भीनमाल

  • Home
  • Rajasthan News
  • Bhinmal News
  • खजूरिया नाले पर बेखौफ अतिक्रमण, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रही नगर पालिका
--Advertisement--

खजूरिया नाले पर बेखौफ अतिक्रमण, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रही नगर पालिका

शहर के भादरड़ा रोड से गुजरने वाला खजूरिया नाला नगरपालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहा...

Danik Bhaskar

Jul 08, 2018, 02:40 AM IST
शहर के भादरड़ा रोड से गुजरने वाला खजूरिया नाला नगरपालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहा हैं। प्रभावशाली अतिक्रमियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े खजूरिया नाले के किनारे अतिक्रमण कर पक्का निर्माण करवा रहे हैं। बावजूद इसके पालिका प्रशासन आंख मूंद कर बैठा हैं। नाले पर हो रहे अतिक्रमण से नाले का बहाव क्षेत्र दिनों-दिन सिमटता जा रहा हैं। जिससे नाले का प्राकृतिक बहाव भी अवरुद्ध हो रहा हैं। खजूरिया नाला शहर से सटा हुआ होने से कई प्रभावशाली भू-माफिया व अतिक्रमी नाले पर निर्माण कर मध्यम वर्गीय लोगों को बेच कर चांदी काट रहे हैं। कुछ अतिक्रमी सर्वप्रथम बाड़ से अतिक्रमण कर कुछ साल बिता देते हैं फिर पक्का निमार्ण कर देते हैं। नाले से गुजरने वाले हर मार्गों के आस-पास नाले की जमीन पर लोगों द्वारा बेझिझक अतिक्रमण व निर्माण कार्य कराए जा रहे है। इतना कुछ होने के बाद भी नगरपालिका व प्रशासनिक अधिकारी उदासीन बने हुए है। खजूरिया नाला शहर से सटा होने से रामसीन रोड़,भादरड़ा रोड़,एम पी रोड, दासपां रोड व जुंजाणी रोड पर भी बहता है। ऐसे में नाले पर अतिक्रमण कर रहे लोग बरसात के दिनो में अतिवृष्टि के दौरान आने वाली बाढ़ की चपेट में भी आते हैं। जिसे नगरपालिका द्वारा उन्हें कुछ समय के लिए सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया जाता हैं। और बाढ़ का खतरा समाप्त होने पर पुन: अपने द्वारा किये गए अतिक्रमण वाले आवास में चले जाते हैं। कई प्रभावशाली अतिक्रमियों की राजनैतिक पहुंच होने के कारण पालिका प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती हैं।

दिन के उजाले में अतिक्रमण, पालिका ईओ जताते है अनभिज्ञता

भीनमाल . खजूरिया नाले पर निमार्णाधीन अतिक्रमण।

सिमट रहा है खजूरिया नाले का बहाव क्षेत्र

शहर स्थित खजूरिया नाले के दोनों ओर हो रहे अतिक्रमण से नाले का बहाव क्षेत्र सिमट कर संकरा होता जा रहा हैं। अतिक्रमी नाले के दोनेा किनारे कच्चा व पक्का अतिक्रमण कर रहे है। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से इन्हें हटाने की जहमत नहीं हो रही हैं। उल्लेखनीय हैं कि बारिश के दिनों में करीब एक-दो माह तक खजूरिया नाला पूरे वेग के साथ बहता है। अतिक्रमण की वजह से भारी बारिश होने पर नाले से बरसाती पानी की निकासी अवरुद्ध हो जाती है। जिससे कई बार बरसात का पानी शहर के कुछ एक हिस्से में घुस जाता है। जिसका खामियाजा अन्य शहरवासियों को भी भुगतना पड़ता हैं। इसके बावजूद भी लोग नाले की जमीन से अतिक्रमण करने से बाज नहीं आ रहे है।

बाढ़ की चपेट में आते हैं अतिक्रमण

पूर्व में कई बार शहर में बाढ़ के हालात बने थे। जिसमें तेज वेग के साथ बहते हुए खजूरिया नाले ने किनारे पर बने हुए मकानों को अपनी चपेट में भी लिया था। उस दौरान अतिक्रमियों द्वारा बनाए गए मकानों में पानी घुस गया था। वहीं कुछ मकान पानी के वेग से गिर गए थे। मगर जैसे ही बाढ़ के हालात सामान्य होते हैं। तो अतिक्रमण पुन: हो जाता हैं।

मुझे जानकारी नहीं है


Click to listen..