशाला का निर्माण करवाया था। धर्मशाला निर्माण के बाद भी कई महिनों तक उद्घाटन के इंतजार में यह बंद पड़ी रही। गत वर्ष अक्टूबर माह में जनप्रतिनिधियों द्वारा इसका उद्घाटन कर लोगों के ठहरने के लिए इसको खोला गया, लेकिन कुछ माह बाद ही चिकित्सालय प्रशासन द्वारा राज्य सरकार के आदेश का हवाला देते हुए इसमें बीसीएमओ ऑफिस व मीटिंग हॉल का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए बनाई गई धर्मशाला में ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में धर्मशाला के ऊपर बीसीएमओ कार्यालय व नीचे मीटिंग हॉल, स्टोर रूम का संचालन किया जा रहा है इससे मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को फिर से परेशानी हो रही है।

    परिजनों के ठहरने के लिए ही है धर्मशाला

    चिकित्सालय में नवनिर्मित धर्मशाला मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए ही बनाई गई है। अगर इसमें बीसीएमओं कार्यालय व मीटिंग हॉल का का संचालन हो रहा है तो यह गलत है। इस बारे में चिकित्सालय प्रशासन से जानकारी लूंगा। -पूराराम चौधरी, विधायक भीनमाल

    जिला प्रमुख व विधायक ने धर्मशाला के नाम किया था उद््घाटन, उन्होंने लोगों को ठहरने में सुविधा मिलने की बात भी कही थी

    भीनमाल. धर्मशाला में हो रही एएनएम की मीटिंग व रखी गई कुर्सियां।

    फिर से खुले में रात गुजारने को मजबूर परिजन

    राज्य सरकार ने धर्मशाला के नाम बजट आवंटित कर इसका धर्मशाला की तर्ज पर निर्माण करवाया था। कुछ महिनों तक धर्मशाला में ठहरने की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ तो इसमें ऊपरी मंजिल पर बीसीएमओं कार्यालय व ग्राउंड फ्लोर में मीटिंग हॉल व स्टोर रूम बनाया गया है। पूरी बिल्डिंग में अब कहीं भी लोगों के ठहरने के लिए कोई जगह नहीं बची है ऐसे में पहले की तरह ही मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को चिकित्सालय परिसर में ही खुले में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकतर लोग राजकीय चिकित्सालय में साफ-सफाई नहीं होने के कारण चिकित्सालय परिसर में ही रात्रि में सोते है धर्मशाला के अभाव में अब गर्मी के मौसम में भी बिना पंखे व मच्छरों की भिनभिनाहट के बीच सोना पड़ रहा है।

    धर्मशाला के नाम किया था उद््घाटन

    राजकीय चिकित्सालय परिसर में विशेष नवजात सुरक्षा इकाई एवं ब्लड संग्रहण कक्ष के साथ-साथ धर्मशाला का भी जिला प्रमुख बन्नेसिंह गोहिल, विधायक पूराराम चौधरी के हाथों उद्घाटन किया गया था। उस दौरान जिला प्रमुख ने धर्मशाला के निर्माण में बरती गई लापरवाही को लेकर चिकित्सालय प्रभारी को फटकार भी लगाई थी। दोनों जनप्रतिनिधियों ने धर्मशाला उद्घाटन समारोह में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के ठहरने में सुविधा मिलने की बात कही थी, लेकिन अब इसमें कार्यालय का संचालन कर लोगों को गलतफहमी में रखा गया है।

    धर्मशाला में ठहरने के लिए नहीं है व्यवस्था

    राजकीय चिकित्सालय में नवनिर्मित धर्मशाला में राज्य सरकार ने कार्यालय के आदेश दिए है। ऊपर मंजिल पर बीसीएमओ कार्यालय व ग्राउंट फ्लोर पर विभाग के कार्यक्रम व मीटिंग आयोजित की जाती है। अब धर्मशाला में लोगों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। -डॉ. बाबूलाल विश्नोई, सीएमएचओ जालोर

    भीनमाल. धर्मशाला में ऊपरी मंजिल पर संचालित हो रहा बीसीएमओ कार्यालय।

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